शताब्दी एक्सप्रेस में 74 यात्रियों को एक्सपायर्ड ब्रेड परोसी, आईआरसीटीसी ने कैटरर पर जुर्माना लगाया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने 12 जुलाई 2026 को नई दिल्ली-रानी कमलापति शताब्दी एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12002) में 74 यात्रियों को एक्सपायर्ड ब्रेड परोसे जाने के मामले में कैटरिंग सेवा प्रदाता पर भारी जुर्माना लगाया है। परोसी गई पैकेटबंद ब्रेड पर 10 जुलाई 2026 की 'उपयोग की अंतिम तिथि' अंकित थी — यानी यात्रियों को दो दिन पुरानी एक्सपायर्ड ब्रेड नाश्ते में दी गई।
घटनाक्रम कैसे सामने आया
यह मामला तब उजागर हुआ जब एक सतर्क यात्री ने ब्रेड के पैकेट पर छपी समाप्ति तिथि पर ध्यान दिया। इसके बाद अन्य यात्रियों ने भी अपने-अपने नाश्ते के पैकेट जाँचे और एक्सपायर्ड उत्पाद पाए। गौरतलब है कि बताया जाता है कि कई यात्रियों ने एक्सपायरी डेट का पता चलने से पहले ही ब्रेड खा ली थी। इसके बाद ट्रेन में शिकायतों का सिलसिला शुरू हुआ और एक्सपायर्ड ब्रेड के पैकेट दिखाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल गए।
आईआरसीटीसी की प्रतिक्रिया और कार्रवाई
आईआरसीटीसी ने मामले को 'गंभीरतापूर्वक' लेते हुए तत्काल कदम उठाए। रेलवे खानपान निकाय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि संबंधित कैटरिंग सेवा प्रदाता पर भारी जुर्माना लगाया गया है और दोषी पाए गए कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया गया है। इसके साथ ही कैटरिंग एजेंसी को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि यात्रियों को कोई भी पैकेटबंद खाद्य पदार्थ परोसने से पहले उसकी समाप्ति तिथि की अनिवार्य जाँच की जाए।
जाँच के आदेश
आईआरसीटीसी ने घटना की विस्तृत जाँच के आदेश दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि गुणवत्ता जाँच प्रक्रिया के बावजूद समाप्त हो चुके खाद्य पदार्थ यात्रियों तक कैसे पहुँचे। यह ऐसे समय में आया है जब रेलवे की खानपान सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर यात्रियों की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।
यात्रियों पर स्वास्थ्य असर
उपलब्ध नवीनतम जानकारी के अनुसार, प्रभावित 74 यात्रियों में से किसी में भी बीमारी या स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव की आधिकारिक रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है। आईआरसीटीसी ने कहा कि जाँच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की उचित कार्रवाई की जाएगी और ट्रेनों में खाद्य गुणवत्ता तथा यात्री सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
आगे क्या
जाँच के परिणाम और कैटरिंग एजेंसी पर लगाए गए जुर्माने की सटीक राशि अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। यह मामला रेलवे की खानपान निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े करता है और आने वाले दिनों में आईआरसीटीसी की जाँच रिपोर्ट पर सबकी नज़र रहेगी।