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गढ़वाल में 13 नए मोबाइल टावरों को मंजूरी: अनिल बलूनी ने सिंधिया से मिलकर जताया आभार, 92 और टावरों की माँग

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गढ़वाल में 13 नए मोबाइल टावरों को मंजूरी: अनिल बलूनी ने सिंधिया से मिलकर जताया आभार, 92 और टावरों की माँग

सारांश

गढ़वाल के दुर्गम और सीमावर्ती इलाकों में डिजिटल कनेक्टिविटी की लंबी प्रतीक्षा अब कुछ हद तक खत्म होती दिख रही है — 13 नए मोबाइल टावरों की मंजूरी पहला कदम है। सांसद बलूनी ने 92 और टावरों की माँग रखी है, जो इस पहाड़ी क्षेत्र की वास्तविक ज़रूरत को दर्शाती है।

मुख्य बातें

गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र के दूर-दराज और सीमावर्ती इलाकों में 13 नए मोबाइल टावर लगाने की मंजूरी मिली।
BJP सांसद अनिल बलूनी ने 27 अगस्त को केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिलकर आभार व्यक्त किया।
बलूनी ने चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और टिहरी गढ़वाल में 92 अतिरिक्त मोबाइल टावरों की माँग रखी।
मंत्री सिंधिया ने 92 टावरों की माँग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
नए टावरों से शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल सेवाओं और आपदा राहत कार्यों में मदद मिलने की उम्मीद है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अनिल बलूनी के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र के दूर-दराज और सीमावर्ती इलाकों में मोबाइल नेटवर्क तथा इंटरनेट कनेक्टिविटी सुधारने हेतु 13 नए मोबाइल टावर स्थापित करने की स्वीकृति मिल गई है। इस मंजूरी के बाद बलूनी ने 27 अगस्त को केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से नई दिल्ली में मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया।

मुलाकात और एक्स पर पोस्ट

सांसद बलूनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्रीय मंत्री सिंधिया के साथ मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'गढ़वाल में बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक और अहम पहल। गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र के दूर-दराज और सीमावर्ती इलाकों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 13 जगहों पर नए मोबाइल टावर लगाने की मंजूरी मिलने पर, मैंने केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिलकर उनका आभार व्यक्त किया।'

इस बैठक में बलूनी ने मंत्री सिंधिया को गढ़वाल की भौगोलिक जटिलताओं से भी विस्तार से अवगत कराया और क्षेत्र में कनेक्टिविटी की गंभीर आवश्यकता को रेखांकित किया।

गढ़वाल की भौगोलिक चुनौतियाँ

गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र उत्तराखंड के भौगोलिक दृष्टि से सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में गिना जाता है। यहाँ का अधिकांश भूभाग पहाड़ी और दुर्गम है, जहाँ चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और टिहरी गढ़वाल जैसे जिलों के दर्जनों गाँव आज भी मोबाइल नेटवर्क की पहुँच से बाहर हैं। ऊँचाई और कठिन भूगोल के कारण इन इलाकों में टावर निर्माण तकनीकी और लॉजिस्टिक दोनों स्तरों पर जटिल कार्य है।

92 और टावरों की माँग

13 टावरों की मंजूरी को एक शुरुआत मानते हुए बलूनी ने केंद्रीय संचार मंत्री से आग्रह किया कि चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और टिहरी गढ़वाल में 92 अतिरिक्त स्थानों पर नए मोबाइल टावर स्थापित किए जाएँ। बलूनी के अनुसार, मंत्री सिंधिया ने इस माँग पर सकारात्मक रुख अपनाया है और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

आम जनता पर असर

नए टावरों के स्थापित होने से स्थानीय निवासियों को बेहतर संचार सुविधा तो मिलेगी ही, साथ ही प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव अभियानों में भी उल्लेखनीय सहायता मिलेगी। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब उत्तराखंड का यह क्षेत्र प्रतिवर्ष मानसून में भूस्खलन और बाढ़ जैसी आपदाओं से प्रभावित होता है। इसके अतिरिक्त, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल रोज़गार से जुड़ी ऑनलाइन सुविधाओं तक ग्रामीणों की पहुँच भी सुलभ होगी।

आगे की राह

सांसद बलूनी ने स्पष्ट किया कि 'गढ़वाल के विकास और जन-सुविधाओं के विस्तार के लिए हमारी कोशिशें बिना रुके जारी रहेंगी।' 92 अतिरिक्त टावरों पर मंत्रालय की प्रतिक्रिया और अनुमोदन की समयसीमा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन मंत्री के सकारात्मक संकेत को क्षेत्र के लिए उत्साहजनक माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह उन वादों की कतार में शामिल हो जाएगी जो पहाड़ी राज्यों के साथ अक्सर लंबित रहते हैं। आपदा-प्रवण उत्तराखंड में कनेक्टिविटी केवल सुविधा नहीं, बल्कि जीवन-रक्षा का प्रश्न है — और इस नज़रिए से 105 टावरों की पूरी माँग को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गढ़वाल में कितने नए मोबाइल टावरों को मंजूरी मिली है?
गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र के दूर-दराज और सीमावर्ती इलाकों में 13 नए मोबाइल टावर लगाने की मंजूरी मिली है। यह मंजूरी BJP सांसद अनिल बलूनी के प्रयासों के बाद केंद्रीय संचार मंत्रालय द्वारा दी गई है।
अनिल बलूनी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात क्यों की?
13 मोबाइल टावरों की मंजूरी मिलने पर सांसद अनिल बलूनी ने केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिलकर आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और टिहरी गढ़वाल में 92 और मोबाइल टावर लगाने का आग्रह भी किया।
गढ़वाल में मोबाइल कनेक्टिविटी की इतनी समस्या क्यों है?
गढ़वाल का अधिकांश इलाका पहाड़ी और दुर्गम है, जहाँ ऊँचाई और कठिन भूगोल के कारण टावर स्थापित करना तकनीकी रूप से जटिल है। इस कारण कई सीमावर्ती और ऊँचाई वाले गाँव अब भी मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट से वंचित हैं।
नए मोबाइल टावरों से गढ़वाल के लोगों को क्या फायदा होगा?
नए टावरों से स्थानीय निवासियों को बेहतर संचार सुविधा मिलेगी और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्यों में मदद होगी। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल रोज़गार से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुँच भी सुलभ होगी।
क्या 92 अतिरिक्त मोबाइल टावरों को भी मंजूरी मिलेगी?
सांसद बलूनी के अनुसार केंद्रीय संचार मंत्री सिंधिया ने 92 अतिरिक्त टावरों की माँग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालाँकि इस पर औपचारिक मंजूरी की समयसीमा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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