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गोवा चुनाव: शिवसेना (शिंदे गुट) का दावा, 30 विधानसभा सीटों पर उतरेगी पार्टी

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गोवा चुनाव: शिवसेना (शिंदे गुट) का दावा, 30 विधानसभा सीटों पर उतरेगी पार्टी

सारांश

शिवसेना (शिंदे गुट) ने गोवा की 30 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है — यह तब और पेचीदा हो जाता है जब महाराष्ट्र में यही पार्टी भाजपा की सहयोगी है। गजानन कीर्तिकर के मुताबिक एक साल से जमीनी तैयारी जारी है और कई सीटों पर हज़ार से अधिक सदस्य जुड़ चुके हैं।

मुख्य बातें

शिवसेना (शिंदे गुट) ने गोवा की 30 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा किया।
वरिष्ठ नेता गजानन कीर्तिकर ने 17 जून को पणजी में यह घोषणा की।
पार्टी ने लगभग एक वर्ष पहले गोवा में संगठन निर्माण शुरू किया; कुछ सीटों पर एक हज़ार से अधिक नए सदस्य जुड़े।
महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन की सहयोगी होने के बावजूद गोवा में भाजपा के विरुद्ध चुनाव लड़ने की तैयारी।
कीर्तिकर ने त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना स्वीकार की; रोज़गार और जन-असंतोष को प्रमुख मुद्दा बताया।

शिवसेना (शिंदे गुट) ने गोवा विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि पार्टी राज्य की 30 विधानसभा सीटों पर चुनावी मैदान में उतरेगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता गजानन कीर्तिकर ने बुधवार, 17 जून को पणजी में पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी और कहा कि जमीनी स्तर पर व्यापक संपर्क अभियान पहले से जारी है।

संगठन विस्तार की रणनीति

कीर्तिकर के अनुसार, शिवसेना ने लगभग एक वर्ष पहले गोवा में संगठन निर्माण का काम शुरू किया था। उन्होंने कहा, 'पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर संपर्क अभियान चला रहे हैं और स्थानीय मुद्दों को समझने का प्रयास कर रहे हैं।' उनके अनुसार कई विधानसभा क्षेत्रों में प्राथमिक सदस्यता में तेज़ी आई है और कुछ सीटों पर एक हज़ार से अधिक नए सदस्य पार्टी से जुड़ चुके हैं।

जनता के मुद्दे और असंतोष

कीर्तिकर ने कहा कि राज्य की जनता मौजूदा परिस्थितियों से परेशान है। उन्होंने रोज़गार के घटते अवसरों और सरकार के प्रति बढ़ते असंतोष को प्रमुख मुद्दों के रूप में गिनाया। उनके अनुसार जनता एक ऐसे राजनीतिक विकल्प की तलाश में है जो उनकी समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाए।

महायुति गठबंधन और भाजपा से टकराव का सवाल

यह उल्लेखनीय है कि शिवसेना (शिंदे गुट) महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन के तहत भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सहयोगी है। ऐसे में गोवा में भाजपा के विरुद्ध चुनाव लड़ने की संभावना पर पूछे गए सवाल के जवाब में कीर्तिकर ने कहा कि हर चुनाव अपनी चुनौतियाँ लेकर आता है और चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका सामना करना राजनीतिक दलों का दायित्व है। गौरतलब है कि गोवा में भाजपा पहले से सत्तारूढ़ है, ऐसे में यह घोषणा गठबंधन की राजनीति में एक पेचीदा मोड़ की ओर संकेत करती है।

त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना

कीर्तिकर ने स्वीकार किया कि भाजपा के विरुद्ध अन्य दल भी चुनावी मैदान में होंगे, जिससे कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि इस मुकाबले का लाभ किसे मिलेगा, इसका फैसला अंततः जनता करेगी। शिवसेना नेता ने भरोसा जताया कि पार्टी की बढ़ती सक्रियता और संगठनात्मक मज़बूती चुनावी परिणामों में सकारात्मक असर दिखाएगी।

आगे की राह

शिवसेना (शिंदे गुट) की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब गोवा में विभिन्न दलों की चुनावी तैयारियाँ तेज़ हो रही हैं। पार्टी का कहना है कि आगामी चुनाव में वह महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों को लेकर मतदाताओं के बीच जाएगी। राज्य की 40 विधानसभा सीटों में से 30 पर दावेदारी का यह ऐलान गोवा की चुनावी राजनीति को और प्रतिस्पर्धी बनाने का संकेत देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं गोवा में वह प्रतिद्वंद्वी बनने की तैयारी में है। यह वही रणनीति है जो क्षेत्रीय दल अक्सर राज्य-स्तरीय प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए अपनाते हैं, भले ही इससे राष्ट्रीय गठबंधन में तनाव उत्पन्न हो। कीर्तिकर के दावे प्रभावशाली लगते हैं, लेकिन गोवा में शिवसेना का पिछला चुनावी इतिहास सीमित रहा है — असली परीक्षा यह है कि क्या एक वर्ष की जमीनी तैयारी वास्तविक वोट में बदलती है या यह महज़ मोलभाव की राजनीति है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोवा विधानसभा चुनाव में शिवसेना कितनी सीटों पर लड़ेगी?
शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता गजानन कीर्तिकर के अनुसार पार्टी गोवा की 30 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। इसके लिए जमीनी स्तर पर संपर्क अभियान पहले से जारी है।
गोवा में शिवसेना की तैयारी कब से शुरू हुई?
कीर्तिकर के मुताबिक पार्टी ने लगभग एक वर्ष पहले गोवा में संगठन निर्माण का काम शुरू किया था। कुछ विधानसभा क्षेत्रों में एक हज़ार से अधिक नए सदस्य पार्टी से जुड़ चुके हैं।
महाराष्ट्र में भाजपा की सहयोगी होने के बावजूद शिवसेना गोवा में उनके खिलाफ क्यों लड़ेगी?
कीर्तिकर ने इस सवाल पर सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा कि हर चुनाव अपनी चुनौतियाँ लेकर आता है और उनका सामना करना राजनीतिक दलों का दायित्व है। महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन और गोवा में स्वतंत्र रणनीति के बीच यह विरोधाभास अभी तक सुलझा नहीं है।
गोवा में शिवसेना कौन से मुद्दे उठाएगी?
कीर्तिकर ने रोज़गार के घटते अवसरों और जनता के बीच सरकार के प्रति बढ़ते असंतोष को प्रमुख मुद्दों के रूप में गिनाया। पार्टी का कहना है कि वह जनहित के मुद्दों को लेकर मतदाताओं के बीच जाएगी।
गोवा चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना क्यों है?
कीर्तिकर ने स्वीकार किया कि भाजपा के विरुद्ध शिवसेना के अलावा अन्य दल भी मैदान में होंगे, जिससे कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला बन सकता है। उन्होंने कहा कि इसका लाभ किसे मिलेगा, यह जनता तय करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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