10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वारिस पठान का UBT के 6 बागी सांसदों पर तंज: 'असली गद्दार कौन, जनता ने देख लिया'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वारिस पठान का UBT के 6 बागी सांसदों पर तंज: 'असली गद्दार कौन, जनता ने देख लिया'

सारांश

वोट लेकर पाला बदलने का आरोप — वारिस पठान ने UBT के 6 बागी सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने को मुसलमान मतदाताओं के साथ विश्वासघात बताया। महाराष्ट्र की राजनीति में यह घटनाक्रम अल्पसंख्यक वोट बैंक और सेक्युलर गठबंधन की विश्वसनीयता पर नया सवाल खड़ा करती है।

मुख्य बातें

एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने 23 जून को मुंबई में UBT के 6 बागी सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने की कड़ी आलोचना की।
पठान ने आरोप लगाया कि इन सांसदों ने मुसलमान मतदाताओं से 'मशाल' चिह्न पर वोट माँगा और जीतने के बाद दूसरे दल में चले गए।
शिवसेना प्रवक्ता किरण पावस्कर ने कहा कि सांसदों ने उद्धव ठाकरे की नीतियों से नाराज़ होकर पार्टी छोड़ी; एकनाथ शिंदे विलय समारोह में मौजूद थे।
पठान ने लखनऊ कोचिंग अग्निकांड में कथित तौर पर लगभग 15 लोगों की मौत पर दुख जताया और जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर की माँग की।
यह घटनाक्रम महाराष्ट्र में 2024 लोकसभा चुनाव के बाद शिवसेना के दोनों गुटों के बीच जारी राजनीतिक पुनर्गठन का हिस्सा है।

एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने 23 जून को मुंबई में उद्धव ठाकरे के यूबीटी गुट के 6 बागी सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना में शामिल होने पर कड़ा प्रहार किया। पठान ने सीधे शब्दों में कहा कि इन सांसदों का असली चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है।

मुसलमान मतदाताओं से विश्वासघात का आरोप

पठान ने कहा, 'मैं उन तथाकथित सेक्युलर पार्टियों के नेताओं से पूछना चाहता हूँ जो महाराष्ट्र की हर गली में जाकर मुसलमानों को 'मशाल' चुनाव चिह्न पर वोट देने के लिए कह रहे थे। मुसलमानों ने उनकी बात मानकर भारी संख्या में वोट किया। अब वोट लेने के बाद वे दूसरे दल में शामिल हो गए।'

उन्होंने आरोप लगाया कि इन सांसदों ने 'सब कुछ दूसरे दल को हवाले कर दिया है' और अब वे अपने बयानों से मुसलमानों पर हमला करेंगे। पठान ने चेतावनी दी कि जब ये सांसद अपने संसदीय क्षेत्रों में जाएंगे, तो जनता उनसे जवाब माँगेगी।

शिवसेना प्रवक्ता की प्रतिक्रिया

शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रवक्ता किरण पावस्कर ने इस विलय को पार्टी की वैचारिक जीत बताया। उन्होंने कहा कि जब 6 सांसद शिवसेना में शामिल हो रहे थे, उस समय एकनाथ शिंदे और पार्टी के कई मंत्री मौजूद थे। पावस्कर ने दावा किया कि इन सांसदों ने उद्धव ठाकरे और उनके गुट की नीतियों से नाराज़ होकर पार्टी छोड़ी। उन्होंने बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा और प्रतिबद्धता का हवाला देते हुए कहा कि शिंदे ने अपने बेटे को निर्देश दिया है कि नए सदस्यों का ध्यान रखा जाए।

लखनऊ कोचिंग हादसे पर पठान की माँग

वारिस पठान ने लखनऊ में हुए कोचिंग संस्थान अग्निकांड पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस हादसे में कथित तौर पर लगभग 15 लोगों की जान चली गई, जो अत्यंत दुखद है। पठान ने कहा, 'घटनास्थल के वीडियो दिल दहला देने वाले हैं, जिनमें छात्र बैग लटकाए और तारों का सहारा लेकर बाहर निकलने की कोशिश करते दिख रहे हैं।'

उन्होंने सरकार से माँग की कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और उन्हें जेल भेजा जाए। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में शिवसेना के विभाजन के बाद से यूबीटी गुट और शिंदे गुट के बीच सांसदों और विधायकों की खींचतान जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज़ हो रही है। पठान का यह बयान उस व्यापक राजनीतिक बहस को और तीखा करता है जिसमें अल्पसंख्यक मतदाताओं के साथ विश्वास और प्रतिनिधित्व का सवाल केंद्र में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इस बात का है कि क्या महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन अपने मतदाता आधार को एकजुट रख पाएगा। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि इस 'दलबदल' की राजनीतिक कीमत शिंदे गुट को भी चुकानी पड़ सकती है — क्योंकि ये सांसद अपने क्षेत्रों में अब एक नई जवाबदेही के दायरे में होंगे।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वारिस पठान ने UBT के बागी सांसदों पर क्या आरोप लगाया?
वारिस पठान ने आरोप लगाया कि इन सांसदों ने मुसलमान मतदाताओं से 'मशाल' चुनाव चिह्न पर वोट माँगा और चुनाव जीतने के बाद एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना में शामिल हो गए। उनके अनुसार यह मुसलमान मतदाताओं के साथ विश्वासघात है और जनता इनसे जवाब माँगेगी।
UBT के कितने सांसद शिंदे गुट में शामिल हुए और क्यों?
उद्धव ठाकरे के यूबीटी गुट के 6 सांसद एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना में शामिल हुए। शिवसेना प्रवक्ता किरण पावस्कर के अनुसार, इन सांसदों ने उद्धव ठाकरे और उनके गुट की नीतियों से नाराज़ होकर यह कदम उठाया।
शिवसेना (शिंदे गुट) ने इस विलय पर क्या कहा?
शिवसेना प्रवक्ता किरण पावस्कर ने कहा कि विलय समारोह में एकनाथ शिंदे और पार्टी के कई मंत्री मौजूद थे। शिंदे ने अपने बेटे को निर्देश दिया कि नए सदस्यों का ध्यान रखा जाए, और बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा का हवाला देते हुए इसे पार्टी की मज़बूती बताया।
वारिस पठान ने लखनऊ कोचिंग हादसे पर क्या माँग रखी?
पठान ने लखनऊ कोचिंग संस्थान अग्निकांड में कथित तौर पर लगभग 15 लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने सरकार से माँग की कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और उन्हें जेल भेजा जाए।
महाराष्ट्र में शिवसेना विभाजन का राजनीतिक असर क्या है?
2024 लोकसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र में शिवसेना के दोनों गुटों के बीच सांसदों और विधायकों की खींचतान जारी है। 6 सांसदों का शिंदे गुट में जाना यूबीटी की ताकत को कमज़ोर करता है और अल्पसंख्यक मतदाताओं में सेक्युलर गठबंधन की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले