गोकुल मिल्क यूनियन चुनाव: शौमिका महादिक बोलीं — यह राजनीति नहीं, दूध उत्पादकों के हितों की लड़ाई
सारांश
मुख्य बातें
कोल्हापुर जिले के गोकुल मिल्क यूनियन के आगामी चुनाव को लेकर महाराष्ट्र की सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस चुनाव में सभी 25 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल कर दिए हैं। गोकुल मिल्क यूनियन की डायरेक्टर शौमिका महादिक ने इस चुनाव को लेकर स्पष्ट किया कि यह उनके लिए महज राजनीतिक अखाड़ा नहीं, बल्कि कोल्हापुर के लाखों दूध उत्पादक किसानों के आर्थिक हितों की लड़ाई है।
भाजपा की दावेदारी और नामांकन
शौमिका महादिक ने कहा कि BJP ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने कहा, 'गोकुल हमारे लिए सिर्फ एक सरकारी संस्था नहीं है। यह कोल्हापुर जिले के लाखों किसान और दूध उत्पादकों के विश्वास, उनकी मेहनत और उनके वर्षों के योगदान से खड़ी हुई एक संस्था है।'
महादिक ने जोर देकर कहा कि इस संस्था का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए केवल राजनीतिक प्रतिष्ठा की बात नहीं है, बल्कि किसानों के हित में निर्णय लेना, उनकी आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करना और पारदर्शी कामकाज देना उनकी जिम्मेदारी है। यही विचार रखकर सभी उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया।
महायुति में सीट-शेयरिंग पर चर्चा
सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर सीट-बंटवारे को लेकर जारी चर्चाओं पर महादिक ने सतर्क रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अभी किसी अंतिम आँकड़े पर पहुँचना जल्दबाजी होगी। उनके अनुसार, 'सीटों के बंटवारे को लेकर हर स्तर पर चर्चा जारी है, इसलिए कोई भी आँकड़ा बताकर उसे अंतिम घोषित कर देना उचित नहीं होगा।'
उन्होंने भरोसा जताया कि गठबंधन में शामिल सभी राजनीतिक दलों और घटक पक्षों को सम्मानजनक प्रतिनिधित्व मिलेगा। जिले का संपूर्ण संतुलन और तालुका-स्तरीय क्षेत्रीय समीकरण ध्यान में रखते हुए सीटों का वितरण किया जाएगा।
निर्विरोध चुनाव की संभावना
चुनाव के निर्विरोध होने की अटकलों पर महादिक ने बताया कि यह चर्चा स्वयं दूध उत्पादक किसानों और सभासदों की ओर से शुरू हुई है। उन्होंने कहा, 'मैंने सिर्फ उनकी भावना को सामने रखने की कोशिश की।'
महादिक ने यह भी कहा कि जब वे प्रचार के लिए गाँव-गाँव जाती हैं, तो वहाँ के लोगों की इच्छा है कि चुनाव निर्विरोध हो, ताकि राजनीतिक संघर्ष केवल चुनाव तक सीमित न रहकर गाँव-गाँव तक न पहुँचे। उनका स्पष्ट मत है कि 'अगर सभी पक्षों की सहमति से कोई गंभीर पहल होती है, तो चर्चा के मार्ग खुले रखने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।'
संस्था की मजबूती सर्वोपरि
गौरतलब है कि गोकुल मिल्क यूनियन महाराष्ट्र की प्रमुख दुग्ध सहकारी संस्थाओं में से एक है और कोल्हापुर क्षेत्र के हजारों किसान परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी है। ऐसे में इस संस्था के संचालन पर राजनीतिक दलों की नजर स्वाभाविक है।
महादिक ने अंत में दोहराया कि जो भी अंतिम निर्णय हो, वह संघ की मजबूती और दूध उत्पादक भाई-बहनों के हित में होना चाहिए। आने वाले दिनों में सीट-शेयरिंग की अंतिम तस्वीर और निर्विरोध चुनाव की संभावना पर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।