जीटीबी अस्पताल में पंखा गिरने से नहीं, पहले से मौजूद गंभीर बीमारी से हुई मरीज की मौत — अस्पताल प्रशासन
सारांश
मुख्य बातें
गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल, नई दिल्ली के वार्ड नंबर 27 में 18 जुलाई 2026 की रात सीलिंग फैन गिरने की घटना के बाद एक मरीज की मौत को लेकर जो आशंकाएँ जताई जा रही थीं, उन्हें अस्पताल प्रशासन ने सिरे से खारिज कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मरीज की मृत्यु 19 जुलाई 2026 की दोपहर उसकी पहले से मौजूद गंभीर चिकित्सकीय स्थितियों के कारण हुई, न कि पंखा गिरने की घटना से।
घटनाक्रम: क्या हुआ उस रात
18 जुलाई 2026 की रात करीब रात 9:30 बजे वार्ड स्टाफ ने अस्पताल प्रशासन को सूचित किया कि वार्ड नंबर 27 के एक क्यूबिकल में छत से सीलिंग फैन गिर गया है। सूचना मिलते ही PWD की मेंटेनेंस टीम तत्काल मौके पर पहुँची। टीम ने प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित किया, क्षतिग्रस्त पंखा हटाया और उसकी जगह नया सीलिंग फैन लगाकर व्यवस्था बहाल की।
जाँच में क्या सामने आया
19 जुलाई 2026 को क्षतिग्रस्त पंखे की विस्तृत तकनीकी जाँच की गई। जाँच में पाया गया कि पंखे का शाफ्ट टूट गया था, जो उसके गिरने का कारण बना। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि शाफ्ट में इस प्रकार की खराबी की वजह जानने के लिए और गहन जाँच की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना में किसी मरीज, तीमारदार या स्वास्थ्यकर्मी को कोई गंभीर चोट नहीं आई।
मरीज की मौत का असली कारण
अस्पताल की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिस मरीज की मौत हुई, वह पहले से ही अत्यंत गंभीर अवस्था में भर्ती था। उसका उपचार अनियंत्रित उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक/एन्सेफैलोपैथी, एस्पिरेशन निमोनिया और रेस्पिरेटरी फेल्योर (सांस की विफलता) के लिए चल रहा था। पंखा गिरने के तुरंत बाद मरीज की चिकित्सकीय जाँच की गई और बाहरी चोट की संभावना को परखा गया, लेकिन शरीर पर किसी प्रकार का कोई बाहरी चोट का निशान नहीं मिला। मरीज की मृत्यु 19 जुलाई 2026 की दोपहर उसकी पूर्व-विद्यमान चिकित्सकीय जटिलताओं और रेस्पिरेटरी फेल्योर के कारण हुई। शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
अस्पताल प्रशासन की सफाई
अस्पताल ने अपने आधिकारिक बयान में दोहराया कि मरीज की मृत्यु का पंखा गिरने की घटना से कोई संबंध नहीं है। प्रशासन ने कहा कि मरीज की मौत की वजह उसकी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति थी, जिसके लिए वह अस्पताल में पहले से भर्ती था। आगे पंखे की खराबी की जड़ तक पहुँचने के लिए जाँच जारी रहेगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।