दिल्ली: जर्जर शौचालय का पिलर गिरने से 7 वर्षीय तान्या की मौत, MCD पर लापरवाही का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के होलंबी खुर्द स्थित मेट्रो विहार कॉलोनी में 7 जून 2026 को एक दर्दनाक हादसे में 7 वर्षीय तान्या की मौत हो गई, जब एक लंबे समय से बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय के सेफ्टी टैंक पर बना गैस-वेंट पिलर अचानक गिर पड़ा। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि दिल्ली नगर निगम (MCD) और संबंधित प्रशासन को जर्जर ढाँचे की बार-बार शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
हादसे का घटनाक्रम
परिजनों के अनुसार, तान्या कॉलोनी में अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी, तभी सार्वजनिक शौचालय के सेफ्टी टैंक पर लगा गैस पास करने वाला पिलर अचानक ढह गया और वह उसकी चपेट में आ गई। गंभीर चोटों के कारण मासूम की मौत हो गई। तीसरी कक्षा की छात्रा तान्या के जाने से इलाके में शोक का माहौल है और परिवार टूट-सा गया है।
प्रशासनिक लापरवाही के आरोप
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिस सार्वजनिक शौचालय के पास यह हादसा हुआ, वह काफी समय से बंद पड़ा था और उसकी देखरेख या मरम्मत की कोई व्यवस्था नहीं थी। उनके अनुसार, जर्जर ढाँचे और खुले सीवर होल के बारे में MCD तथा संबंधित विभाग को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन हर बार अनदेखी की गई। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे की जर्जर हालत पहले से ही चर्चा में है।
स्थानीय आक्रोश और माँगें
हादसे के बाद मेट्रो विहार कॉलोनी के निवासियों में MCD और प्रशासन के खिलाफ भारी नाराज़गी देखी गई। लोगों का कहना है कि समय रहते रखरखाव और सुरक्षा उपाय किए जाते तो एक मासूम की जान बचाई जा सकती थी। निवासियों ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और कॉलोनी के सभी जर्जर सार्वजनिक ढाँचों की तत्काल जाँच की माँग की है।
दिल्ली में एक और हादसा
गौरतलब है कि इसी सप्ताह शुक्रवार को लोधी रोड पर सीवर लाइन की खुदाई के दौरान दयानंद श्मशान घाट की दीवार गिर गई, जिससे तीन मज़दूर मलबे में दब गए। प्रत्यक्षदर्शी भगवान दास के अनुसार, मज़दूर काम कर रहे थे तभी अचानक दीवार ढह गई। इस हादसे में एक मज़दूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हुए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस करीब 20 मिनट में मौके पर पहुँची।
जाँच और आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग दोनों मामलों की जाँच में जुटे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में सार्वजनिक शौचालयों और नागरिक बुनियादी ढाँचे के नियमित सुरक्षा ऑडिट की सख्त ज़रूरत है। तान्या की मौत के बाद यह सवाल और भी तीखा हो गया है कि आखिर जनता की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं होती।