क्या <b>गुजरात</b> के सीएम <b>भूपेंद्र पटेल</b> 1500 से अधिक अधिवक्ताओं को नोटरी प्रमाण पत्र देंगे?

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क्या <b>गुजरात</b> के सीएम <b>भूपेंद्र पटेल</b> 1500 से अधिक अधिवक्ताओं को नोटरी प्रमाण पत्र देंगे?

सारांश

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल 12 नवंबर को जीएनएलयू में नोटरी पोर्टल का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर 1500 से अधिक अधिवक्ताओं को प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे, जो न्यायिक प्रक्रिया को आधुनिक बनाएगा। डिजिटल शासन की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण है।

Key Takeaways

  • नोटरी पोर्टल का शुभारंभ कानूनी प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाएगा।
  • 1500 से अधिक अधिवक्ताओं को प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।
  • यह प्रणाली धोखाधड़ी को रोकने में मदद करेगी।
  • नागरिकों को ऑनलाइन सेवाओं तक सरल पहुंच मिलेगी।
  • गुजरात का यह कदम डिजिटल शासन की दिशा में महत्वपूर्ण है।

गांधीनगर, 11 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल 12 नवंबर को गुजरात राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (जीएनएलयू) में एक विशेष समारोह के दौरान नोटरी पोर्टल का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर, पूरे गुजरात में नोटरी के रूप में नियुक्त 1,500 से अधिक अधिवक्ताओं को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल इस समारोह में नोटरी पोर्टल को लॉन्च कर राज्य में ई-नोटरी सिस्टम के विकास की शुरुआत करेंगे।

गांधीनगर स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के और सभागार में बुधवार सुबह 11 बजे आयोजित होने वाले इस प्रमाण पत्र वितरण समारोह में उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी, विधि राज्य मंत्री कौशिक वेकरिया, राज्य के महाधिवक्ता और अन्य आमंत्रित अतिथि एवं वकील शामिल होंगे।

नोटरी पोर्टल का शुभारंभ गुजरात में डिजिटल शासन और न्यायिक पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह राज्य की कानूनी प्रमाणन प्रक्रिया को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाता है।

पारंपरिक रूप से, दस्तावेज़ सत्यापन, शपथपत्र, समझौते और संपत्ति सत्यापन जैसी नोटरी सेवाओं के लिए व्यक्तिगत सत्यापन और मैन्युअल रिकॉर्ड-कीपिंग की आवश्यकता होती थी, जिससे अक्सर देरी, त्रुटियाँ और पता लगाने की क्षमता का अभाव होता था।

नया पोर्टल इन प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाता है, जिससे अधिवक्ताओं और नागरिकों को ऑनलाइन नोटरी सेवाओं तक पहुंचने, आवेदन की स्थिति पर नज़र रखने और सत्यापित दस्तावेज़ों को सुरक्षित रूप से संग्रहित करने में मदद मिलती है।

ई-नोटरी प्रणाली शुरू करके, गुजरात का उद्देश्य धोखाधड़ी की प्रथाओं पर अंकुश लगाना, सार्वजनिक सुविधा में सुधार करना और तेज सेवा वितरण सुनिश्चित करना है।

इसके अलावा, यह प्रणाली नोटरी संबंधी कार्यों का एक केंद्रीकृत डेटाबेस तैयार करेगी, जवाबदेही बढ़ाएगी और कानूनी दस्तावेज़ों को अधिक सुलभ, कुशल और छेड़छाड़-रहित बनाएगी, जो भारत के डिजिटल इंडिया और न्याय करने में आसानी के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है।

Point of View

बल्कि नागरिकों को भी न्याय प्रणाली में अधिक पारदर्शिता और सुलभता प्रदान करेगा।
NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

नोटरी पोर्टल का उद्देश्य क्या है?
नोटरी पोर्टल का उद्देश्य कानूनी प्रमाणन प्रक्रिया को डिजिटल बनाना और पारदर्शिता बढ़ाना है।
कौन-कौन से अधिवक्ता प्रमाण पत्र प्राप्त करेंगे?
1,500 से अधिक अधिवक्ताओं को नोटरी के रूप में प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
नोटरी पोर्टल कब लॉन्च होगा?
नोटरी पोर्टल का शुभारंभ 12 नवंबर को होगा।
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