गुजरात सीएम फेलोशिप प्रोग्राम का विस्तार: फेलो 41 से 47, परियोजनाएँ 20 से 45 हुईं
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने 29 अक्टूबर 2026 को 'सरदार पटेल गुड गवर्नेंस सीएम फेलोशिप प्रोग्राम' का विस्तार करते हुए फेलो की संख्या 41 से बढ़ाकर 47 और परियोजनाओं की संख्या 20 से बढ़ाकर 45 कर दी है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में संचालित इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा, कृषि, पोषण और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की खामियों को दूर करना है।
कार्यक्रम का ढाँचा और नॉलेज पार्टनर
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नए प्रस्ताव के तहत इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अहमदाबाद (IIM-A) को इस कार्यक्रम का आधिकारिक 'नॉलेज पार्टनर' बनाया गया है। संस्थान का एक वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य भी इस पहल में विशेष भूमिका निभाएगा। यह फेलोशिप अनुसंधान, विश्लेषण और संबंधित कौशल रखने वाले युवाओं को राज्य प्रशासन के साथ एक से दो वर्ष तक काम करने का अवसर देती है।
गौरतलब है कि IIM-A की भागीदारी इस कार्यक्रम को अकादमिक गहराई और पेशेवर कठोरता दोनों प्रदान करती है — जो शासन-सुधार पहलों में प्रायः अनुपस्थित रहती है।
किन क्षेत्रों में होगा काम
विस्तारित कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पोषण, कृषि, सामाजिक विकास, शहरी प्रशासन, पर्यावरण और लोक प्रशासन जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। पोषण से जुड़ी परियोजनाओं में आंगनवाड़ी सेवाओं, एनीमिया उन्मूलन और प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की पहलें शामिल हैं। 'पीएम पोषण' मिड-डे मील योजना और एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) के बेहतर क्रियान्वयन के लिए पूरे गुजरात में केंद्रीकृत रसोई सुविधाओं के विस्तार की भी जाँच की जाएगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में फेलो सरकारी अस्पतालों में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत दावों से जुड़ी चुनौतियों और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग का गहन अध्ययन करेंगे।
कृषि और शहरी विकास पर विशेष जोर
कृषि से संबंधित परियोजनाओं में प्राकृतिक खेती के तरीकों को अपनाने में आ रही व्यावहारिक बाधाओं की जाँच और किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना प्रमुख प्राथमिकताएँ हैं। शहरी विकास परियोजनाओं में राजकोट नगर निगम में नागरिक सेवाओं के सुधार और शिकायत-विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। भावनगर में ठोस और गीले कचरे की रीसाइक्लिंग तथा संसाधनों के पुन: उपयोग की व्यवस्था की समीक्षा होगी।
एआई टूल्स का सीमित और सत्यापित उपयोग
कार्यक्रम के दिशानिर्देशों के अनुसार, जहाँ आवश्यक हो वहाँ जानकारी वर्गीकृत करने और मुख्य मुद्दों की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टूल्स का उपयोग किया जा सकता है। हालाँकि, यह स्पष्ट किया गया है कि एआई के ज़रिए तैयार की गई किसी भी जानकारी को मूल दस्तावेजों और डेटा से सत्यापित करना अनिवार्य होगा — यह शर्त सरकारी कार्यों में एआई के उत्तरदायित्वपूर्ण उपयोग की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
आगे की राह
फेलो जिला-स्तरीय समितियों के कामकाज, लिए गए निर्णयों पर फॉलो-अप और विभागों के बीच समन्वय की समीक्षा भी करेंगे। इस विस्तार का दीर्घकालिक उद्देश्य साक्ष्य-आधारित नीति अनुसंधान और डेटा विश्लेषण के ज़रिए गुजरात के विकास विजन को मज़बूत आधार देना है। यह कार्यक्रम युवा पेशेवरों को शासन में सक्रिय भागीदार बनाकर सार्वजनिक सेवा वितरण की गुणवत्ता में सुधार की दीर्घकालिक नींव रखने की कोशिश है।