गुजरात CM भूपेंद्र पटेल की बैंकों को हिदायत: किसानों और छोटे उद्यमियों तक पहुंचे ऋण, SLBC की 190वीं बैठक में निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 13 अगस्त 2026 को गांधीनगर में आयोजित स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (SLBC) की 190वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे माइक्रो और लघु उद्यमियों, महिला उद्यमियों, ग्रामीण कारीगरों और छोटे किसानों तक ऋण और वित्तीय सहायता की पहुंच सुनिश्चित करें। उन्होंने इसे 'आखिरी छोर तक क्रेडिट' पहुंचाने की ज़रूरत बताया और बैंकों से सरकारी योजनाओं के तहत आवेदनों की त्वरित प्रोसेसिंग का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश
पटेल ने बैठक में कहा कि बैंकों की भूमिका अब केवल ऋण और वित्तीय लेन-देन तक सीमित नहीं रही — वे सामाजिक विकास और 'विकसित भारत' के विज़न में योगदान देने वाली संस्थाएं बन चुकी हैं। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है और इस सफर में बैंकिंग सेक्टर अहम भूमिका निभा रहा है।"
उन्होंने बैंकों से यह भी कहा कि वे किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना का लाभ अभी तक न उठाने वाले सभी पात्र किसानों को इससे जोड़ें, ताकि योजना का पूर्ण कवरेज सुनिश्चित हो और सही लाभार्थियों तक इसका फायदा पहुंचे।
गुजरात औद्योगिक नीति 2026 का संदर्भ
मुख्यमंत्री ने गुजरात की नई औद्योगिक नीति 2026 का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके तहत स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों, दिव्यांग उद्यमियों और पहली पीढ़ी के उद्यमियों के लिए विशेष सहायता और प्रोत्साहन घोषित किए गए हैं। उन्होंने बैंकों से आग्रह किया कि वे इन वर्गों को समय पर ऋण और वित्तीय सहायता देने के लिए प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग करें।
मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी
बैठक में मुख्य सचिव एम.के. दास ने राज्य सरकार और बैंकिंग क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने गुजरात की बढ़ती अर्थव्यवस्था में बैंकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें साइबर धोखाधड़ी और म्यूल अकाउंट्स के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी। साथ ही उन्होंने बैंकों से शाखा नेटवर्क विस्तार करने को कहा, जिससे सुदूर गांवों तक बैंकिंग सेवाएं सुलभ हो सकें।
बैठक में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. टी. नटराजन, बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ डॉ. देबदत्त चंद, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के क्षेत्रीय निदेशक अमरीश रंजन और केंद्रीय वित्त मंत्रालय के निदेशक स्वागत भंडारी भी उपस्थित रहे।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में औपचारिक ऋण की पहुंच अभी भी सीमित है। गौरतलब है कि KCC जैसी योजनाओं में अपात्रता या जागरूकता की कमी के कारण बड़ी संख्या में किसान अब तक इनका लाभ नहीं उठा पाए हैं। बैंकों को दिए गए ये निर्देश राज्य सरकार की उस प्राथमिकता को दर्शाते हैं जो वित्तीय समावेश को विकास की धुरी मानती है।
आगे क्या
बैठक के निर्देशों के आधार पर बैंकों से अपेक्षा है कि वे KCC कवरेज विस्तार, औद्योगिक नीति 2026 के लाभार्थियों को ऋण वितरण और शाखा नेटवर्क विस्तार की कार्ययोजना शीघ्र प्रस्तुत करें। राज्य सरकार और बैंकिंग क्षेत्र के बीच यह समन्वय गुजरात के समावेशी विकास की दिशा तय करेगा।