गुजरात में ITI अतिथि प्रशिक्षकों का मानदेय दोगुना, मासिक सीमा ₹28,080 हुई
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने राज्य के सरकारी और अनुदान प्राप्त (ग्रांट-इन-एड) औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में कार्यरत विजिटिंग सुपरवाइजरी इंस्ट्रक्टरों के मानदेय में शत-प्रतिशत वृद्धि की है, जिससे अधिकतम मासिक भुगतान ₹14,040 से बढ़कर ₹28,080 हो गया है। श्रम, कौशल विकास और रोजगार विभाग द्वारा मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को जारी सरकारी प्रस्ताव के माध्यम से यह संशोधित दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
संशोधित मानदेय ढाँचा
नए ढाँचे के अनुसार विजिटिंग सुपरवाइजरी इंस्ट्रक्टरों की प्रति घंटा दर ₹90 से बढ़ाकर ₹180 कर दी गई है। इसके साथ ही दैनिक अधिकतम भुगतान ₹540 से दोगुना होकर ₹1,080 हो गया है। तीनों स्तरों — घंटा, दिन और माह — पर एकसमान दोगुनी बढ़ोतरी की गई है, जो इस संशोधन को एक व्यापक और सुसंगत वेतन सुधार बनाती है।
निर्णय की पृष्ठभूमि
गुजरात भर के सरकारी और अनुदान प्राप्त आईटीआई में विभिन्न ट्रेडों में व्यावहारिक और सैद्धांतिक प्रशिक्षण देने के लिए विजिटिंग सुपरवाइजरी इंस्ट्रक्टरों की नियुक्ति की जाती है। ये प्रशिक्षक नामांकित छात्रों को उद्योग-उन्मुख कौशल, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का व्यावहारिक अनुभव और ट्रेड-विशिष्ट निर्देश देते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कुशल तकनीशियनों की माँग और आईटीआई में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर राष्ट्रीय स्तर पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार की मंशा और उद्देश्य
यह निर्णय मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की देखरेख में लिया गया है। श्रम, कौशल विकास और रोजगार मंत्री कुंवरजी बावलिया तथा राज्य मंत्री कांति अमृटिया संबंधित विभाग की निगरानी कर रहे हैं। सरकार के अनुसार, इस बढ़ोतरी का उद्देश्य योग्य और अनुभवी पेशेवरों को आईटीआई में अध्यापन हेतु आकर्षित करना तथा प्रशिक्षण गतिविधियों में निरंतरता बनाए रखना है।
आम जनता और छात्रों पर असर
विभाग के अनुसार, इस संशोधन से प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा क्योंकि बेहतर वेतन के कारण अधिक कुशल उद्योग विशेषज्ञ आईटीआई में सेवाएँ देने के लिए प्रेरित होंगे। गौरतलब है कि आईटीआई छात्रों की शैक्षणिक और व्यावहारिक समय-सारणी में निरंतरता सुनिश्चित करना इस निर्णय का एक महत्त्वपूर्ण पहलू बताया गया है। इससे छात्रों को ट्रेड-विशिष्ट प्रशिक्षण में किसी भी प्रकार की रुकावट से बचाया जा सकेगा।
क्या होगा आगे
संशोधित मानदेय ढाँचा प्रस्ताव जारी होने की तिथि से ही लागू माना जाएगा और यह गुजरात के समस्त सरकारी व अनुदान प्राप्त आईटीआई में कार्यरत विजिटिंग सुपरवाइजरी प्रशिक्षकों पर समान रूप से लागू होगा। व्यावसायिक प्रशिक्षण क्षेत्र में यह कदम राज्य की कौशल विकास नीति को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम संकेत है।