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गुजरात पशुधन बीमा योजना: ₹229 प्रीमियम में 1 लाख पशुओं को ₹40,000 का कवर, 87,147 आवेदन मिले

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गुजरात पशुधन बीमा योजना: ₹229 प्रीमियम में 1 लाख पशुओं को ₹40,000 का कवर, 87,147 आवेदन मिले

सारांश

गुजरात में ₹229 के प्रीमियम पर ₹40,000 का पशु बीमा — राज्य सरकार 85% प्रीमियम खुद वहन करती है। 1 लाख पशुओं का लक्ष्य और 87,147 आवेदन पहले से मिल चुके हैं। ग्रामीण पशुपालकों के लिए यह योजना वित्तीय संकट का एक बड़ा बफर बन सकती है।

मुख्य बातें

गुजरात सरकार 2026-27 में 1 लाख पशुओं को पशुधन बीमा सहायता योजना के तहत कवर देगी।
पशुपालक मात्र ₹229 प्रीमियम देकर ₹40,000 तक का बीमा एक वर्ष के लिए प्राप्त कर सकते हैं; शेष 85% (₹1,300) सरकार वहन करती है।
केंद्र ने गुजरात के लिए ₹250 लाख स्वीकृत किए, जिसमें से ₹115 लाख पहली किस्त जारी; राज्य ने अलग से ₹55 लाख मंज़ूर किए।
आई-खेदूत पोर्टल पर अब तक 87,147 पशुओं के बीमा के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं।
प्रत्येक परिवार अधिकतम 10 बड़े पशु या 100 छोटे पशु बीमित करा सकता है।
पिछले वर्ष 12,228 पशुपालकों के 48,695 पशुओं का इस योजना के तहत बीमा हुआ था।

गुजरात सरकार ने 2026-27 में पशुधन बीमा सहायता योजना के तहत 1 लाख पशुओं को बीमा कवर देने का लक्ष्य तय किया है, जिसमें पशुपालक मात्र ₹229 का प्रीमियम चुकाकर एक वर्ष के लिए ₹40,000 तक का बीमा कवर हासिल कर सकते हैं। राज्य सरकार प्रति पशु ₹1,300 की प्रीमियम सहायता वहन करती है, जो कुल प्रीमियम का 85 प्रतिशत है। 4 नवंबर 2026 को इस पहल का विवरण साझा करते हुए प्रवक्ता एवं मंत्री जीतू वाघानी ने बताया कि आई-खेदूत पोर्टल के माध्यम से अब तक 87,147 पशुओं के बीमा के लिए आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

योजना की संरचना और पात्रता

यह योजना केंद्र सरकार के राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत गुजरात में लागू की जा रही है। प्रत्येक पात्र परिवार अधिकतम 10 बड़े पशु या 100 छोटे पशु इस योजना के तहत बीमित करा सकता है। बड़े पशुओं की श्रेणी में गाय, भैंस, घोड़े, गधे, ऊँट, बैल, बछड़े और नर भैंस शामिल हैं।

वाघानी ने स्पष्ट किया कि इस योजना का मूल उद्देश्य पशुपालक परिवारों को पशुओं की अचानक मृत्यु से होने वाले वित्तीय संकट से सुरक्षित करना है — एक ऐसा जोखिम जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सबसे अधिक असुरक्षित तबके को प्रभावित करता है।

वित्तीय आवंटन और केंद्र का योगदान

2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने गुजरात को इस योजना के तहत ₹250 लाख का आवंटन स्वीकृत किया है, जिसमें से ₹115 लाख पहली किस्त के रूप में जारी किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने अपनी राज्य-वित्त पोषित पशुधन बीमा सहायता योजना के तहत अलग से ₹55 लाख स्वीकृत किए हैं।

यह संयुक्त निवेश दर्शाता है कि केंद्र और राज्य दोनों ग्रामीण पशुधन क्षेत्र को वित्तीय सुरक्षा-जाल से जोड़ने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

पिछले वर्ष का प्रदर्शन

गौरतलब है कि पिछले वर्ष इस योजना के अंतर्गत गुजरात में 12,228 पशुपालकों के 48,695 पशुओं का बीमा किया गया था। वर्तमान लक्ष्य उस आँकड़े से दोगुने से अधिक है, जो योजना के विस्तार की महत्वाकांक्षा को रेखांकित करता है। अब तक प्राप्त 87,147 आवेदन यह संकेत देते हैं कि माँग लक्ष्य के करीब पहुँच रही है।

पशुपालन विभाग की अपील

मंत्री वाघानी ने पशुपालकों से आग्रह किया कि वे अपने पशुओं के पहचान टैग सुरक्षित रखें और पंजीकरण के दौरान सटीक जानकारी दर्ज कराएँ, ताकि दावे के समय कोई बाधा न आए। पशुपालन विभाग सभी पात्र आवेदकों को बीमा योजना के दायरे में लाने की व्यवस्था कर रहा है।

वाघानी ने कहा, 'पशुधन की सुरक्षा ही पशुपालक परिवार की वास्तविक आर्थिक सुरक्षा है।' यह योजना आने वाले महीनों में पात्र पशुपालकों तक पहुँचाई जाएगी, जिससे ग्रामीण आजीविका को एक स्थिर सुरक्षा-आवरण मिल सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

695 पशु बीमित हुए, पर यह नहीं बताया गया कि कितने दावे स्वीकृत हुए और कितने समय में। लक्ष्य को दोगुना करना तभी सार्थक होगा जब बीमा कंपनियों और विभाग के बीच दावा-प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो। 87,147 आवेदन लक्ष्य के करीब हैं — असली परीक्षा अब क्रियान्वयन की है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात पशुधन बीमा योजना में ₹229 में क्या मिलता है?
मात्र ₹229 का प्रीमियम चुकाकर पशुपालक एक वर्ष के लिए प्रति पशु ₹40,000 तक का बीमा कवर प्राप्त कर सकते हैं। बाकी ₹1,300 (कुल प्रीमियम का 85%) राज्य सरकार वहन करती है।
इस योजना में कौन से पशु शामिल हैं और एक परिवार कितने पशु बीमित करा सकता है?
पात्र बड़े पशुओं में गाय, भैंस, घोड़े, गधे, ऊँट, बैल, बछड़े और नर भैंस शामिल हैं। प्रत्येक परिवार अधिकतम 10 बड़े पशु या 100 छोटे पशु इस योजना के अंतर्गत बीमित करा सकता है।
गुजरात पशुधन बीमा योजना 2026-27 के लिए आवेदन कैसे करें?
आवेदन आई-खेदूत पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। पशुपालकों को पंजीकरण के समय पशुओं के पहचान टैग और सटीक जानकारी देना अनिवार्य है ताकि दावे में कोई बाधा न आए।
2026-27 में इस योजना के लिए कितना बजट आवंटित किया गया है?
केंद्र सरकार ने गुजरात के लिए ₹250 लाख स्वीकृत किए हैं, जिसमें से ₹115 लाख पहली किस्त के रूप में जारी हो चुके हैं। राज्य सरकार ने अपनी राज्य-वित्त पोषित योजना के तहत अलग से ₹55 लाख मंज़ूर किए हैं।
पिछले वर्ष इस योजना का लाभ कितने पशुपालकों को मिला?
पिछले वर्ष गुजरात में 12,228 पशुपालकों के 48,695 पशुओं का इस योजना के तहत बीमा किया गया था। 2026-27 में लक्ष्य 1 लाख पशुओं का है, जो पिछले वर्ष से दोगुने से अधिक है।
राष्ट्र प्रेस
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