गुजरात ग्रामीण आवास बोर्ड: पेनल्टी ब्याज माफी की समय-सीमा 31 जनवरी 2027 तक बढ़ी, 9,000 से अधिक परिवारों को राहत
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने गुजरात ग्रामीण आवास बोर्ड की आवास योजनाओं के लाभार्थियों को बड़ी राहत देते हुए पेनल्टी ब्याज पर 100 प्रतिशत छूट की योजना को पाँच महीने के लिए बढ़ा दिया है। अब पात्र लाभार्थी अपनी बकाया मूल राशि चुकाकर इस छूट का लाभ 31 जनवरी 2027 तक उठा सकते हैं। यह निर्णय उन लाभार्थियों को अतिरिक्त अवसर देने के लिए लिया गया है जो पहले चरण में भाग नहीं ले पाए थे।
पहले चरण की उपलब्धियाँ
योजना के पहले चरण में राज्यभर में जिला स्तर पर 22 रिकवरी कैंप आयोजित किए गए। इन कैंपों में 2,988 लाभार्थियों ने अपनी बकाया मूल राशि के एवज में ₹10.57 करोड़ का भुगतान किया। गुजरात ग्रामीण आवास बोर्ड के अनुसार, इन लाभार्थियों को कुल मिलाकर ₹39.51 करोड़ के पेनल्टी ब्याज में छूट प्राप्त हुई — जो इस योजना की व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाता है।
बोर्ड ने बताया कि आवश्यक भुगतान पूर्ण करने के बाद योजना का लाभ उठाने वाले सभी 2,988 लाभार्थियों को लोन क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी कर दिए गए हैं।
योजना का दायरा और पात्र वर्ग
राज्य सरकार ने बोर्ड की हायर-परचेज स्कीम (किराये पर खरीद योजना) के तहत निर्मित आवास परियोजनाओं के लाभार्थियों की मूल बकाया किश्तों पर लगे पेनल्टी ब्याज को माफ करने की यह योजना मंजूर की थी। इसमें निम्नलिखित वर्ग शामिल हैं:
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), कम आय वर्ग (LIG), मध्यम आय वर्ग (MIG), कॉम्पिटिटिव (कम्पोजिट) और कैश लोन हाउसिंग योजना के लाभार्थी। यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण क्षेत्रों में आवास ऋण की वसूली एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
समय-सीमा विस्तार का कारण
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस व्यापक योजना का लक्ष्य 9,000 से अधिक ग्रामीण परिवारों को लाभ पहुँचाना बताया था। पहले चरण में लगभग 2,988 परिवार ही इससे जुड़ पाए, इसलिए शेष पात्र लाभार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए समय-सीमा को 31 जनवरी 2027 तक विस्तारित किया गया है। यह कदम सरकार की उस मंशा को दर्शाता है कि कोई भी पात्र परिवार इस एकमुश्त राहत से वंचित न रहे।
आम जनता पर असर
ग्रामीण आवास बोर्ड ने सभी पात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे बढ़ाई गई समय-सीमा का पूरा लाभ उठाएँ और 31 जनवरी 2027 से पहले आवश्यक भुगतान पूर्ण करें। जो परिवार समय पर बकाया मूलधन चुका देंगे, उन्हें जमा पेनल्टी ब्याज पर पूरी 100 प्रतिशत छूट मिलेगी और साथ ही लोन क्लीयरेंस सर्टिफिकेट भी प्राप्त होगा। यह उन ग्रामीण परिवारों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है जो वर्षों से जमा हुए जुर्माने के बोझ तले दबे हुए थे।
आगे की राह
अब सभी की नज़रें इस बात पर हैं कि दूसरे चरण में कितने लाभार्थी इस योजना से जुड़ते हैं और क्या सरकार 9,000 परिवारों के अपने मूल लक्ष्य को हासिल कर पाती है। बोर्ड द्वारा जिला स्तर पर और कैंप आयोजित किए जाने की संभावना है ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थी इस सुविधा का लाभ उठा सकें।