गुजरात सरकार ने ग्रामीण बेघर परिवारों के भूखंड समतलीकरण सहायता में पाँच गुना इजाफा किया
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने ग्रामीण बेघर परिवारों को आवंटित किए जाने वाले मुफ्त आवासीय भूखंडों के समतलीकरण (लेवलिंग) के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता में उल्लेखनीय वृद्धि की है। सरकार ने प्रति भूखंड सहायता राशि को पाँच गुना और प्रति हेक्टेयर सहायता को चार गुना बढ़ा दिया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण की गति तेज होने की उम्मीद है। यह निर्णय 17 जुलाई 2026 को जारी सरकारी प्रस्ताव के माध्यम से लागू किया गया।
संशोधित सहायता राशि का विवरण
नई व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक मुफ्त आवासीय भूखंड के समतलीकरण के लिए मिलने वाली सहायता ₹1,000 से बढ़ाकर ₹5,000 प्रति भूखंड कर दी गई है। इसके साथ ही, ग्रामों में आवंटन के लिए चिह्नित ऊबड़-खाबड़ भूमि को समतल करने हेतु सहायता ₹50,000 प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर ₹2 लाख प्रति हेक्टेयर कर दी गई है। राज्य सरकार के अनुसार, यह बढ़ोतरी आवास निर्माण से पूर्व भूमि तैयार करने की बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए की गई है।
किन गाँवों को मिलेगा सर्वाधिक लाभ
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस निर्णय से विशेष रूप से उन गाँवों के लाभार्थियों को राहत मिलेगी जहाँ आवंटित भूमि असमतल होने के कारण बिना समतलीकरण के मकान बनाना व्यावहारिक रूप से कठिन होता है। गुजरात सरकार पिछले कई वर्षों से एक योजना के तहत ग्रामीण बेघर परिवारों को 100 वर्ग गज के मुफ्त आवासीय भूखंड आवंटित करती आ रही है। संशोधित सहायता के बाद लाभार्थियों को केवल भूमि ही नहीं, बल्कि उस पर निर्माण-योग्य स्थिति तैयार करने के लिए भी अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्राप्त होगी।
सरकार की प्रतिक्रिया और नीतिगत संदर्भ
पंचायत, ग्रामीण आवास एवं ग्रामीण विकास विभाग ने 17 जुलाई 2026 को इस संबंध में प्रस्ताव जारी किया। यह निर्णय मंत्री ऋषिकेश पटेल और राज्य मंत्री संजयसिंह महिडा के मार्गदर्शन में लिया गया। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम केंद्र सरकार की 'सभी के लिए आवास' (हाउसिंग फॉर ऑल) पहल को आगे बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने पर राष्ट्रीय स्तर पर ज़ोर दिया जा रहा है।
आम जनता पर असर
अधिकारियों ने बताया कि इस पहल से गाँवों में आवासीय क्षेत्रों का योजनाबद्ध विकास होगा और पात्र ग्रामीण परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी एवं तेज होगी। गौरतलब है कि असमतल भूमि पर निर्माण की अतिरिक्त लागत अब तक कई लाभार्थियों के लिए एक बड़ी बाधा रही है, जिससे आवंटित भूखंड खाली पड़े रहते थे।
क्या होगा आगे
संशोधित सहायता राशि 17 जुलाई 2026 के सरकारी प्रस्ताव के अनुसार तत्काल प्रभाव से लागू मानी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इससे ग्रामीण बेघर परिवारों के लिए स्थायी मकानों के निर्माण की गति में उल्लेखनीय तेजी आने की उम्मीद है और 'हाउसिंग फॉर ऑल' के लक्ष्य को साकार करने में गुजरात की भूमिका और सशक्त होगी।