गुलमर्ग गोंडोला में फंसे 300 पर्यटकों का सफल रेस्क्यू, राजनाथ सिंह ने संयुक्त बचाव दल की तारीफ की
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थल गुलमर्ग में 26 मई को गोंडोला (केबल कार) सेवा में अचानक आई तकनीकी खराबी के चलते 300 से अधिक पर्यटक हवा में लटकी केबल कारों में फंस गए। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और नागरिक प्रशासन की संयुक्त टीम ने खराब मौसम के बावजूद सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस सफल बचाव अभियान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बचाव दल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
कैसे हुई खराबी और क्या था असर
सोमवार को गुलमर्ग गोंडोला की बेस स्टेशन से फेज-1 कोंगडोरी के बीच चलने वाली केबल कार सेवा तकनीकी खराबी के कारण अचानक ठप हो गई। इससे कुल 65 केबल कारें प्रभावित हुईं और उनमें सवार सैकड़ों पर्यटक घने बादलों, ठंडी हवाओं और प्रतिकूल मौसम के बीच हवा में अटके रह गए। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बचाव अभियान का संचालन
जम्मू-कश्मीर पुलिस और गोंडोला प्रबंधन प्राधिकरण की मदद की गुहार मिलते ही भारतीय सेना तत्काल सक्रिय हो गई। बुटापथरी बटालियन क्षेत्र से विशेष बचाव दल रवाना किए गए, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी बिना देरी किए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। एसडीआरएफ और अन्य नागरिक एजेंसियों ने भी इस संयुक्त अभियान में कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। राहत कार्य में तेज़ी लाने के लिए गुलमर्ग एटीवी एसोसिएशन की अतिरिक्त गाड़ियाँ भी तैनात की गईं, क्योंकि गोंडोला सेवा के सामान्य होने में समय लगने की संभावना थी।
राजनाथ सिंह की प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, "गुलमर्ग में केबल कारों में फंसे 300 पर्यटकों का सफल बचाव हमारी आपदा राहत एजेंसियों की तत्परता, उनके पेशेवर रवैये, साहस और समन्वय को दर्शाता है। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और नागरिक प्रशासन की संयुक्त बचाव टीम ने इस चुनौतीपूर्ण अभियान को कुशलता और दृढ़ संकल्प के साथ अंजाम दिया। राष्ट्र इस बचाव अभियान में शामिल सभी कर्मियों के समर्पण और सेवा की सराहना करता है।"
गुलमर्ग गोंडोला: एक परिचय
गौरतलब है कि गुलमर्ग रोपवे दुनिया के सबसे ऊँचे और लंबे केबल कार सिस्टमों में से एक है। इसमें कुल 108 केबिन हैं और प्रत्येक केबिन में 6 यात्री बैठ सकते हैं। हर गर्मी के मौसम में भारी संख्या में पर्यटक यहाँ बर्फीली चोटियों के मनोरम दृश्यों का आनंद लेने पहुँचते हैं, जिससे यह सेवा कश्मीर पर्यटन की रीढ़ मानी जाती है।
आगे क्या
अधिकारियों ने तकनीकी खराबी के कारणों की जाँच शुरू कर दी है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब गर्मियों के पर्यटन सीजन में गुलमर्ग में पर्यटकों की आमद अपने चरम पर होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद गोंडोला सेवा की नियमित तकनीकी जाँच और आपातकालीन प्रोटोकॉल की समीक्षा और अधिक ज़रूरी हो गई है।