16 जुलाई 2026
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गुलमर्ग गोंडोला सेवा 2 जून से बहाल, 25 मई को 320 यात्री 6 घंटे हवा में फंसे थे

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गुलमर्ग गोंडोला सेवा 2 जून से बहाल, 25 मई को 320 यात्री 6 घंटे हवा में फंसे थे

सारांश

25 मई को तकनीकी खराबी से 320 यात्री 6 घंटे हवा में फंसे रहे — अब गुलमर्ग गोंडोला 2 जून से फिर शुरू होगी। विशेषज्ञ ट्रायल के बाद सेवा बहाल होगी, पर पीक सीजन में हुए वित्तीय और पर्यटन नुकसान की भरपाई एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

मुख्य बातें

गुलमर्ग गोंडोला सेवा 2 जून 2026 (मंगलवार) से पर्यटकों के लिए फिर शुरू होगी।
1 जून को विशेषज्ञों द्वारा ट्रायल रन के बाद ही परिचालन की अनुमति दी जाएगी।
25 मई को तकनीकी खराबी से 65 केबिनों में 320 यात्री हवा में फंसे, कुछ केबिन 500 फीट की ऊंचाई पर थे।
6 घंटे के बचाव अभियान में भारतीय सेना , जम्मू-कश्मीर पुलिस और SDRF ने सभी को सुरक्षित निकाला।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने खराबी के कारणों की आधिकारिक जांच के आदेश दिए।
25 मई से 1 जून के बीच बुक टिकटों का पूरा पैसा वापस करने का आदेश जारी।

गुलमर्ग गोंडोला केबल कार सेवा 2 जून 2026 (मंगलवार) से पर्यटकों के लिए फिर से शुरू होने जा रही है। 31 मई को अधिकारियों ने बताया कि सोमवार, 1 जून को विशेषज्ञों द्वारा ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद आम जनता के लिए परिचालन बहाल किया जाएगा। यह सेवा 25 मई को आई तकनीकी खराबी के बाद से बंद थी, जब 320 यात्री हवा में लटकी केबिनों में फंस गए थे।

तकनीकी खराबी और बचाव अभियान

25 मई 2026 को गोंडोला प्रणाली में अचानक तकनीकी खराबी आने से 65 केबिनों में सवार 320 यात्री पहाड़ी इलाके में हवा में लटक गए। कुछ केबिन जमीन से 500 फीट की ऊंचाई पर थे, जिससे स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई। करीब 6 घंटे तक चले बचाव अभियान में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी यात्री को कोई गंभीर चोट नहीं आई।

सरकार की प्रतिक्रिया और जांच

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना के तुरंत बाद तकनीकी खराबी के कारणों की आधिकारिक जांच के आदेश दिए। अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद 1 जून को विशेषज्ञ दल गोंडोला प्रणाली की परिचालन सुरक्षा और तकनीकी प्रदर्शन का व्यापक परीक्षण करेगा, जिसके आधार पर 2 जून से सेवा बहाल करने का निर्णय लिया गया है।

टिकट धनवापसी की व्यवस्था

बंदी की अवधि के दौरान, अधिकारियों ने 25 मई से 1 जून के बीच की यात्रा तारीखों के लिए पहले से बुक किए गए सभी टिकटों का पूरा पैसा वापस करने का आदेश जारी किया। यह कदम प्रभावित पर्यटकों को राहत देने के लिए उठाया गया।

पर्यटन और वित्तीय नुकसान

गुलमर्ग गोंडोला जम्मू-कश्मीर के सबसे प्रमुख पर्यटक आकर्षणों में से एक है और यह स्की रिजॉर्ट की पहचान मानी जाती है। रिपोर्टों के अनुसार, पीक सीजन के दौरान आई इस बंदी से संचालन निगम को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है और गुलमर्ग में पर्यटन गतिविधियाँ भी प्रभावित हुई हैं। यह ऐसे समय में हुआ जब पर्यटकों की आवाजाही सबसे अधिक रहती है।

आगे की स्थिति

सेवा के 2 जून से बहाल होने की खबर से पर्यटकों में राहत का माहौल है। गौरतलब है कि विशेषज्ञ ट्रायल रन के नतीजे संतोषजनक रहने पर ही सेवा आम जनता के लिए खोली जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए क्या सुरक्षा उपाय अपनाए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उच्च-ऊंचाई पर्यटन अवसंरचना की नाजुकता का प्रतीक है। पीक सीजन में 320 यात्रियों का 500 फीट की ऊंचाई पर घंटों फंसे रहना बताता है कि आपातकालीन प्रोटोकॉल और नियमित तकनीकी ऑडिट की कितनी ज़रूरत है। जांच के आदेश तो दिए गए हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या रिपोर्ट सार्वजनिक होगी और क्या उसकी सिफारिशें लागू की जाएंगी — या यह भी फाइलों में दब जाएगी। जम्मू-कश्मीर में पर्यटन विकास की महत्वाकांक्षाओं के साथ सुरक्षा मानकों का तालमेल बिठाना अब टाला नहीं जा सकता।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुलमर्ग गोंडोला सेवा कब से फिर शुरू होगी?
गुलमर्ग गोंडोला सेवा 2 जून 2026 (मंगलवार) से पर्यटकों के लिए बहाल होगी। इससे पहले 1 जून को विशेषज्ञ दल सिस्टम का ट्रायल रन करेगा ताकि परिचालन सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
25 मई को गुलमर्ग गोंडोला में क्या हुआ था?
25 मई 2026 को तकनीकी खराबी के कारण गोंडोला प्रणाली ठप हो गई और 65 केबिनों में सवार 320 यात्री हवा में फंस गए। कुछ केबिन जमीन से 500 फीट की ऊंचाई पर थे और करीब 6 घंटे तक चले बचाव अभियान के बाद सभी को सुरक्षित निकाला गया।
बचाव अभियान में कौन-कौन शामिल था?
बचाव अभियान में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से भाग लिया। अधिकारियों के अनुसार किसी भी यात्री को कोई गंभीर चोट नहीं आई।
फंसे हुए समय के दौरान बुक टिकटों का क्या होगा?
अधिकारियों ने 25 मई से 1 जून के बीच की यात्रा तारीखों के लिए बुक किए गए सभी टिकटों का पूरा पैसा वापस करने का आदेश जारी किया है। प्रभावित पर्यटकों को पूर्ण धनवापसी मिलेगी।
क्या इस घटना की जांच होगी?
हाँ, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तकनीकी खराबी के कारणों की आधिकारिक जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में सुरक्षा उपायों को और मजबूत किए जाने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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