10 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गुलमर्ग गोंडोला हादसा: भारतीय सेना ने 184 पर्यटकों को सुरक्षित बचाया, 65 केबल कारें प्रभावित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गुलमर्ग गोंडोला हादसा: भारतीय सेना ने 184 पर्यटकों को सुरक्षित बचाया, 65 केबल कारें प्रभावित

सारांश

गुलमर्ग में गोंडोला की तकनीकी खराबी ने 65 केबल कारों में पर्यटकों को हवा में लटका दिया। खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ी रास्तों के बावजूद भारतीय सेना ने एटीवी और विशेष बचाव दलों के साथ 184 पर्यटकों को सकुशल निकाला — बिना किसी जनहानि के।

मुख्य बातें

गुलमर्ग गोंडोला की बेस स्टेशन से फेज-1 कोंगडोरी के बीच सेवा 25 मई 2026 को तकनीकी खराबी से अचानक ठप हो गई।
कुल 65 केबल कारें प्रभावित हुईं; सैकड़ों पर्यटक हवा में लटकी कारों में फंसे।
भारतीय सेना ने बुटापथरी बटालियन से विशेष बचाव दल रवाना किए और एटीवी तैनात किए।
शाम 5.40 बजे तक 148 और अंततः कुल 184 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया।
एसडीआरएफ , जम्मू-कश्मीर पुलिस और गुलमर्ग एटीवी एसोसिएशन ने संयुक्त अभियान में भाग लिया।
तकनीकी विशेषज्ञ गोंडोला प्रणाली में खराबी की जाँच कर रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में सोमवार, 25 मई 2026 को प्रसिद्ध गुलमर्ग गोंडोला सेवा में तकनीकी खराबी आने से 65 केबल कारों में सवार सैकड़ों पर्यटक हवा में लटक गए। भारतीय सेना, एसडीआरएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त बचाव अभियान में शाम तक कुल 184 पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। खराब मौसम, घने बादलों और ठंडी हवाओं के बीच चलाया गया यह रेस्क्यू ऑपरेशन सेना की त्वरित प्रतिक्रिया का उदाहरण बना।

हादसे का घटनाक्रम

गोंडोला की बेस स्टेशन से फेज-1 कोंगडोरी के बीच सेवा अचानक तकनीकी खराबी के कारण रुक गई, जिससे कई पर्यटक हवा में लटकी केबल कारों में फंस गए। स्थिति गंभीर होते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस और गोंडोला प्रबंधन प्राधिकरण ने भारतीय सेना से सहायता का अनुरोध किया। सूचना मिलते ही सेना तत्काल सक्रिय हो गई और बुटापथरी बटालियन क्षेत्र से विशेष बचाव दल रवाना किए गए।

बचाव अभियान की रणनीति

सेना ने दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर राहत कार्य को गति देने के लिए ऑल-टेरेन व्हीकल (एटीवी) तैनात किए। गुलमर्ग एटीवी एसोसिएशन की अतिरिक्त गाड़ियाँ भी इस अभियान में लगाई गईं, क्योंकि गोंडोला सेवा के शीघ्र सामान्य होने की संभावना नहीं थी। राहत टीमों ने फेज-1 की ओर से 14 केबल कारों को खाली कराया, जबकि बेस स्टेशन की ओर से 12 केबल कारों से पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

बचाव के आँकड़े

सेना के अनुसार, शाम 5.40 बजे तक 148 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला जा चुका था। अभियान जारी रहने के साथ अंततः कुल 184 पर्यटकों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। तकनीकी खराबी से प्रभावित कुल 65 केबल कारों में से सभी को खाली कराने का कार्य पूरा किया गया। यह ऑपरेशन खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बिना किसी जनहानि के संपन्न हुआ।

जाँच और आगे की कार्रवाई

बचाव अभियान के समानांतर तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गोंडोला प्रणाली में आई खराबी की जाँच में जुट गई। गौरतलब है कि गुलमर्ग गोंडोला जम्मू-कश्मीर का प्रमुख पर्यटन आकर्षण है और पर्यटन सीज़न में यहाँ हज़ारों सैलानी प्रतिदिन आते हैं। इस हादसे ने गोंडोला प्रणाली के नियमित तकनीकी रखरखाव और आपातकालीन प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े किए हैं। सहायता और निगरानी अभियान लगातार जारी रहा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि रखरखाव प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल है। सेना की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय है, लेकिन नागरिक बुनियादी ढाँचे की खामियों को सैन्य क्षमता से ढकना दीर्घकालिक समाधान नहीं है। गोंडोला प्रबंधन प्राधिकरण को यह स्पष्ट करना होगा कि आपातकालीन प्रोटोकॉल क्यों इतनी देर से सक्रिय हुए और नियमित तकनीकी ऑडिट की स्थिति क्या है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुलमर्ग गोंडोला हादसा क्या था?
25 मई 2026 को गुलमर्ग गोंडोला की बेस स्टेशन से फेज-1 कोंगडोरी के बीच तकनीकी खराबी आने से सेवा अचानक बंद हो गई, जिससे 65 केबल कारों में सवार पर्यटक हवा में लटक गए। भारतीय सेना और अन्य एजेंसियों के संयुक्त बचाव अभियान में 184 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया।
कितने पर्यटकों को बचाया गया और कैसे?
कुल 184 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया। सेना ने फेज-1 की ओर से 14 और बेस स्टेशन की ओर से 12 केबल कारों को खाली कराया। दुर्गम रास्तों पर राहत कार्य के लिए ऑल-टेरेन व्हीकल (एटीवी) तैनात किए गए।
भारतीय सेना इस अभियान में कैसे शामिल हुई?
जम्मू-कश्मीर पुलिस और गोंडोला प्रबंधन प्राधिकरण से सहायता का अनुरोध मिलते ही भारतीय सेना तत्काल सक्रिय हो गई। बुटापथरी बटालियन क्षेत्र से विशेष बचाव दल रवाना किए गए, जिन्होंने एसडीआरएफ और अन्य नागरिक एजेंसियों के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया।
गुलमर्ग गोंडोला की खराबी की जाँच कब होगी?
बचाव अभियान के समानांतर ही तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गोंडोला प्रणाली में आई खराबी की जाँच में जुट गई। जाँच के नतीजों और सेवा बहाली की समयसीमा की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
क्या इस हादसे में कोई हताहत हुआ?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। सभी 184 पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया, हालाँकि बचाव अभियान खराब मौसम और कठिन पहाड़ी परिस्थितियों में चलाया गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले