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गुलमर्ग गोंडोला तकनीकी खराबी: हवा में फंसे पर्यटक सुरक्षित, DGP नलिन प्रभात घटनास्थल रवाना

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गुलमर्ग गोंडोला तकनीकी खराबी: हवा में फंसे पर्यटक सुरक्षित, DGP नलिन प्रभात घटनास्थल रवाना

सारांश

गुलमर्ग गोंडोला में तकनीकी खराबी से पर्यटक हवा में फंसे — लेकिन बड़ा हादसा टल गया। SDRF, पुलिस, सेना और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने सभी को सुरक्षित निकाला। दुनिया के सबसे ऊँचे केबल कार सिस्टम में से एक पर यह घटना पर्यटन सीजन के बीच सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल उठाती है।

मुख्य बातें

गुलमर्ग गोंडोला में 25 मई 2025 को तकनीकी खराबी से पर्यटक केबिनों में हवा में फंसे।
पुलिस, सेना, SDRF और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने सभी फंसे पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
DGP नलिन प्रभात तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुए; वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर पोस्ट कर स्थिति की निगरानी की पुष्टि की; मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लोगों से शांत रहने की अपील की।
गुलमर्ग रोपवे में 108 केबिन हैं, प्रत्येक में 6 यात्री — यह दुनिया के सबसे ऊँचे केबल कार सिस्टम में से एक है।
तकनीकी खराबी की जाँच जारी; सेवा पुनः शुरू करने से पहले पूर्ण तकनीकी परीक्षण किया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थल गुलमर्ग में 25 मई 2025 को गोंडोला (केबल कार) सेवा में अचानक तकनीकी खराबी आ जाने से कई पर्यटक केबिनों में हवा में फंस गए। त्वरित बचाव अभियान के बाद सभी फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

मुख्य घटनाक्रम

सोमवार को गोंडोला सेवा अचानक ठप हो जाने से केबिनों में सवार पर्यटक कुछ समय के लिए हवा में लटक गए, जिससे घबराहट का माहौल बन गया। जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी नलिन प्रभात तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हो गए और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुँचे। गुलमर्ग रोपवे दुनिया के सबसे ऊँचे और लंबे केबल कार सिस्टम में से एक है — इसमें कुल 108 केबिन हैं और प्रत्येक केबिन में 6 यात्री बैठ सकते हैं।

बचाव अभियान

पुलिस, सेना, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), जिला प्रशासन और SSP की संयुक्त टीम ने मिलकर बचाव अभियान चलाया। प्रशिक्षित दलों ने सभी केबिनों तक पहुँचकर पर्यटकों को एक-एक कर सुरक्षित नीचे उतारा। अधिकारियों के अनुसार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई।

सरकार की प्रतिक्रिया

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वे बचाव अभियान पर लगातार नज़र रख रहे हैं और उन्होंने DGP को घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी लोगों से अपील की कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स पर स्पष्ट किया कि सभी केबिन सुरक्षित हैं और प्रशिक्षित टीमें मौके पर तैनात हैं।

पर्यटक सुरक्षा पर सवाल

यह घटना ऐसे समय में हुई जब गर्मियों के पर्यटन सीजन में गुलमर्ग में भारी संख्या में सैलानी पहुँचते हैं। विशेषज्ञों और पर्यटन हितधारकों के अनुसार इस तरह की तकनीकी खराबी सीधे तौर पर पर्यटकों की सुरक्षा से जुड़ी है और इसकी गहन जाँच आवश्यक है। गौरतलब है कि गुलमर्ग गोंडोला की ऊँचाई और लंबाई को देखते हुए नियमित तकनीकी ऑडिट की माँग पहले भी उठती रही है।

आगे क्या

तकनीकी खराबी की जाँच शुरू हो गई है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि सेवा पुनः शुरू करने से पहले पूर्ण तकनीकी परीक्षण किया जाएगा। इस घटना के बाद गोंडोला संचालन प्रक्रियाओं और आपातकालीन प्रोटोकॉल की समीक्षा की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब आपातकालीन प्रोटोकॉल की मजबूती और प्रतिक्रिया समय की जाँच अनिवार्य है। प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय है, परंतु जाँच के नतीजे सार्वजनिक किए बिना 'स्थिति नियंत्रण में है' का बयान पर्याप्त नहीं होगा।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुलमर्ग गोंडोला में खराबी कब और क्यों आई?
25 मई 2025 को सोमवार को गुलमर्ग गोंडोला सेवा में तकनीकी खराबी आई, जिसके कारण केबल कार अचानक बंद हो गई। खराबी का सटीक कारण जाँच के दायरे में है।
क्या गोंडोला में फंसे सभी पर्यटक सुरक्षित हैं?
हाँ, पुलिस, सेना, SDRF और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने बचाव अभियान चलाकर सभी फंसे पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
गुलमर्ग गोंडोला कितना बड़ा है और इसमें कितने लोग सफर कर सकते हैं?
गुलमर्ग रोपवे दुनिया के सबसे ऊँचे और लंबे केबल कार सिस्टम में से एक है। इसमें कुल 108 केबिन हैं और प्रत्येक केबिन में 6 यात्री बैठ सकते हैं।
सरकार ने इस घटना पर क्या कदम उठाए?
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने DGP को घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया और एक्स पर स्थिति की निगरानी की पुष्टि की। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लोगों से शांत रहने की अपील की और मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
क्या गोंडोला सेवा फिर से शुरू होगी?
प्रशासन के अनुसार सेवा पुनः शुरू करने से पहले पूर्ण तकनीकी परीक्षण किया जाएगा। तकनीकी खराबी की जाँच जारी है और आगे की कार्रवाई उसके नतीजों पर निर्भर करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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