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जम्मू-कश्मीर: बर्फबारी और भूस्खलन के बाद 22 वाहनों का सफल बचाव अभियान

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जम्मू-कश्मीर: बर्फबारी और भूस्खलन के बाद 22 वाहनों का सफल बचाव अभियान

सारांश

जम्मू-कश्मीर में सोमवार को बर्फबारी और भूस्खलन के कारण फंसे 22 वाहनों को सुरक्षित निकाला गया। प्रशासन ने त्वरित बचाव अभियान चलाया और सभी पर्यटकों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी और भूस्खलन के कारण 22 वाहन फंसे थे।
प्रशासन ने त्वरित और प्रभावी बचाव अभियान चलाया।
सभी फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया।
मौसम विभाग ने अगले दिन स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई।
निवासियों को हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

श्रीनगर, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर में सोमवार को एक प्रभावी बचाव अभियान के दौरान पर्यटकों और अन्य यात्रियों को ले जा रहे 22 वाहनों को सुरक्षित रूप से निकाला गया। यह अभियान बर्फबारी और भूस्खलन के कारण बांदीपोरा-गुरेज सड़क के बंद होने के बाद शुरू किया गया।

अधिकारियों के अनुसार, बांदीपोरा की जिला प्रशासन ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग (एमईडी) और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के सहयोग से, गुरेज घाटी में फंसे वाहनों और पर्यटकों को निकालने में मदद की।

अचानक बर्फबारी, कीचड़ खिसकने और चट्टानें गिरने के कारण, विशेष रूप से राजदान टॉप के पास कई वाहन फंस गए थे।

तेज हवाओं और तूफानी मौसम ने स्थिति को और जटिल बना दिया, जिससे बचाव दल के सामने कई चुनौतियाँ आईं। फंसे हुए पर्यटकों से एसओएस संदेश मिलने पर, जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की।

बांदीपोरा की उपायुक्त इंदु कंवल चिब ने बचाव कार्य की बारीकी से निगरानी की और सभी संबंधित विभागों को यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

एमईडी और बीआरओ की टीमों ने कठिन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करते हुए बर्फ और मलबा हटाने का कार्य किया, जिससे फंसे हुए वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हुई।

सभी फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया और मौके पर चिकित्सा सहायता सहित आवश्यक सहायता प्रदान की गई।

मैदानी इलाकों में लगातार बारिश और पहाड़ों में हल्की से मध्यम बर्फबारी के कारण, सोमवार को केंद्र शासित प्रदेश में जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने बताया कि यह मौसम प्रणाली मंगलवार शाम तक जारी रहेगी, जिसके बाद स्थिति में सुधार होगा।

घाटी के गांदरबल, अनंतनाग और कुपवाड़ा जिलों के प्रशासन ने हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों में चेतावनी जारी की है, और निवासियों को सलाह दी है कि जब तक चेतावनी वापस नहीं ली जाती, तब तक वे आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें। किसानों को 1 अप्रैल तक कृषि कार्य स्थगित करने की सलाह दी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रशासन की तत्परता और स्थानीय अधिकारियों की मेहनत को दर्शाता है। यह घटना सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बचाव अभियान कब शुरू हुआ?
बचाव अभियान सोमवार को शुरू हुआ जब बर्फबारी और भूस्खलन के कारण सड़क बंद हो गई।
सड़क बंद होने का कारण क्या था?
सड़क बंद होने का कारण अचानक बर्फबारी और भूस्खलन था।
क्या प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की?
हाँ, प्रशासन ने फंसे हुए पर्यटकों से एसओएस संदेश मिलने पर तुरंत कार्रवाई की।
किस अधिकारी ने बचाव प्रक्रिया की निगरानी की?
बांदीपोरा की उपायुक्त इंदु कंवल चिब ने बचाव प्रक्रिया की निगरानी की।
राष्ट्र प्रेस
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