गुलमर्ग केबल कार हादसा: 65 गोंडोला में फंसे 300 पर्यटक सुरक्षित, अमित शाह ने आपदा बलों की सराहना की
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में सोमवार को गुलमर्ग गोंडोला की बेस स्टेशन और फेज-1 कोंगडोरी के बीच तकनीकी खराबी के कारण सेवा अचानक ठप हो गई, जिससे 65 केबल कारों में सवार करीब 300 पर्यटक हवा में लटक गए। भारतीय सेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने छह घंटे के अभियान में सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया।
मुख्य घटनाक्रम
गोंडोला सेवा के अचानक रुकने की सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस और गोंडोला प्रबंधन प्राधिकरण ने भारतीय सेना से सहायता मांगी। बुटापथरी बटालियन क्षेत्र से विशेष बचाव दल तत्काल रवाना किए गए। घने बादलों, ठंडी हवाओं और प्रतिकूल मौसम के बावजूद रेस्क्यू ऑपरेशन बिना किसी देरी के शुरू किया गया।
राहत अभियान का विस्तार
बचाव कार्य को गति देने के लिए गुलमर्ग एटीवी एसोसिएशन की अतिरिक्त गाड़ियों को भी तैनात किया गया, क्योंकि गोंडोला सेवा के जल्द सामान्य होने की संभावना नहीं थी। एसडीआरएफ और अन्य नागरिक एजेंसियों ने सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। अंततः सभी 65 केबल कारों में फंसे यात्रियों को सुरक्षित ज़मीन पर उतारा गया।
अमित शाह की प्रतिक्रिया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आपदा राहत बलों की प्रशंसा की। उन्होंने लिखा कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना के जवानों, स्थानीय पुलिस और प्रशासन से बनी टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छह घंटे के अभियान में सभी यात्रियों को सुरक्षित बचाया। शाह ने कहा, 'राष्ट्र इन बलों के शौर्य और कौशल को सलाम करता है।'
तकनीकी जांच जारी
तकनीकी विशेषज्ञ अब गुलमर्ग गोंडोला प्रणाली में आई खराबी के कारणों की जांच कर रहे हैं। यह प्रणाली कश्मीर के सबसे लोकप्रिय पर्यटन आकर्षणों में से एक है और हर वर्ष लाखों देशी-विदेशी पर्यटकों को सेवा देती है। गौरतलब है कि यह हादसा पर्यटन सीजन के चरम पर हुआ, जब गुलमर्ग में पर्यटकों की भारी आमद रहती है।
आगे क्या होगा
जांच रिपोर्ट आने के बाद गोंडोला सेवा की बहाली पर निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तकनीकी खामी दूर होने तक सेवा स्थगित रखने के संकेत दिए हैं।