हर की पौड़ी पर बुजुर्ग महिला से मारपीट का वीडियो वायरल, आरोपी ने खुद को गंगा सभा कर्मचारी बताया
सारांश
मुख्य बातें
हरिद्वार के पवित्र तीर्थस्थल हर की पौड़ी पर 8 जून की सुबह एक शर्मनाक घटना सामने आई, जब एक 64 वर्षीया सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। पीड़िता क्रांति गुप्ता ने आरोप लगाया है कि लगभग 30 वर्षीय एक युवक ने उन्हें थप्पड़ मारा, गलत तरीके से छुआ और उनकी धार्मिक आस्था में बाधा डाली। यह घटना सुबह लगभग 4:30 बजे की बताई जा रही है।
घटना का विवरण
पीड़िता क्रांति गुप्ता, जो ग्रोथ सेंटर, बिजौली, थाना बदलीनायक, जिला झांसी, उत्तर प्रदेश की निवासी हैं, 15 मई को अधिक मास के धार्मिक अनुष्ठानों के लिए हरिद्वार आई थीं। वह प्रतिदिन हर की पौड़ी स्थित जगन्नाथ स्वामीजी मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जाती हैं, जहाँ एक पीपल के वृक्ष के नीचे भगवान शिव की मूर्ति स्थापित है।
उनके अनुसार, घटना के समय उनकी बहन भी उनके साथ मौजूद थी। आरोपी युवक, जो कथित तौर पर खुद को गंगा सभा का कर्मचारी बता रहा था, पहले से ही उन्हें परेशान कर रहा था।
वायरल वीडियो में क्या दिखा
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में युवक और महिला के बीच तीखी बहस स्पष्ट रूप से दिखती है। वीडियो में पीड़िता पुलिस बुलाकर कार्रवाई कराने की बात कहती सुनाई देती है। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की भी दिखाई देती है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैलने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया।
पीड़िता की शिकायत और माँग
क्रांति गुप्ता ने आरोपी के विरुद्ध पुलिस को लिखित तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की माँग की है। वह एक इंटर कॉलेज की सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी न केवल उनके साथ अभद्र व्यवहार करता था, बल्कि उनकी धार्मिक गतिविधियों में भी बाधा डालता था।
आस्था स्थल पर सुरक्षा के सवाल
करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हर की पौड़ी पर इस प्रकार की घटना ने तीर्थस्थलों पर महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि हरिद्वार देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्यटन स्थलों में से एक है, जहाँ प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे स्थान पर, वह भी भोर की पूजा के समय, एक वरिष्ठ नागरिक महिला के साथ इस प्रकार का व्यवहार गंभीर चिंता का विषय है।
पुलिस जाँच की स्थिति
पुलिस ने पीड़िता की तहरीर प्राप्त कर ली है और मामले की जाँच जारी है। अब देखना होगा कि जाँच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आरोपी के विरुद्ध क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। यदि आरोप सत्यापित होते हैं, तो यह घटना धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की माँग को और बल देगी।