हरियाणा में पूर्व-अग्निवीरों को 20% आरक्षण, पुलिस-फॉरेस्ट समेत 8 पदों पर सीधी भर्ती
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा सरकार ने 18 अगस्त 2026 को पूर्व-अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण का व्यापक ढाँचा लागू किया, जिसके तहत चुनिंदा पदों पर सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन दिया गया है। ये निर्देश मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मंगलवार को जारी किए। यह कदम अग्निपथ योजना के तहत सेवानिवृत्त हो चुके युवाओं को राज्य की मुख्यधारा की सरकारी सेवाओं में समायोजित करने की दिशा में हरियाणा का अब तक का सबसे विस्तृत प्रयास है।
किन पदों पर मिलेगा 20% आरक्षण
20 प्रतिशत हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन निम्नलिखित आठ पदों पर लागू होगा — गृह विभाग में पुलिस कॉन्स्टेबल, इंडियन रिजर्व बटालियन (IRB) में कॉन्स्टेबल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) में कॉन्स्टेबल, फॉरेस्ट गार्ड, जेल विभाग में वार्डन, माइनिंग गार्ड, वाइल्डलाइफ गार्ड, और फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर। ये सभी पद अर्धसैनिक और सुरक्षा प्रकृति के हैं, जहाँ अग्निवीरों की सैन्य पृष्ठभूमि सीधे काम आती है।
श्रेणीवार आरक्षण का विभाजन
20 प्रतिशत के इस कोटे का वितरण सामाजिक श्रेणियों के अनुसार किया गया है। वंचित अनुसूचित जातियों को 2 प्रतिशत, अन्य अनुसूचित जातियों को 2 प्रतिशत, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 2 प्रतिशत, और अनारक्षित श्रेणी को 9 प्रतिशत आवंटित किया गया है। दोनों अनुसूचित जाति श्रेणियों को मिलाकर कुल 4 प्रतिशत का लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि यह हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन मौजूदा वर्टिकल आरक्षण के ऊपर अतिरिक्त परत के रूप में काम करेगा।
अन्य ग्रुप-सी और ग्रुप-बी पदों पर प्रावधान
जो पद 20 प्रतिशत आरक्षण के दायरे में नहीं आते, उन अन्य ग्रुप-सी पदों पर पूर्व-अग्निवीरों को 5 प्रतिशत हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, स्किल स्पेशलाइजेशन से जुड़े ग्रुप-बी पदों पर 1 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। यदि किसी आरक्षित बिंदु पर उपयुक्त पूर्व-अग्निवीर उपलब्ध न हो, तो संबंधित वर्टिकल रिजर्वेशन श्रेणी के उपयुक्त उम्मीदवार से वह पद भरा जा सकेगा।
परीक्षाओं में मिलेगी छूट
पुलिस कॉन्स्टेबल, फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डन, माइनिंग गार्ड, वाइल्डलाइफ गार्ड और फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर पदों के लिए आवेदन करने वाले पूर्व-अग्निवीरों को फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट (PST) से छूट दी जाएगी। यह छूट इसलिए दी गई है क्योंकि इन उम्मीदवारों की शारीरिक दक्षता सैन्य प्रशिक्षण के दौरान पहले ही प्रमाणित हो चुकी है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने ग्रुप-सी पदों के लिए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) से भी छूट का मौजूदा प्रावधान बनाए रखा है। अग्निवीर प्रशिक्षण के दौरान अर्जित विशेष कौशल से संबंधित परीक्षाओं में भी उन्हें छूट मिलेगी। हालाँकि, भर्ती एजेंसी द्वारा निर्धारित लिखित परीक्षा में सभी पूर्व-अग्निवीरों को अनिवार्य रूप से बैठना होगा।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब अग्निपथ योजना को लेकर देशभर में पूर्व-अग्निवीरों के भविष्य पर बहस जारी है। हरियाणा का यह बहुस्तरीय आरक्षण मॉडल अन्य राज्यों के लिए एक संदर्भ बिंदु बन सकता है। राज्य सरकार की अगली चुनौती इस ढाँचे को भर्ती एजेंसियों के स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना होगी।