चंबा में मिंजर मेले का उद्घाटन: राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने फहराया ध्वज, सांप्रदायिक सद्भाव का दिया संदेश
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने 27 जुलाई 2025 को चंबा के ऐतिहासिक चौगान में सप्ताह भर चलने वाले अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेले का विधिवत उद्घाटन किया। रावी नदी के तट पर बसे इस ऐतिहासिक शहर में आयोजित यह सदियों पुराना पारंपरिक मेला मक्के की बहार का प्रतीक है और हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की जीवंत मिसाल है।
मिंजर ध्वज फहराने से हुआ शुभारंभ
राज्यपाल गुप्ता ने मिंजर ध्वज फहराकर मेले का औपचारिक आगाज़ किया। मिंजर रेशम की वह झालर होती है जो सूर्य की रोशनी में मक्के के फूलों की तरह चमकती है। मेले के दौरान लोग अपने रंग-बिरंगे परिधानों पर मिंजर धारण करते हैं और समय पर वर्षा तथा अच्छी फसल के लिए प्रार्थना करते हैं। उल्लेखनीय है कि मिंजर पर कढ़ाई का कार्य परंपरागत रूप से मुस्लिम कारीगर करते हैं, जो इस मेले की सांप्रदायिक सौहार्द की विशेषता को रेखांकित करता है।
इस अवसर पर अजीत भट्ट और अन्य कलाकारों ने पारंपरिक कुंजरी मल्हार की प्रस्तुति दी — एक अनूठी सांस्कृतिक परंपरा जिसे भट्ट पिछले 32 वर्षों से निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं।
राज्यपाल का सांस्कृतिक संदेश
ऐतिहासिक चौगान में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राज्यपाल गुप्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने पीढ़ियों से अपनी समृद्ध परंपराओं, लोक कलाओं, मेलों और त्योहारों को संजो कर रखा है। उन्होंने मिंजर मेले को राज्य की सांप्रदायिक सद्भाव, एकता और जीवंत परंपराओं का प्रतीक बताया। राज्यपाल ने युवा पीढ़ी से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने और भारत की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का आग्रह किया।
उन्होंने यह भी कहा कि मिंजर जैसे त्योहार न केवल सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि भाईचारे और सामाजिक सद्भाव के बंधन को भी प्रगाढ़ करते हैं। राज्यपाल ने चंबा की विश्व-प्रसिद्ध पारंपरिक शिल्पकलाओं की विशेष चर्चा की और जिले की कलात्मक विरासत को सहेजने वाले कारीगरों की सराहना की।
नशे के खिलाफ चेतावनी और जन-जागरूकता का आह्वान
मेले के मंच से राज्यपाल गुप्ता ने मादक पदार्थों के बढ़ते खतरे पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने समाज से नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि जन भागीदारी इस समस्या के विरुद्ध सबसे शक्तिशाली हथियार है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज को मिलकर युवाओं की रक्षा करनी होगी और नशामुक्त हिमाचल प्रदेश के निर्माण की दिशा में काम करना होगा। इस प्रयास में चंबा पुलिस के योगदान की उन्होंने विशेष सराहना की।
कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि
मेले के उद्घाटन से पूर्व राज्यपाल ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर चंबा के शहीदों — आशीष थापा, खेम राज और ओम प्रकाश — को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को राष्ट्र के वीर सैनिकों के आदर्शों और बलिदानों को अपने जीवन में अपनाने की शपथ दिलाई।
आगे क्या
सप्ताह भर चलने वाला यह अंतर्राष्ट्रीय मेला आने वाले दिनों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोक संगीत, हस्तशिल्प प्रदर्शनियों और धार्मिक आयोजनों से सजेगा। देश-विदेश से आए पर्यटकों के लिए यह मेला हिमाचल की अनूठी लोक संस्कृति से साक्षात्कार का अवसर है।