3 नवंबर 2026
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सरमा का राहुल गांधी पर कटाक्ष: 'खड़गे के बरामदे में बन सकते हैं PM, लोकसभा में नहीं'

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सरमा का राहुल गांधी पर कटाक्ष: 'खड़गे के बरामदे में बन सकते हैं PM, लोकसभा में नहीं'

सारांश

असम CM सरमा ने 'इंडिया' ब्लॉक की मॉक पार्लियामेंट को निशाने पर लेते हुए कहा — राहुल गांधी खड़गे के बरामदे में तो PM बन सकते हैं, लोकसभा में नहीं। यह बयान उस राजनीतिक टकराव की नई कड़ी है जो चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर BJP और विपक्ष के बीच तेज़ हो रहा है।

मुख्य बातें

असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने 3 नवंबर 2026 को राहुल गांधी पर तीखा कटाक्ष किया — 'वे केवल खड़गे के बरामदे में PM बन सकते हैं।' 'इंडिया' ब्लॉक ने 31 अक्टूबर को खड़गे के आवास पर मॉक पार्लियामेंट सत्र आयोजित किया, जिसकी अध्यक्षता पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने की।
विपक्ष ने इसे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध 'सार्वजनिक महाभियोग' करार दिया।
1 नवंबर को रामलीला मैदान, दिल्ली में 'इंडिया' ब्लॉक की रैली में 'वोट चोरी' के आरोप दोहराए गए।
BJP ने मतदाता सूची के SIR पुनरीक्षण का बचाव करते हुए विपक्ष की इस कवायद को प्रतीकात्मक बताया।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा व्यंग्य करते हुए कहा कि वे केवल मल्लिकार्जुन खड़गे के बरामदे में ही प्रधानमंत्री बन सकते हैं, लोकसभा में कभी नहीं। सरमा की यह टिप्पणी 'इंडिया' ब्लॉक द्वारा 31 अक्टूबर को खड़गे के आवास पर आयोजित मॉक पार्लियामेंट सत्र को लेकर आई, जिसमें राहुल गांधी ने समापन भाषण दिया था।

मुख्यमंत्री सरमा का बयान

सरमा ने विपक्ष की इस प्रतीकात्मक कवायद को सीधे खारिज करते हुए कहा, 'राहुल गांधी केवल मल्लिकार्जुन खड़गे के बरामदे में ही प्रधानमंत्री बन सकते हैं। वह कभी लोकसभा में प्रधानमंत्री नहीं बन सकते। लोकसभा में नरेंद्र मोदी ही प्रधानमंत्री बने रहेंगे।' उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष की यह संसदीय नाटकबाज़ी राजनीतिक वास्तविकता से कोसों दूर है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) और 'इंडिया' ब्लॉक के बीच भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के कामकाज को लेकर राजनीतिक तनाव तेज़ हो गया है।

मॉक पार्लियामेंट का पूरा घटनाक्रम

31 अक्टूबर को नई दिल्ली में खड़गे के आवास पर आयोजित इस 'नकली' संसदीय कार्यवाही की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की माँग करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया।

विपक्षी नेताओं ने इसे CEC के विरुद्ध एक तरह का 'सार्वजनिक महाभियोग' करार दिया। राहुल गांधी ने इस कार्यवाही में समापन भाषण देकर विपक्ष की माँगों को रेखांकित किया।

विपक्ष के आरोप और माँगें

'इंडिया' ब्लॉक ने चुनाव आयोग पर चुनावी निष्पक्षता से समझौते का आरोप लगाया और मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को लेकर गंभीर चिंताएँ जताईं। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य है।

इस पहल के ठीक बाद 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली आयोजित की गई, जिसमें 'इंडिया' ब्लॉक के नेताओं ने 'वोट चोरी' के अपने आरोपों को दोहराया और चुनाव आयोग से जवाबदेही की माँग की।

BJP का पलटवार

BJP ने विपक्ष के इस अभियान की कड़ी आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि संसद के बाहर इस तरह की प्रतीकात्मक कार्यवाही का क्या औचित्य है। सत्ताधारी दल ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य का बचाव करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य सटीक मतदाता सूचियाँ सुनिश्चित करना और चुनावी पारदर्शिता को मज़बूत करना है।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब BJP और विपक्ष के बीच चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर टकराव हुआ हो — बीते कुछ वर्षों में यह विवाद कई बार सतह पर आ चुका है।

आगे क्या

इंडिया ब्लॉक ने चुनाव आयोग के विरुद्ध अपना राजनीतिक अभियान जारी रखने के संकेत दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मुद्दा आने वाले विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में और अधिक गरमा सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष जनमत को अपने पक्ष में करने की कोशिश में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें BJP विपक्ष की हर प्रतीकात्मक पहल को उसकी सत्ता से दूरी का प्रमाण बताकर भुनाती है। असली सवाल यह है कि 'इंडिया' ब्लॉक की मॉक पार्लियामेंट — चाहे वह कितनी भी प्रतीकात्मक हो — चुनाव आयोग की जवाबदेही पर जन-बहस को आगे बढ़ाती है या केवल BJP को आसान पलटवार का मौका देती है। विपक्ष के लिए यह दोधारी तलवार है: संस्थागत सवाल उठाने की ज़रूरत बनाम उस खतरे से बचना कि यह अभियान जनता को ठोस विकल्प की जगह नाटकीयता ज़्यादा लगे।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी पर क्या कटाक्ष किया?
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राहुल गांधी केवल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बरामदे में ही प्रधानमंत्री बन सकते हैं, लोकसभा में नहीं। उनके अनुसार, लोकसभा में नरेंद्र मोदी ही प्रधानमंत्री बने रहेंगे।
'इंडिया' ब्लॉक की मॉक पार्लियामेंट क्या थी?
31 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के आवास पर विपक्षी नेताओं ने एक 'नकली' संसदीय कार्यवाही आयोजित की। इसकी अध्यक्षता पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने की और इसे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध 'सार्वजनिक महाभियोग' बताया गया।
विपक्ष ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए हैं?
'इंडिया' ब्लॉक ने भारत निर्वाचन आयोग पर चुनावी निष्पक्षता से समझौते का आरोप लगाया है और मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को लेकर चिंताएँ जताई हैं। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।
रामलीला मैदान रैली में क्या हुआ?
1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में 'इंडिया' ब्लॉक ने रैली आयोजित की, जिसमें नेताओं ने 'वोट चोरी' के आरोप दोहराए और चुनाव आयोग से जवाबदेही की माँग की। यह रैली मॉक पार्लियामेंट के ठीक बाद विपक्ष के अभियान की अगली कड़ी थी।
BJP ने मतदाता सूची पुनरीक्षण पर क्या कहा?
भारतीय जनता पार्टी ने मतदाता सूची के SIR पुनरीक्षण कार्य का बचाव किया और कहा कि इसका उद्देश्य सटीक मतदाता सूचियाँ सुनिश्चित करना और चुनावी पारदर्शिता को मज़बूत करना है। BJP ने विपक्ष की प्रतीकात्मक संसदीय कार्यवाही के औचित्य पर भी सवाल उठाया।
राष्ट्र प्रेस
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