मलयालम अभिनेत्री अतुल्या चंद्रा गिरफ्तार: डॉक्टर को इलाज के बहाने बुलाकर पीटा, कोच्चि में 12 आरोपी
सारांश
मुख्य बातें
केरल के कोच्चि में 2 नवंबर 2026 को एक युवा डॉक्टर को मेडिकल मदद का झाँसा देकर फ्लैट पर बुलाया गया और कथित तौर पर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई तथा उसका सामान छीन लिया गया। इस मामले में मलयालम अभिनेत्री अतुल्या चंद्रा समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कुल 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
घटनाक्रम: कैसे बिछाया गया जाल
शिकायत के अनुसार, अतुल्या चंद्रा और पीड़ित डॉक्टर पहले से एक-दूसरे के परिचित थे। आरोप है कि अतुल्या ने डॉक्टर को फोन कर बताया कि उनकी मौसी की तबीयत बेहद खराब है और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता चाहिए। परिचित की बात पर भरोसा करते हुए डॉक्टर बिना किसी संशय के उनके फ्लैट पर जाने के लिए राजी हो गया।
2 नवंबर की शाम करीब 6:30 बजे पीड़ित कोच्चि के निकट स्थित उस अपार्टमेंट में पहुँचा। वहाँ कोई बीमार व्यक्ति नहीं था — बजाय इसके, फ्लैट के भीतर कई लोग पहले से उसका इंतजार कर रहे थे।
फ्लैट के अंदर क्या हुआ
डॉक्टर का आरोप है कि अंदर पहुँचते ही उसे बाहर निकलने से रोक दिया गया और धमकाया गया। मुख्य आरोपी बिबिन ने कथित तौर पर सबसे पहले उसके चेहरे पर जोरदार मुक्का मारा, जिसके बाद वहाँ मौजूद अन्य लोगों ने भी हमला बोल दिया। शिकायत में कहा गया है कि डॉक्टर को एक कुर्सी पर बिठाकर पीटा गया।
मारपीट के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर डॉक्टर का मोबाइल फोन और अन्य सामान भी छीन लिए। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, चुराए गए मोबाइल फोन की कीमत करीब ₹3 लाख बताई गई है।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियाँ
किसी तरह फ्लैट से निकलने के बाद पीड़ित डॉक्टर सीधे कदवंथरा पुलिस स्टेशन पहुँचा और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर तत्काल जाँच शुरू की। प्रारंभिक पूछताछ के बाद अतुल्या चंद्रा समेत तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, शेष नौ आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ का सिलसिला जारी है।
हमले के पीछे मकसद की जाँच
जाँचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि इस हमले के पीछे कोई आर्थिक विवाद था या व्यक्तिगत दुश्मनी। फिलहाल दोनों संभावनाओं को खुला रखा गया है। गौरतलब है कि यह मामला इसलिए विशेष रूप से चर्चा में है क्योंकि पीड़ित चिकित्सा सहायता देने के इरादे से वहाँ गया था और उसके साथ कथित तौर पर विश्वास का उल्लंघन करते हुए हिंसा और लूटपाट की गई।
आगे क्या होगा
पुलिस के अनुसार आने वाले दिनों में अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है। मामले की पूरी जाँच प्रक्रिया जारी है और अदालत में आरोप-पत्र दाखिल करने से पहले सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। यह देखना अहम होगा कि जाँच में हमले की साजिश किसने और क्यों रची।