31 अक्टूबर 2026
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हिसार रोडवेज हड़ताल: 260 बसें ठप, यात्री परेशान; वार्ता विफल होने के बाद अनिश्चितकालीन चक्का जाम

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हिसार रोडवेज हड़ताल: 260 बसें ठप, यात्री परेशान; वार्ता विफल होने के बाद अनिश्चितकालीन चक्का जाम

सारांश

हिसार रोडवेज कर्मचारियों ने 40 दिनों के धरने के बाद अनिश्चितकालीन चक्का जाम कर दिया। प्रशासन के साथ शुक्रवार की वार्ता बेनतीजा रही और 260 बसें ठप हो गईं — रात्रि भत्ता, टीए और ओवरटाइम की मांगें अब भी अनसुनी हैं।

मुख्य बातें

हिसार और हांसी डिपो की लगभग 260 बसों का संचालन 31 अक्टूबर 2026 से पूरी तरह ठप।
सांझा संघर्ष समिति के नेतृत्व में कर्मचारी पिछले 40 दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे।
मुख्य मांगें: रात्रि ठहराव भत्ता , यात्रा भत्ता (टीए) और ओवरटाइम भुगतान ।
एसडीएम ज्योति मित्तल की अध्यक्षता में शुक्रवार शाम हुई वार्ता बेनतीजा रही।
हिसार डिपो के महाप्रबंधक राहुल मित्तल के अनुसार प्रशासन स्थिति सामान्य करने के प्रयास में जुटा है।

हरियाणा रोडवेज के हिसार डिपो में 31 अक्टूबर 2026 को सुबह चार बजे से सांझा संघर्ष समिति के नेतृत्व में कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन चक्का जाम शुरू कर दिया, जिससे हिसार और हांसी डिपो की लगभग 260 बसों का संचालन पूरी तरह ठप हो गया। शुक्रवार शाम को एसडीएम की अध्यक्षता में हुई वार्ता के विफल रहने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन को अनिश्चितकालीन करने का फैसला लिया।

मुख्य घटनाक्रम

शनिवार तड़के चार बजे से ही रोडवेज कर्मचारी हिसार डिपो के मुख्य गेट पर एकत्र हो गए और बसों को बाहर निकलने से रोक दिया। चंडीगढ़ जाने वाली सुबह की बसों को भी वर्कशॉप और बस स्टैंड से बाहर नहीं निकलने दिया गया। बसों का संचालन पूरी तरह बंद होने से सुबह से ही यात्रियों को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है।

गौरतलब है कि सांझा संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारी पिछले 40 दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। अनिश्चितकालीन हड़ताल इसी आंदोलन का विस्तार है।

कर्मचारियों की मांगें

कर्मचारियों की मुख्य मांगों में रात्रि ठहराव भत्ता, यात्रा भत्ता (टीए) और ओवरटाइम का भुगतान शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से इन मांगों पर आवाज़ उठाते आ रहे हैं, लेकिन अब तक समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया।

यह ऐसे समय में आया है जब प्रशासन के साथ शुक्रवार शाम की बैठक में भी सहमति नहीं बन पाई, जिसके बाद यूनियन ने अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार चक्का जाम का ऐलान कर दिया।

वार्ता की विफलता

एसडीएम ज्योति मित्तल की अध्यक्षता में रोडवेज यूनियन प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच शुक्रवार शाम बैठक हुई, लेकिन मांगों को लेकर दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन सकी। बैठक बेनतीजा रहने के बाद यूनियन ने आंदोलन को अनिश्चितकाल तक जारी रखने का निर्णय लिया।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

हिसार डिपो के महाप्रबंधक राहुल मित्तल ने बताया कि प्रशासन स्थिति सामान्य करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को हो रही असुविधा को देखते हुए उच्च अधिकारियों और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर बातचीत जारी है।

आम यात्रियों पर असर

हिसार और हांसी से प्रतिदिन बसों में सफर करने वाले हज़ारों यात्रियों को शनिवार सुबह से गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टैंड पर यात्री घंटों इंतज़ार करते देखे गए। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा — जिससे आने वाले दिनों में भी बस सेवाएँ प्रभावित रह सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

आम यात्री ही इस गतिरोध की सबसे बड़ी कीमत चुकाते रहेंगे।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिसार रोडवेज में चक्का जाम क्यों हुआ?
हरियाणा रोडवेज के हिसार डिपो में कर्मचारियों ने रात्रि ठहराव भत्ता, यात्रा भत्ता (टीए) और ओवरटाइम भुगतान जैसी मांगों के पूरा न होने के विरोध में अनिश्चितकालीन चक्का जाम शुरू किया। शुक्रवार शाम की वार्ता विफल रहने के बाद सांझा संघर्ष समिति ने 31 अक्टूबर की सुबह 4 बजे से हड़ताल का ऐलान किया।
कितनी बसों का संचालन प्रभावित हुआ है?
हिसार और हांसी डिपो की मिलाकर लगभग 260 बसों का संचालन पूरी तरह ठप हो गया है। चंडीगढ़ सहित अन्य रूटों की बसें भी वर्कशॉप और बस स्टैंड से नहीं निकल पाईं।
हड़ताल कब से चल रही है और पहले क्या हुआ था?
सांझा संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारी पिछले 40 दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। अनिश्चितकालीन चक्का जाम 31 अक्टूबर 2026 की सुबह चार बजे से शुरू हुआ, जब प्रशासन के साथ बातचीत बेनतीजा रही।
प्रशासन इस हड़ताल से निपटने के लिए क्या कर रहा है?
हिसार डिपो के महाप्रबंधक राहुल मित्तल के अनुसार, प्रशासन उच्च अधिकारियों और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर स्थिति सामान्य करने की कोशिश कर रहा है। हालाँकि, मांगों पर अब तक कोई ठोस समझौता नहीं हुआ है।
यात्रियों को कितने समय तक परेशानी हो सकती है?
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा, इसलिए हड़ताल की अवधि अनिश्चित है। हिसार और हांसी से रोज़ाना बसों में सफर करने वाले यात्रियों को जब तक बातचीत सफल नहीं होती, वैकल्पिक साधनों का इंतज़ाम करना पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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