हुसैन दलवई ने एबीवीपी की मांग का समर्थन किया, जिन्ना से संबंधित लेख हटाने का दिया सुझाव

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हुसैन दलवई ने एबीवीपी की मांग का समर्थन किया, जिन्ना से संबंधित लेख हटाने का दिया सुझाव

सारांश

हुसैन दलवई ने एबीवीपी की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि जिन्ना से जुड़े लेख को हटाया जाना चाहिए। उन्होंने इससे संबंधित कई पहलुओं पर प्रकाश डाला और राजनीतिक बयानबाजियों का भी जिक्र किया।

मुख्य बातें

हुसैन दलवई ने एबीवीपी की मांग का समर्थन किया।
जिन्ना से संबंधित लेख को हटाने की आवश्यकता है।
राजनीतिक बयानबाजियों पर दलवई की प्रतिक्रिया।
महाराष्ट्र में शांति बनाए रखने की अपील।

मुंबई, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुसैन दलवई ने एबीवीपी की मांग का समर्थन करते हुए कहा है कि यदि जिन्ना से संबंधित कोई लेख सिलेबस में है, तो उसे हटा देना चाहिए। उन्होंने बताया कि एबीवीपी की यह मांग पूरी तरह से जायज है।

जम्मू यूनिवर्सिटी के पॉलिटिकल साइंस विभाग द्वारा जारी नए सिलेबस में मोहम्मद अली जिन्ना के शामिल होने के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।

मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में हुसैन दलवई ने कहा कि जिन्ना ने इस देश को दो भागों में बांट दिया है। यदि उनके बारे में किसी भी प्रकार की प्रशंसा करने वाला लेख है, तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि एबीवीपी की मांग गलत नहीं है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बयान पर टिप्पणी करते हुए दलवई ने कहा कि कांग्रेस उन्हें दरकिनार नहीं कर रही है, बल्कि वे स्वयं ही किनारे हो रहे हैं। उन्हें वहां जाने की बड़ी इल्तिजा है और वे पीएम मोदी के करीबी सहयोगी बनना चाहते हैं।

भाजपा सांसद द्वारा कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर दिए गए बयान पर हुसैन दलवई ने पलटवार करते हुए कहा कि जब कंगना रनौत सिनेमा में काम करती हैं, तो उन्हें डर नहीं लगता। राहुल गांधी के बारे में कंगना को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए।

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने विधायक टी राजा के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सीएम फडणवीस से अपील की कि उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। ऐसे लोग हिंदू-मुस्लिम के बीच दरार पैदा करते हैं। महाराष्ट्र एक शांतिप्रिय राज्य है। यदि आप जानबूझकर ऐसा करना चाहते हैं, तो उन्हें यहां क्यों आने देते हैं। पुलिस को विधायक के बयान पर कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर महत्वपूर्ण मुद्दों से जुड़े हैं। हुसैन दलवई का बयान एक गंभीर राजनीतिक स्थिति को दर्शाता है, जो समाज में विभाजन के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुसैन दलवई ने एबीवीपी की मांग का समर्थन क्यों किया?
दलवई का मानना है कि जिन्ना से संबंधित लेख को हटाना चाहिए क्योंकि उन्होंने देश को दो हिस्सों में बांटने में भूमिका निभाई थी।
क्या एबीवीपी की मांग उचित है?
हुसैन दलवई के अनुसार, एबीवीपी की मांग पूरी तरह से उचित है।
क्या शशि थरूर ने कांग्रेस की स्थिति को कमजोर किया है?
दलवई का कहना है कि थरूर स्वयं को किनारे कर रहे हैं और भाजपा में जाने का रास्ता खोज रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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