आईईए की ऊर्जा संकट से निपटने के लिए महत्वपूर्ण सलाह: वर्क फ्रॉम होम और आधुनिक कुकिंग के कदम
सारांश
Key Takeaways
- वर्क फ्रॉम होम अपनाने से ईंधन की खपत में कमी आएगी।
- आधुनिक कुकिंग विकल्प जैसे इलेक्ट्रिक कुकिंग को प्राथमिकता दें।
- हवाई यात्रा को कम करने से जेट फ्यूल की मांग घटेगी।
- सरकारों को लक्षित सहायता योजनाओं के माध्यम से जागरूकता बढ़ानी चाहिए।
- सड़क परिवहन में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए।
नई दिल्ली, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मिडिल ईस्ट में बढ़ते संकट के संदर्भ में, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने शुक्रवार को ऊर्जा संकट को नियंत्रित करने के लिए कई महत्वपूर्ण उपायों की सिफारिश की है। इनमें वर्क फ्रॉम होम अपनाना और हवाई यात्रा से परहेज करना जैसे कदम शामिल हैं, ताकि ईंधन की मांग को घटाया जा सके।
आईईए ने कहा कि जहां भी संभव हो, लोगों को घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करना चाहिए, जिससे ऑफिस आने-जाने में लगने वाले ईंधन की खपत में कमी आएगी। विशेष रूप से उन नौकरियों में जहां रिमोट काम संभव है, यह उपाय प्रभावी हो सकता है।
रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया है कि लोग एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए आधुनिक कुकिंग विकल्पों को अपनाएं। इलेक्ट्रिक कुकिंग जैसे विकल्पों को अपनाने से गैस की खपत में कमी लाई जा सकती है।
आईईए के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने इस बात पर जोर दिया है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध ने वैश्विक तेल बाजार में सबसे बड़ा सप्लाई संकट उत्पन्न किया है। अगर इसे जल्द सुलझाया नहीं गया, तो यह ऊर्जा बाजार और अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारें, कंपनियां और आम नागरिक मिलकर ऐसे उपाय कर सकते हैं, जिससे इस संकट के प्रभाव को कम किया जा सके।
सड़क परिवहन में भी कई उपाय सुझाए गए हैं, जैसे घर से काम करना, हाईवे पर वाहनों की गति कम करना, निजी गाड़ियों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाना और बड़े शहरों में गाड़ियों के इस्तेमाल पर कुछ नियंत्रण लागू करना।
इसके अलावा, कार शेयरिंग, बेहतर ड्राइविंग और माल ढुलाई के कार्यों में दक्षता बढ़ाकर भी ईंधन की बचत की जा सकती है।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि जहां विकल्प उपलब्ध हों, वहां हवाई यात्रा को कम किया जाना चाहिए, जिससे जेट फ्यूल की मांग में कमी आएगी। साथ ही, एलपीजी का उपयोग सिर्फ आवश्यक कामों में प्राथमिकता से करना चाहिए।
आईईए ने उद्योग क्षेत्र में भी बदलाव की आवश्यकता बताई है। जहां एलपीजी की कमी है, वहां कंपनियां अन्य विकल्प जैसे नेफ्था का उपयोग कर सकती हैं, ताकि आवश्यक जरूरतों के लिए गैस उपलब्ध हो सके।
सरकारों को भी उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नियमों और योजनाओं के माध्यम से लोगों को जागरूक करना चाहिए और जरूरतमंद लोगों को ही सहायता प्रदान करनी चाहिए।
रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले अनुभवों से यह स्पष्ट है कि सही तरीके से लक्षित सहायता योजनाएं अधिक प्रभावी और आर्थिक रूप से बेहतर होती हैं, बजाय सभी को दी जाने वाली सब्सिडी के।
आईईए के अनुसार, इस युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में बड़ा व्यवधान आया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति होती है, वहां से आवाजाही काफी कम हो गई है।
आमतौर पर इस मार्ग से प्रतिदिन लगभग 2 करोड़ बैरल कच्चा तेल और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद गुजरते हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति ने इस पर गंभीर असर डाला है।