आयकर विभाग ने एडवांस टैक्स रिमाइंडर ईमेल में गड़बड़ी का किया खुलासा
सारांश
Key Takeaways
- ईमेल में गलत जानकारियाँ शामिल हैं।
- करदाता को नजरअंदाज करने की सलाह दी गई है।
- विभाग ने स्पष्टीकरण जारी किया है।
- समस्या का समाधान किया जा रहा है।
- ट्रांजैक्शन्स की जानकारी जांच की जा सकती है।
नई दिल्ली, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में कई करदाताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने यह शिकायत की है कि उन्हें एडवांस टैक्स से जुड़े ईमेल मिले हैं, जिनमें भ्रामक जानकारियां शामिल हैं। इसके बाद आयकर विभाग (इनकम टैक्स डिपार्टमेंट) ने एक स्पष्टीकरण जारी किया है, जिसमें करदाताओं से अनुरोध किया गया है कि वे इन ईमेल को अविलंब नजरअंदाज करें।
पिछले कुछ दिनों से कई टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को विभाग की तरफ से 'नज' ईमेल भेजे जा रहे थे। इन ईमेल में उल्लेख किया गया था कि करदाता द्वारा किया गया एडवांस टैक्स भुगतान उनके वित्तीय लेन-देन के अनुसार नहीं है। इसके साथ ही, ईमेल में उस वर्ष के दौरान किए गए कुछ महत्वपूर्ण ट्रांजैक्शन का भी उल्लेख किया गया था।
हालांकि, कई चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और टैक्सपेयर्स का कहना है कि जिन ट्रांजैक्शन्स का जिक्र किया गया है, वे वास्तव में उनके द्वारा किए गए ही नहीं थे। अर्थात्, ईमेल में दी गई जानकारियों में कई प्रकार की गलतियां थीं। इस मुद्दे पर आई शिकायतों के बाद, आयकर विभाग ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक स्पष्टीकरण
विभाग ने बताया कि उन्हें सूचित किया गया है कि कुछ करदाताओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 (अग्रिम कर ई-अभियान) के तहत किए गए महत्वपूर्ण ट्रांजैक्शन से संबंधित गलत जानकारियों वाले ईमेल प्राप्त हुए हैं।
आयकर विभाग ने कहा कि इस त्रुटि की जानकारी देने के लिए वह करदाताओं का आभार व्यक्त करता है और इसके लिए खेद भी प्रकट करता है। विभाग ने बताया कि वह अपने सेवा प्रदाता के साथ मिलकर इस समस्या का समाधान करने के लिए कार्यरत है।
इसके अतिरिक्त, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक करदाता एडवांस टैक्स ई-कैंपेन से जुड़े पहले भेजे गए ईमेल को नजरअंदाज करें।
विभाग ने बताया कि ऐसे ईमेल केवल एक प्रकार के रिमाइंडर होते हैं, जिनका उद्देश्य करदाताओं को अपने वित्तीय लेन-देन की जानकारी की समीक्षा करने में मदद करना है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे एडवांस टैक्स का सही तरीके से पालन कर सकें।
करदाताओं को सलाह दी गई है कि वे अपने ट्रांजैक्शन्स की सही जानकारी देखने के लिए ई-फाइलिंग पोर्टल पर मौजूद कंप्लायंस पोर्टल के ई-कैंपेन टैब में जाकर विवरण की जांच कर सकते हैं।