10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत ने 56 क्रिटिकल मिनरल ब्लॉकों की नीलामी पूरी की, 63% सफलता दर के साथ नया कीर्तिमान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत ने 56 क्रिटिकल मिनरल ब्लॉकों की नीलामी पूरी की, 63% सफलता दर के साथ नया कीर्तिमान

सारांश

भारत ने 88 में से 56 क्रिटिकल और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी पूरी कर 63% से अधिक की सफलता दर हासिल की। सातवें चरण में गुजरात, उत्तराखंड और तेलंगाना पहली बार शामिल हुए। एक्सप्लोरेशन लाइसेंस ब्लॉकों की कुल संख्या 11 पहुँची — वैश्विक खनिज प्रतिस्पर्धा में भारत का बड़ा दाँव।

मुख्य बातें

खान मंत्रालय ने 23 जून 2026 को घोषणा की कि भारत ने कुल 56 क्रिटिकल और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी सफलतापूर्वक संपन्न की।
88 ब्लॉकों में से 56 की नीलामी हुई — सफलता दर 63% से अधिक ।
सातवें चरण में 10 ब्लॉकों की नीलामी हुई; पहली बार गुजरात , उत्तराखंड और तेलंगाना इस प्रक्रिया में शामिल।
नीलाम खनिजों में ग्रेफाइट , रेयर अर्थ एलिमेंट्स , वैनेडियम , टाइटेनियम और रॉक फॉस्फेट शामिल।
एक्सप्लोरेशन लाइसेंस के दूसरे चरण में अरुणाचल प्रदेश , उत्तर प्रदेश और ओडिशा पहली बार शामिल; कुल EL ब्लॉक 11 हुए।

खान मंत्रालय ने 23 जून 2026 को घोषणा की कि भारत ने महत्वपूर्ण (क्रिटिकल) और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की कुल 56 नीलामियाँ सफलतापूर्वक संपन्न कर ली हैं — जो देश की घरेलू खनिज आपूर्ति शृंखला को सुदृढ़ करने और क्रिटिकल मिनरल मिशन को गति देने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। केंद्र सरकार द्वारा नीलामी के लिए रखे गए 88 खनिज ब्लॉकों में से 56 की सफल नीलामी हुई, जो 63 प्रतिशत से अधिक की सफलता दर को दर्शाती है।

सातवें चरण की नीलामी: मुख्य घटनाक्रम

खान मंत्रालय ने केंद्र सरकार द्वारा आयोजित सातवें चरण की नीलामी के अंतर्गत 10 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी की। इस चरण में कुल 19 खनिज ब्लॉक शामिल थे। इस बार पहली बार केंद्र सरकार ने गुजरात, उत्तराखंड और तेलंगाना में क्रिटिकल मिनरल ब्लॉकों की नीलामी की, जिससे देश में महत्वपूर्ण खनिजों की खोज का भौगोलिक दायरा और विस्तृत हुआ।

इस चरण में ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE), वैनेडियम, टाइटेनियम, ग्लॉकोनाइट, रॉक फॉस्फेट और अन्य संबंधित खनिजों के ब्लॉक शामिल रहे — जो इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर और रक्षा उद्योग के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

कानूनी ढाँचा और नियामक आधार

यह नीलामी खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 तथा खनिज (नीलामी) नियम, 2015 के तहत आयोजित की गई। गौरतलब है कि इन नियमों में समय-समय पर संशोधन कर नीलामी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाया गया है।

एक्सप्लोरेशन लाइसेंस: नए राज्यों में विस्तार

क्रिटिकल मिनरल ब्लॉकों की नीलामी के साथ-साथ खान मंत्रालय ने एक्सप्लोरेशन लाइसेंस (EL) नीलामी के दूसरे चरण को भी सफलतापूर्वक पूरा किया। इस चरण में पहली बार अरुणाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और ओडिशा में एक्सप्लोरेशन लाइसेंस ढाँचे का विस्तार किया गया।

दूसरे चरण की सफल नीलामी के बाद केंद्र सरकार द्वारा सफलतापूर्वक नीलाम किए गए कुल एक्सप्लोरेशन लाइसेंस ब्लॉकों की संख्या 11 हो गई है। यह व्यवस्था महत्वपूर्ण और गहराई में मौजूद खनिजों की व्यवस्थित खोज को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है, जिसके तहत निजी और सार्वजनिक क्षेत्र दोनों की कंपनियों को खनिज अन्वेषण में भाग लेने का अवसर मिलता है।

आम जनता और उद्योग पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर क्रिटिकल मिनरल्स की माँग तेज़ी से बढ़ रही है और चीन जैसे देश इस क्षेत्र में प्रभुत्व रखते हैं। घरेलू नीलामी प्रक्रिया को मज़बूत करने से भारत को आयात पर निर्भरता घटाने और स्वदेशी आपूर्ति शृंखला विकसित करने में मदद मिलेगी। इससे इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में निवेश आकर्षित होने की संभावना है।

आगे की राह

नए राज्यों में एक्सप्लोरेशन लाइसेंस के विस्तार से गहरे खनिज भंडारों की पहचान के लिए नए अवसर खुलेंगे। खान मंत्रालय के अनुसार, यह कदम क्रिटिकल मिनरल मिशन के व्यापक लक्ष्यों के अनुरूप है और आने वाले चरणों में और अधिक ब्लॉकों की नीलामी की योजना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि इन ब्लॉकों से व्यावसायिक उत्पादन कब और कितना शुरू होता है — क्योंकि नीलामी और उत्पादन के बीच का अंतराल भारत के खनन क्षेत्र की पुरानी चुनौती रही है। वैश्विक स्तर पर चीन रेयर अर्थ एलिमेंट्स के उत्पादन और प्रसंस्करण पर अपना दबदबा बनाए हुए है; भारत की यह पहल सही दिशा में है, लेकिन अन्वेषण से उत्पादन तक की राह लंबी और पूँजी-गहन है। गुजरात, उत्तराखंड और तेलंगाना जैसे नए राज्यों को शामिल करना भौगोलिक विविधता की दृष्टि से सकारात्मक है, पर इन क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे और पर्यावरणीय मंज़ूरी की गति निर्णायक भूमिका निभाएगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने कितने क्रिटिकल मिनरल ब्लॉकों की नीलामी सफलतापूर्वक की है?
भारत ने अब तक कुल 56 क्रिटिकल और रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी सफलतापूर्वक संपन्न की है। केंद्र सरकार द्वारा नीलामी के लिए रखे गए 88 ब्लॉकों में से 56 की नीलामी हुई, जो 63% से अधिक की सफलता दर है।
सातवें चरण की नीलामी में कौन-से खनिज और राज्य शामिल थे?
सातवें चरण में ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE), वैनेडियम, टाइटेनियम, ग्लॉकोनाइट और रॉक फॉस्फेट के ब्लॉक शामिल थे। पहली बार गुजरात, उत्तराखंड और तेलंगाना में क्रिटिकल मिनरल ब्लॉकों की नीलामी की गई।
एक्सप्लोरेशन लाइसेंस (EL) नीलामी का दूसरा चरण क्या है?
एक्सप्लोरेशन लाइसेंस नीलामी का दूसरा चरण महत्वपूर्ण और गहराई में मौजूद खनिजों की व्यवस्थित खोज के लिए बनाई गई व्यवस्था है, जिसमें निजी और सार्वजनिक क्षेत्र दोनों भाग ले सकते हैं। दूसरे चरण में अरुणाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और ओडिशा पहली बार शामिल हुए, और कुल EL ब्लॉकों की संख्या 11 हो गई।
क्रिटिकल मिनरल मिशन भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
क्रिटिकल मिनरल्स — जैसे रेयर अर्थ एलिमेंट्स, ग्रेफाइट और वैनेडियम — इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा और रक्षा उद्योग के लिए अनिवार्य हैं। घरेलू नीलामी को मज़बूत करने से भारत आयात पर निर्भरता घटाकर अपनी आपूर्ति शृंखला सुरक्षित कर सकता है।
यह नीलामी किस कानूनी ढाँचे के तहत हुई?
यह नीलामी खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 तथा खनिज (नीलामी) नियम, 2015 के तहत आयोजित की गई। इन नियमों में समय-समय पर संशोधन कर नीलामी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले