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भारत बना डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में वैश्विक अग्रणी, 24 देशों संग MoU; UPI का 49% वैश्विक हिस्सा

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भारत बना डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में वैश्विक अग्रणी, 24 देशों संग MoU; UPI का 49% वैश्विक हिस्सा

सारांश

भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका पक्की कर ली है — 24 देशों से MoU, वैश्विक रियल-टाइम भुगतान का 49% हिस्सा और GDP में 12-14% डिजिटल योगदान। 1 जुलाई 2026 को डिजिटल इंडिया के 11 साल पूरे होने से ठीक पहले आई यह फैक्टशीट भारत के 'DPI निर्यातक' बनने की कहानी बयां करती है।

मुख्य बातें

भारत ने फरवरी 2026 तक 24 देशों के साथ इंडिया स्टैक और DPI पर सहयोग के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए।
UPI अब 8 से अधिक देशों में संचालित; वैश्विक रियल-टाइम डिजिटल भुगतान का लगभग 49% हिस्सा भारत में होता है।
डिजिटल अर्थव्यवस्था का GDP में योगदान 12-14% ; अगले एक दशक में 20% तक पहुंचने का अनुमान।
आधार , डिजिलॉकर , GeM , CoWIN और ई-संजीवनी जैसे प्लेटफॉर्म अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्रशासन मॉडल बने।
2023 में G20 अध्यक्षता के दौरान 'इंडिया स्टैक ग्लोबल' और 'ग्लोबल DPI रिपॉजिटरी' लॉन्च की गई।
डिजिटल इंडिया कार्यक्रम 1 जुलाई 2026 को 11 वर्ष पूरे करेगा।

भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका मजबूती से स्थापित कर ली है — फरवरी 2026 तक 24 देशों के साथ इंडिया स्टैक और DPI प्रणाली पर सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। 27 जून 2026 को जारी एक आधिकारिक फैक्टशीट में यह जानकारी दी गई, जिसमें डिजिटल पहचान, डिजिटल भुगतान, डेटा एक्सचेंज और सेवा वितरण को इन साझेदारियों के मुख्य क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया गया। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब डिजिटल इंडिया कार्यक्रम 1 जुलाई 2026 को अपने 11 वर्ष पूरे करने वाला है।

11 वर्षों में बना विश्व-स्तरीय डिजिटल इकोसिस्टम

आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, पिछले 11 वर्षों में भारत ने दुनिया के सबसे बड़े DPI इकोसिस्टम में से एक का निर्माण किया है। आधार, डिजिलॉकर, CoWIN, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM), दीक्षा, उमंग और ई-संजीवनी जैसे प्लेटफॉर्म अब कई देशों में डिजिटल प्रशासन के मॉडल के रूप में अपनाए जा रहे हैं। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को नौ प्रमुख स्तंभों के आधार पर तैयार किया गया था, जिसका उद्देश्य डिजिटल पहुंच का विस्तार और नवाचार को प्रोत्साहन देना था।

UPI की वैश्विक उड़ान: 8 से अधिक देशों में संचालन

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, फ्रांस, मॉरीशस और श्रीलंका सहित 8 से अधिक देशों में संचालित हो रहा है। फैक्टशीट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर होने वाले कुल रियल-टाइम डिजिटल भुगतान लेनदेन का लगभग 49 प्रतिशत हिस्सा भारत में होता है — जो वैश्विक फिनटेक परिदृश्य में भारत की असाधारण स्थिति को दर्शाता है। गौरतलब है कि यह वह देश है जहाँ एक दशक पहले डिजिटल भुगतान की पहुंच अत्यंत सीमित थी।

GDP में डिजिटल अर्थव्यवस्था का बढ़ता योगदान

फैक्टशीट में बताया गया है कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का योगदान सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में अब लगभग 12 से 14 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। अनुमान है कि अगले एक दशक में यह हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 20 प्रतिशत हो सकती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, कृषि और कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच विशेष रूप से ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों तक व्यापक रूप से बढ़ी है।

G20 अध्यक्षता से मिली वैश्विक पहचान

भारत ने वर्ष 2023 में G20 की अपनी अध्यक्षता के दौरान 'इंडिया स्टैक ग्लोबल' और 'ग्लोबल DPI रिपॉजिटरी' की शुरुआत की, जिससे भारतीय डिजिटल समाधानों की वैश्विक पहुंच और विस्तृत हुई। यह ऐसे समय में हुआ जब विकासशील देश अपनी डिजिटल गवर्नेंस नींव तलाश रहे थे — और भारत ने एक तैयार, सिद्ध मॉडल पेश किया।

आगे की राह: AI, क्लाउड और 'विकसित भारत 2047'

सरकार के अनुसार, डिजिटल इंडिया कार्यक्रम ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भारत की क्षमताओं को भी मजबूती दी है। 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की दिशा में यह कार्यक्रम समावेशी विकास, तकनीकी आत्मनिर्भरता और नागरिक सशक्तिकरण को निरंतर गति देने का माध्यम बताया जा रहा है। स्टार्टअप इकोसिस्टम और विभिन्न क्षेत्रों में तकनीक के उपयोग को भी इस अभियान से नई रफ्तार मिली है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि ये साझेदारियाँ कागज़ से ज़मीन पर कब उतरती हैं — क्योंकि MoU और वास्तविक क्रियान्वयन के बीच की खाई भारत की कूटनीतिक यात्राओं में अक्सर चौड़ी रही है। GDP में डिजिटल अर्थव्यवस्था का 12-14% योगदान उत्साहजनक है, पर यह भी देखना होगा कि इसका लाभ ग्रामीण और वंचित तबकों तक वास्तव में पहुंच रहा है या केवल शहरी उपभोक्ताओं तक सिमटा है। 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य में डिजिटल इंडिया की भूमिका तभी निर्णायक होगी जब AI और साइबर सुरक्षा में घोषित क्षमता-निर्माण सत्यापन-योग्य परिणामों में बदले।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर कितने देशों के साथ MoU किए हैं?
आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, भारत ने फरवरी 2026 तक 24 देशों के साथ इंडिया स्टैक और DPI प्रणाली पर सहयोग के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों में डिजिटल पहचान, डिजिटल भुगतान, डेटा एक्सचेंज और सेवा वितरण जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
UPI अभी कितने देशों में चालू है और इसकी वैश्विक हिस्सेदारी कितनी है?
UPI अभी संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, फ्रांस, मॉरीशस और श्रीलंका सहित 8 से अधिक देशों में संचालित हो रहा है। फैक्टशीट के अनुसार, वैश्विक रियल-टाइम डिजिटल भुगतान लेनदेन का लगभग 49 प्रतिशत हिस्सा भारत में होता है।
डिजिटल इंडिया कार्यक्रम कब शुरू हुआ और इसके 11 साल कब पूरे होंगे?
डिजिटल इंडिया कार्यक्रम 1 जुलाई 2015 को शुरू हुआ था और 1 जुलाई 2026 को इसके 11 वर्ष पूरे होंगे। यह कार्यक्रम नौ प्रमुख स्तंभों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य डिजिटल पहुंच का विस्तार और नवाचार को बढ़ावा देना है।
भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का GDP में कितना योगदान है?
आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का GDP में योगदान अब लगभग 12 से 14 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। अनुमान है कि अगले एक दशक में यह हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 20 प्रतिशत हो सकती है।
G20 अध्यक्षता के दौरान भारत ने डिजिटल क्षेत्र में क्या पहल की?
भारत ने 2023 में G20 की अपनी अध्यक्षता के दौरान 'इंडिया स्टैक ग्लोबल' और 'ग्लोबल DPI रिपॉजिटरी' की शुरुआत की। इससे आधार, डिजिलॉकर, GeM और ई-संजीवनी जैसे भारतीय डिजिटल प्लेटफॉर्म कई देशों में डिजिटल प्रशासन के मॉडल के रूप में अपनाए जाने लगे।
राष्ट्र प्रेस
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