भारत सरकार ने अमेरिका के ईरान पर हमले की अनुमति मांगने के दावे को किया खारिज

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भारत सरकार ने अमेरिका के ईरान पर हमले की अनुमति मांगने के दावे को किया खारिज

सारांश

केंद्र सरकार ने अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले के लिए भारत से अनुमति मांगने के दावे को 'बेबुनियाद' बताया। विदेश मंत्रालय ने जनता को सतर्क किया है कि ऐसे दावों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।

Key Takeaways

  • भारत सरकार ने अमेरिका के दावों को खारिज किया।
  • लेमोआ समझौता के तहत कोई अनुमति नहीं दी गई।
  • सोशल मीडिया पर फैल रही जानकारी बेबुनियाद है।
  • जनता को भ्रामक जानकारी से सावधान रहने की सलाह दी गई है।
  • अमेरिका ने कोई आक्रामक अभियान नहीं चलाया है।

नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने उस दावे को सख्ती से नकार दिया है जो सोशल मीडिया पर फैल रहा था कि अमेरिका ने भारत से लेमोआ समझौते के तहत ईरान पर बमबारी के लिए अपने क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति मांगी थी। सरकार ने इसे “बेबुनियाद दावा” करार देते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई बात नहीं है।

भारत सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रहे इन दावों को सिरे से खारिज किया है कि अमेरिका ने ईरान पर हमले के लिए भारत से अपनी पश्चिमी सीमा का उपयोग करने की अनुमति मांगी थी। यह बेबुनियाद दावा है और सरकार ने इस जानकारी को गलत बताया है। जनता से ऐसे झूठे पोस्ट और अफवाहों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर “कृपया ऐसे झूठे और निराधार दावों से सावधान रहें” जैसे चेतावनी भरे संदेश साझा किए और कहा कि ऐसे दावों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि वे अनपुष्ट जानकारी साझा न करें।

लेमोआ को भारत और अमेरिका ने 2016 में हस्ताक्षरित किया था, जो दोनों देशों को लॉजिस्टिक समर्थन जैसे रिफ्यूलिंग और मरम्मत के लिए एक-दूसरे की सैन्य सुविधाओं का उपयोग करने की अनुमति देता है।

केंद्र सरकार ने दोहराया है कि यह किसी भी पक्ष को एक-दूसरे के क्षेत्र से आक्रामक सैन्य अभियानों के संचालन की अनुमति नहीं देता है, जैसा कि भारतीय अधिकारियों ने पहले स्पष्ट किया था।

इन गलत दावों का प्रसार ऐसे समय में हुआ जब कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि अमेरिका ने श्रीलंका के पास एक ईरानी युद्धपोत को डुबाने वाला हमला किया, जिससे अफवाहें उठने लगीं कि भारत की भूमिका भी हो सकती है। इस पर भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि भारत के पोर्ट या सुविधाओं का इस तरह के किसी भी ऑपरेशन में इस्तेमाल नहीं किया गया।

भारत सरकार ने पिछले कुछ समय में ऐसे इसी तरह के दावों को “फर्जी और गलत” बताते हुए खारिज किया है और जनता से भ्रामक जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी है।

Point of View

NationPress
21/03/2026

Frequently Asked Questions

क्या अमेरिका ने भारत से ईरान पर हमले के लिए अनुमति मांगी?
नहीं, भारत सरकार ने इस दावे को सख्ती से खारिज किया है।
लेमोआ समझौता क्या है?
लेमोआ समझौता भारत और अमेरिका के बीच एक सैन्य सहयोग समझौता है, जो लॉजिस्टिक समर्थन की अनुमति देता है।
क्या भारत की कोई भूमिका अमेरिका के हमले में है?
भारत ने इस बात को साफ तौर पर खारिज किया है कि उसकी कोई भूमिका है।
क्या सोशल मीडिया पर फैली जानकारी विश्वसनीय है?
सरकार ने ऐसी जानकारी को 'बेबुनियाद' करार दिया है, इसलिए इसे विश्वसनीय नहीं माना जा सकता।
भारत सरकार ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
भारत सरकार ने जनता को सतर्क रहने और भ्रामक जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी है।
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