24 अगस्त 2026
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जितिन प्रसाद की मोरक्को यात्रा: भारत-मोरक्को व्यापार ₹4 अरब डॉलर पार, 7वें संयुक्त आयोग में नए क्षेत्रों पर जोर

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जितिन प्रसाद की मोरक्को यात्रा: भारत-मोरक्को व्यापार ₹4 अरब डॉलर पार, 7वें संयुक्त आयोग में नए क्षेत्रों पर जोर

सारांश

जितिन प्रसाद की मोरक्को यात्रा महज़ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं — यह $4 अरब डॉलर के व्यापार को नई दिशा देने का प्रयास है। खाद्य सुरक्षा MOU, सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम और 7वें संयुक्त आयोग के ज़रिए भारत अफ्रीका-यूरोप-एशिया के रणनीतिक मार्ग पर अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश में है।

मुख्य बातें

जितिन प्रसाद 24-25 अगस्त 2026 को मोरक्को की आधिकारिक यात्रा पर हैं।
भारत-मोरक्को संयुक्त आयोग के 7वें सत्र की सह-अध्यक्षता मोरक्को के उमर हेजीरा के साथ की जाएगी।
FSSAI और मोरक्को के ONSSA के बीच खाद्य सुरक्षा MOU पर हस्ताक्षर होने की संभावना।
2026-2030 के लिए भारत-मोरक्को सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम पर भी सहमति बनने की उम्मीद।
2025 में दोनों देशों का द्विपक्षीय वस्तु व्यापार लगभग 4 अरब डॉलर रहा।
मोरक्को से फॉस्फेट और उर्वरक भारत के कृषि क्षेत्र के लिए रणनीतिक रूप से अहम हैं।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद 24 से 25 अगस्त 2026 तक मोरक्को की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जहाँ वे भारत-मोरक्को संयुक्त आयोग के 7वें सत्र की सह-अध्यक्षता करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को नए क्षेत्रों तक विस्तारित करना, बाज़ार पहुँच बढ़ाना और निवेश व औद्योगिक सहयोग के ताज़ा अवसर विकसित करना है। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वस्तु व्यापार लगभग 4 अरब डॉलर रहा है।

संयुक्त आयोग का 7वां सत्र: एजेंडा और भागीदारी

जितिन प्रसाद मोरक्को के उद्योग एवं व्यापार मंत्रालय के विदेश व्यापार मामलों के राज्य सचिव उमर हेजीरा के साथ इस सत्र की संयुक्त अध्यक्षता करेंगे। बैठक में दोनों देशों के मध्य वर्तमान आर्थिक और वाणिज्यिक सहयोग की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान की जाएगी।

चर्चा के प्रमुख विषयों में व्यापार और बाज़ार पहुँच, उर्वरक उत्पादन एवं आपूर्ति, निवेश, औद्योगिक सहयोग, सीमा शुल्क, कृषि एवं खाद्य सुरक्षा, दवा और स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा एवं खनन, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल परिवर्तन, परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स, आयुष, पर्यटन, शिक्षा और कौशल विकास शामिल हैं।

खाद्य सुरक्षा समझौता: FSSAI और ONSSA के बीच MOU

यात्रा के दौरान खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। यह समझौता मोरक्को के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यालय (ONSSA) और भारत के भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के बीच होगा।

इस MOU के अंतर्गत आयातित खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा, खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं, विश्लेषणात्मक विधियों, आयात प्रक्रियाओं, गुणवत्ता नियंत्रण, नमूना परीक्षण, पैकेजिंग और लेबलिंग से जुड़े विषयों पर सहयोग को मज़बूत किया जाएगा। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच तकनीकी जानकारी और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान भी सुनिश्चित किया जाएगा।

सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम 2026-2030

संयुक्त आयोग की बैठक में 2026-2030 के लिए भारत-मोरक्को सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम पर भी हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम के तहत कलाकारों, सांस्कृतिक विशेषज्ञों और पेशेवरों के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।

दोनों देशों के संग्रहालयों, पुस्तकालयों और अभिलेखागार संस्थानों के बीच सहयोग, विरासत संरक्षण तथा अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजनों में सहभागिता को भी इस कार्यक्रम के दायरे में शामिल किया जाएगा।

व्यापारिक संबंध: निर्यात-आयात का वर्तमान स्वरूप

भारत मोरक्को को मुख्य रूप से परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पाद, दवाइयाँ, वाहन, सिंथेटिक वस्त्र, खाद्य उत्पाद और मसाले निर्यात करता है। वहीं मोरक्को से भारत मुख्यतः फॉस्फेट और उर्वरक आयात करता है, जो भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने की कोशिश कर रहा है।

रबात में उद्योग जगत से संवाद और आगे की राह

जितिन प्रसाद मोरक्को की राजधानी रबात में कई वरिष्ठ मोरक्को नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और भारत-मोरक्को संयुक्त व्यापार मंच में भी भाग लेंगे। बैठकों का उद्देश्य व्यापार, निवेश, संयुक्त उद्यमों और नई कारोबारी साझेदारियों के अवसर तलाशना है। गौरतलब है कि दोनों देश अफ्रीका, यूरोप और एशिया को जोड़ने वाले रणनीतिक व्यापारिक मार्गों का लाभ उठाकर आर्थिक सहयोग को नई ऊँचाई देने की दिशा में सक्रिय हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन भारत के कुल व्यापार के मुकाबले यह अभी भी सीमित है, और संरचनात्मक असंतुलन — भारत निर्यात करता है, मोरक्को फॉस्फेट देता है — को MOU और सांस्कृतिक कार्यक्रम अकेले नहीं सुधार सकते। असली कसौटी यह होगी कि क्या संयुक्त उद्यम और निवेश के ठोस प्रस्ताव इन बैठकों से निकलते हैं, या यह यात्रा भी पिछले सत्रों की तरह घोषणाओं तक सिमट कर रह जाती है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जितिन प्रसाद की मोरक्को यात्रा का उद्देश्य क्या है?
जितिन प्रसाद 24-25 अगस्त 2026 को मोरक्को की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जहाँ वे भारत-मोरक्को संयुक्त आयोग के 7वें सत्र की सह-अध्यक्षता करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार विस्तार, बाज़ार पहुँच, निवेश और औद्योगिक सहयोग के नए अवसर तलाशना है।
भारत और मोरक्को के बीच FSSAI-ONSSA MOU क्या है?
यह भारत के भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और मोरक्को के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यालय (ONSSA) के बीच प्रस्तावित समझौता ज्ञापन है। इसके तहत आयातित खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, परीक्षण प्रयोगशालाओं, पैकेजिंग, लेबलिंग और तकनीकी विशेषज्ञता के आदान-प्रदान पर सहयोग बढ़ाया जाएगा।
भारत-मोरक्को के बीच द्विपक्षीय व्यापार कितना है?
वर्ष 2025 में भारत और मोरक्को के बीच द्विपक्षीय वस्तु व्यापार लगभग 4 अरब डॉलर रहा। भारत मोरक्को को पेट्रोलियम उत्पाद, दवाइयाँ और वाहन निर्यात करता है, जबकि मोरक्को से भारत फॉस्फेट और उर्वरक आयात करता है।
भारत-मोरक्को सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम 2026-2030 में क्या होगा?
इस कार्यक्रम के तहत कलाकारों, सांस्कृतिक विशेषज्ञों और पेशेवरों का आदान-प्रदान किया जाएगा। दोनों देशों के संग्रहालयों, पुस्तकालयों और अभिलेखागार संस्थानों के बीच सहयोग, विरासत संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजनों में सहभागिता को भी बढ़ावा मिलेगा।
भारत-मोरक्को संयुक्त आयोग के 7वें सत्र में कौन-से क्षेत्र शामिल हैं?
सत्र में व्यापार, उर्वरक, निवेश, औद्योगिक सहयोग, कृषि एवं खाद्य सुरक्षा, दवा, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल परिवर्तन, परिवहन, आयुष, पर्यटन, शिक्षा और कौशल विकास सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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