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भारत की बहुआयामी कूटनीति: 1 7 नवंबर में वियतनाम, कॉमनवेल्थ, नेपाल और भूटान पर रहा फोकस

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भारत की बहुआयामी कूटनीति: 1 7 नवंबर में वियतनाम, कॉमनवेल्थ, नेपाल और भूटान पर रहा फोकस

सारांश

नवंबर के पहले सप्ताह में भारत ने एक साथ कई मोर्चों पर कूटनीतिक पहल की — डोभाल ने हनोई में सुरक्षा का नया ढाँचा बुना, जयशंकर ने CHOGM में आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण का एजेंडा रखा, गुयाना को 50 करोड़ डॉलर की LOC दी और भूटान में राजा ने 76वाँ स्तूप मोदी को समर्पित किया।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 1 2 नवंबर को हनोई में वियतनाम के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और खुफिया सहयोग पर सहमति जताई।
जयशंकर ने एंटीगुआ और बारबुडा में CHOGM 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व कर आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण और जलवायु कार्रवाई का एजेंडा रखा।
गुयाना में सड़क, स्वास्थ्य और रक्षा परियोजनाओं के लिए 50 करोड़ डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट बढ़ाने की घोषणा; UPI जैसी भुगतान प्रणाली पर भी सहमति।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 4 5 नवंबर को नेपाल का दौरा कर विकास सहयोग और संपर्क परियोजनाओं पर प्रतिबद्धता दोहराई।
भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में 76वाँ बौद्ध स्तूप PM नरेंद्र मोदी को समर्पित किया।
न्यूयॉर्क राज्य और टोरंटो ने 8 नवंबर को आधिकारिक दिवाली दिवस घोषित किया; टोरंटो ने नवंबर को हिंदू विरासत माह के रूप में भी मान्यता दी।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की अगुवाई में भारत ने 1 से 7 नवंबर 2026 के बीच सुरक्षा सहयोग, आर्थिक साझेदारी और क्षेत्रीय संपर्क के मोर्चे पर एक साथ कई देशों के साथ कूटनीतिक सक्रियता दिखाई। वियतनाम के साथ सुरक्षा और खुफिया सहयोग को मजबूत करने से लेकर कॉमनवेल्थ मंच पर आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण और नेपाल के साथ द्विपक्षीय संवाद तक, इस सप्ताह भारत की बहुआयामी कूटनीति का स्पष्ट खाका उभरा।

वियतनाम यात्रा: सुरक्षा सहयोग का नया अध्याय

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 1 और 2 नवंबर को वियतनाम की आधिकारिक यात्रा की। हनोई में उन्होंने वियतनाम के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री जनरल लुओंग टैम क्वांग के साथ उच्चस्तरीय बातचीत की, जिसमें कानून प्रवर्तन, साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे।

डोभाल ने वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव एवं राष्ट्रपति तो लाम, उपप्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग तथा विदेश मंत्री ले होआई ट्रुंग से भी चर्चा की। बैठकों में रक्षा सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े मुद्दों पर विचार विमर्श हुआ। गौरतलब है कि दोनों देशों ने अपने संबंधों को एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के स्तर तक पहुँचाया है और 2027 में राजनयिक संबंधों की स्थापना के 55 वर्ष पूरे होंगे।

यह यात्रा ऐसे समय में आई है जब भारत की एक्ट ईस्ट नीति के तहत दक्षिण पूर्व एशिया में समुद्री सुरक्षा और आर्थिक संपर्क को और गहरा करने की कोशिशें तेज हो रही हैं।

कॉमनवेल्थ शिखर बैठक: आर्थिक साझेदारी और जलवायु कार्रवाई

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एंटीगुआ और बारबुडा में आयोजित कॉमनवेल्थ शासनाध्यक्षों की बैठक (CHOGM) 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व किया। कॉमनवेल्थ देशों के व्यापारिक नेताओं की बैठक में उन्होंने कहा, "सदस्य देशों को अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं में जोखिम कम करने और उनमें विविधता लाने की दिशा में काम करना चाहिए।" उन्होंने डिजिटल समाधान, कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण के जरिये आर्थिक साझेदारी को नई गति देने पर जोर दिया।

जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन जैसी भारतीय पहलों के माध्यम से जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने की भी वकालत की। बैठक के इतर उन्होंने गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली से मुलाकात की और गुयाना में सड़क, स्वास्थ्य व रक्षा परियोजनाओं के लिए 50 करोड़ डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट बढ़ाने की घोषणा की गई। इसके साथ ही गुयाना में भारत की UPI जैसी भुगतान प्रणाली विकसित करने पर भी सहमति बनी।

जयशंकर ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से भी द्विपक्षीय बातचीत की। बर्नहम के साथ व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) के संदर्भ में द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा हुई।

नेपाल दौरा: पड़ोसी प्रथम नीति को मजबूती

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 4 और 5 नवंबर को नेपाल की यात्रा की। उन्होंने नेपाल के शीर्ष नेतृत्व और अधिकारियों से मिलकर विकास सहयोग, संपर्क परियोजनाओं और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। भारत की पड़ोसी प्रथम नीति के तहत नेपाल के साथ सीमा पार संपर्क, ऊर्जा, व्यापार और बुनियादी ढाँचे की परियोजनाएँ इस साझेदारी के मुख्य स्तंभ हैं।

भूटान: मोदी को 76वाँ स्तूप समर्पित

भारत और भूटान के विशेष संबंधों की एक सांस्कृतिक अभिव्यक्ति 1 नवंबर को देखने को मिली जब भूटान के गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में 108 बौद्ध स्तूपों की स्थापना और अभिषेक का कार्यक्रम आयोजित हुआ। भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने इनमें से 76वाँ स्तूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित किया — गेलेफू परियोजना के लिए उनके समर्थन और भारत भूटान संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान के सम्मान में। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

सांस्कृतिक कूटनीति: दिवाली का विश्वव्यापी उल्लास

इस सप्ताह भारत की सॉफ्ट पावर का एक और पहलू उभरा जब अमेरिका के पाँच राज्यों के गवर्नरों ने आधिकारिक स्थानों पर दिवाली समारोह आयोजित कर भारतीय अमेरिकी समुदाय के योगदान को सम्मानित किया। न्यूयॉर्क राज्य और कनाडा के टोरंटो शहर ने 8 नवंबर को आधिकारिक तौर पर दिवाली दिवस घोषित किया, जबकि टोरंटो ने नवंबर को हिंदू विरासत माह के रूप में भी मान्यता दी। जापान में भारतीय दूतावास के कार्यक्रम में जापानी मंत्रियों और सांसदों ने भाग लिया।

आने वाले हफ्तों में भारत वियतनाम एन्हांस्ड पार्टनरशिप के तहत क्षमता निर्माण कार्यक्रमों और गुयाना में UPI जैसी प्रणाली की रूपरेखा पर क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक साथ दक्षिण पूर्व एशिया, कैरेबियाई, प्रशांत और पश्चिमी देशों में सक्रिय भागीदार है। डोभाल की हनोई यात्रा और जयशंकर का CHOGM प्रतिनिधित्व एक साथ होना यह दर्शाता है कि भारत अब सुरक्षा और आर्थिक कूटनीति को एकीकृत ढाँचे में संचालित कर रहा है। हालाँकि आलोचकों का कहना है कि गुयाना जैसे देशों को दी गई LOC की घोषणाओं का जमीनी क्रियान्वयन अक्सर धीमा रहता है। असली परीक्षा इस बात की होगी कि वियतनाम के साथ साइबर और समुद्री सुरक्षा सहयोग के ढाँचे को संस्थागत रूप देने और गुयाना में UPI परिनियोजन को वास्तविकता में बदलने में कितना समय लगता है।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजीत डोभाल की वियतनाम यात्रा का क्या उद्देश्य था?
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 1 2 नवंबर 2026 को हनोई में वियतनाम के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री जनरल लुओंग टैम क्वांग समेत शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की। यात्रा का मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और खुफिया सहयोग को एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के तहत व्यावहारिक धरातल पर आगे बढ़ाना था।
CHOGM 2026 में भारत ने क्या एजेंडा रखा?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एंटीगुआ और बारबुडा में आयोजित CHOGM 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण, डिजिटल समाधान, कौशल विकास और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन जैसी जलवायु पहलों को केंद्र में रखते हुए विकासशील देशों के बीच आर्थिक सहयोग का एजेंडा प्रस्तुत किया।
भारत ने गुयाना को कितनी वित्तीय सहायता देने की घोषणा की?
CHOGM के दौरान गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली के साथ बैठक में भारत ने गुयाना में सड़क, स्वास्थ्य और रक्षा परियोजनाओं के लिए 50 करोड़ डॉलर (500 मिलियन डॉलर) की लाइन ऑफ क्रेडिट बढ़ाने की घोषणा की। इसके साथ ही गुयाना में UPI जैसी डिजिटल भुगतान प्रणाली विकसित करने पर भी सहमति बनी।
भूटान में राजा ने PM मोदी को स्तूप क्यों समर्पित किया?
भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने 1 नवंबर को गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में स्थापित 108 बौद्ध स्तूपों में से 76वाँ स्तूप PM नरेंद्र मोदी को समर्पित किया। यह सम्मान गेलेफू परियोजना के प्रति मोदी के समर्थन और भारत भूटान संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान के प्रति आभार के तौर पर दिया गया।
नेपाल दौरे में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने किन मुद्दों पर बात की?
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 4 5 नवंबर को नेपाल की यात्रा कर वहाँ के शीर्ष नेतृत्व से विकास सहयोग, सीमा पार संपर्क, ऊर्जा, व्यापार और बुनियादी ढाँचे की परियोजनाओं पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने भारत की 'पड़ोसी प्रथम नीति' के तहत द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई।
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