भारत की बहुआयामी कूटनीति: 1 7 नवंबर में वियतनाम, कॉमनवेल्थ, नेपाल और भूटान पर रहा फोकस
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की अगुवाई में भारत ने 1 से 7 नवंबर 2026 के बीच सुरक्षा सहयोग, आर्थिक साझेदारी और क्षेत्रीय संपर्क के मोर्चे पर एक साथ कई देशों के साथ कूटनीतिक सक्रियता दिखाई। वियतनाम के साथ सुरक्षा और खुफिया सहयोग को मजबूत करने से लेकर कॉमनवेल्थ मंच पर आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण और नेपाल के साथ द्विपक्षीय संवाद तक, इस सप्ताह भारत की बहुआयामी कूटनीति का स्पष्ट खाका उभरा।
वियतनाम यात्रा: सुरक्षा सहयोग का नया अध्याय
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने 1 और 2 नवंबर को वियतनाम की आधिकारिक यात्रा की। हनोई में उन्होंने वियतनाम के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री जनरल लुओंग टैम क्वांग के साथ उच्चस्तरीय बातचीत की, जिसमें कानून प्रवर्तन, साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे।
डोभाल ने वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव एवं राष्ट्रपति तो लाम, उपप्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग तथा विदेश मंत्री ले होआई ट्रुंग से भी चर्चा की। बैठकों में रक्षा सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े मुद्दों पर विचार विमर्श हुआ। गौरतलब है कि दोनों देशों ने अपने संबंधों को एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के स्तर तक पहुँचाया है और 2027 में राजनयिक संबंधों की स्थापना के 55 वर्ष पूरे होंगे।
यह यात्रा ऐसे समय में आई है जब भारत की एक्ट ईस्ट नीति के तहत दक्षिण पूर्व एशिया में समुद्री सुरक्षा और आर्थिक संपर्क को और गहरा करने की कोशिशें तेज हो रही हैं।
कॉमनवेल्थ शिखर बैठक: आर्थिक साझेदारी और जलवायु कार्रवाई
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एंटीगुआ और बारबुडा में आयोजित कॉमनवेल्थ शासनाध्यक्षों की बैठक (CHOGM) 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व किया। कॉमनवेल्थ देशों के व्यापारिक नेताओं की बैठक में उन्होंने कहा, "सदस्य देशों को अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं में जोखिम कम करने और उनमें विविधता लाने की दिशा में काम करना चाहिए।" उन्होंने डिजिटल समाधान, कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण के जरिये आर्थिक साझेदारी को नई गति देने पर जोर दिया।
जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन जैसी भारतीय पहलों के माध्यम से जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने की भी वकालत की। बैठक के इतर उन्होंने गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली से मुलाकात की और गुयाना में सड़क, स्वास्थ्य व रक्षा परियोजनाओं के लिए 50 करोड़ डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट बढ़ाने की घोषणा की गई। इसके साथ ही गुयाना में भारत की UPI जैसी भुगतान प्रणाली विकसित करने पर भी सहमति बनी।
जयशंकर ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से भी द्विपक्षीय बातचीत की। बर्नहम के साथ व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) के संदर्भ में द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा हुई।
नेपाल दौरा: पड़ोसी प्रथम नीति को मजबूती
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 4 और 5 नवंबर को नेपाल की यात्रा की। उन्होंने नेपाल के शीर्ष नेतृत्व और अधिकारियों से मिलकर विकास सहयोग, संपर्क परियोजनाओं और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। भारत की पड़ोसी प्रथम नीति के तहत नेपाल के साथ सीमा पार संपर्क, ऊर्जा, व्यापार और बुनियादी ढाँचे की परियोजनाएँ इस साझेदारी के मुख्य स्तंभ हैं।
भूटान: मोदी को 76वाँ स्तूप समर्पित
भारत और भूटान के विशेष संबंधों की एक सांस्कृतिक अभिव्यक्ति 1 नवंबर को देखने को मिली जब भूटान के गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में 108 बौद्ध स्तूपों की स्थापना और अभिषेक का कार्यक्रम आयोजित हुआ। भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने इनमें से 76वाँ स्तूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित किया — गेलेफू परियोजना के लिए उनके समर्थन और भारत भूटान संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान के सम्मान में। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
सांस्कृतिक कूटनीति: दिवाली का विश्वव्यापी उल्लास
इस सप्ताह भारत की सॉफ्ट पावर का एक और पहलू उभरा जब अमेरिका के पाँच राज्यों के गवर्नरों ने आधिकारिक स्थानों पर दिवाली समारोह आयोजित कर भारतीय अमेरिकी समुदाय के योगदान को सम्मानित किया। न्यूयॉर्क राज्य और कनाडा के टोरंटो शहर ने 8 नवंबर को आधिकारिक तौर पर दिवाली दिवस घोषित किया, जबकि टोरंटो ने नवंबर को हिंदू विरासत माह के रूप में भी मान्यता दी। जापान में भारतीय दूतावास के कार्यक्रम में जापानी मंत्रियों और सांसदों ने भाग लिया।
आने वाले हफ्तों में भारत वियतनाम एन्हांस्ड पार्टनरशिप के तहत क्षमता निर्माण कार्यक्रमों और गुयाना में UPI जैसी प्रणाली की रूपरेखा पर क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद है।