7 अगस्त 2026
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भारत-रूस 12वीं कार्य समूह बैठक: रेलवे, यूएवी, एसजे-100 विमान और क्रिटिकल मिनरल्स में सहयोग पर मुहर

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भारत-रूस 12वीं कार्य समूह बैठक: रेलवे, यूएवी, एसजे-100 विमान और क्रिटिकल मिनरल्स में सहयोग पर मुहर

सारांश

नई दिल्ली में भारत-रूस की 12वीं कार्य समूह बैठक महज औपचारिकता नहीं थी — दोनों देशों ने रेलवे, ड्रोन, एसजे-100 विमान और दुर्लभ खनिजों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ठोस सहयोग की नींव रखी। प्रोटोकॉल दस्तावेज पर हस्ताक्षर इस साझेदारी को नई रणनीतिक गहराई देते हैं।

मुख्य बातें

7 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में भारत-रूस आधुनिकीकरण एवं औद्योगिक सहयोग कार्य समूह की 12वीं बैठक आयोजित हुई।
भारतीय पक्ष का नेतृत्व डीपीआईआईटी सचिव अमरदीप सिंह भाटिया और रूसी पक्ष का नेतृत्व उपमंत्री अलेक्सी ग्रुजदेव ने किया।
वंदे भारत ट्रेन , आधुनिक सिग्नलिंग, यूएवी , एसजे-100 विमान उत्पादन और एयरो-इंजन सहयोग पर सहमति बनी।
लिथियम खनन , टाइटेनियम तकनीक , दुर्लभ मृदा तत्व और क्रिटिकल मिनरल्स में सहयोग विस्तार पर भी चर्चा हुई।
दोनों देशों के करीब 60 प्रतिनिधियों ने 12वें सत्र के प्रोटोकॉल दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।

भारत और रूस ने 7 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में आयोजित आधुनिकीकरण और औद्योगिक सहयोग कार्य समूह की 12वीं बैठक में रेलवे परिवहन, मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी), एसजे-100 क्षेत्रीय यात्री विमान और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) सहित कई रणनीतिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग विस्तार पर सहमति जताई। बैठक के अंत में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने 12वें सत्र के प्रोटोकॉल दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए, जो इस साझेदारी को औपचारिक स्वरूप देता है।

बैठक का स्वरूप और नेतृत्व

यह बैठक भारत-रूस अंतर-सरकारी व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग आयोग के अंतर्गत गठित कार्य समूह के तहत आयोजित की गई। भारतीय पक्ष का नेतृत्व उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने किया, जबकि रूसी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई रूस के उद्योग एवं व्यापार उपमंत्री अलेक्सी ग्रुजदेव ने की। बैठक में दोनों देशों के कुल करीब 60 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

रेलवे और एयरोस्पेस: मुख्य घटनाक्रम

रेलवे क्षेत्र में वंदे भारत ट्रेन परियोजना, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं के विकास और आधुनिक सिग्नलिंग उपकरणों पर सहयोग के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई। एयरोस्पेस के मोर्चे पर यूएवी, 3-डी प्रिंटिंग तकनीक, एयरो-इंजन क्षेत्र और रूस के एसजे-100 नैरो-बॉडी जेट विमान — जो लगभग 103 यात्रियों को ले जाने में सक्षम है — के उत्पादन में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।

क्रिटिकल मिनरल्स और औद्योगिक सहयोग

दोनों देशों ने लिथियम खनन, टाइटेनियम तकनीक, एल्यूमीनियम क्षेत्र, खनन उपकरण निर्माण और दुर्लभ मृदा तत्वों (रेयर अर्थ एलीमेंट्स) की खोज में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। इसके अतिरिक्त कार्बन फाइबर तकनीक, प्रोपल्शन सिस्टम, डीएपी और एनपीके उर्वरकों की आपूर्ति तथा औद्योगिक स्वचालन (ऑटोमेशन) से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

12वें सत्र के प्रमुख फोकस क्षेत्र

आधिकारिक बयान के अनुसार, इस सत्र में आधुनिक औद्योगिकीकरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, एयरोस्पेस, रेलवे अवसंरचना, उर्वरक एवं रसायन, नवीकरणीय ऊर्जा में क्षमता निर्माण, ऊर्जा इंजीनियरिंग, औद्योगिक अवसंरचना और यूरिया उत्पादन के लिए संयुक्त उद्यम जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया। बैठक में 11वें सत्र के बाद हुई प्रगति की समीक्षा भी की गई और विभिन्न उप-समूहों के कार्यों का मूल्यांकन हुआ।

आगे की राह

प्रोटोकॉल दस्तावेज पर हस्ताक्षर के साथ भारत और रूस ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने तथा औद्योगिक एवं आर्थिक सहयोग को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देश वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधीकरण और तकनीकी स्वावलंबन की दिशा में तेज़ी से काम कर रहे हैं। अगले सत्र में इन क्षेत्रों में ठोस परियोजनाओं की रूपरेखा तय होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रोटोकॉल दस्तावेज पर हस्ताक्षर और सहमति के बीच की खाई को पाटना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है — पिछले कई सत्रों की घोषणाएँ ज़मीन पर उतरने में वर्षों लगा देती हैं। क्रिटिकल मिनरल्स में रूसी साझेदारी भारत की आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण रणनीति के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इसकी वास्तविक परीक्षा संयुक्त उद्यमों के क्रियान्वयन की गति से होगी।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-रूस 12वीं कार्य समूह बैठक में क्या तय हुआ?
7 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में हुई इस बैठक में दोनों देशों ने रेलवे, यूएवी, एसजे-100 विमान उत्पादन, क्रिटिकल मिनरल्स, कार्बन फाइबर तकनीक और उर्वरक आपूर्ति सहित कई रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। बैठक के अंत में 12वें सत्र के प्रोटोकॉल दस्तावेज पर हस्ताक्षर हुए।
एसजे-100 विमान क्या है और इसमें भारत की रुचि क्यों है?
एसजे-100 रूस का एक नैरो-बॉडी क्षेत्रीय यात्री जेट विमान है, जो लगभग 103 यात्रियों को ले जाने में सक्षम है। भारत इसके उत्पादन और एयरो-इंजन क्षेत्र में सहयोग के माध्यम से अपनी विमानन विनिर्माण क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
इस बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स पर क्या चर्चा हुई?
दोनों देशों ने लिथियम खनन, टाइटेनियम तकनीक, एल्यूमीनियम क्षेत्र, खनन उपकरण निर्माण और दुर्लभ मृदा तत्वों (रेयर अर्थ एलीमेंट्स) की खोज में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। यह भारत की आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण रणनीति का हिस्सा है।
बैठक में किसने भाग लिया और इसकी अध्यक्षता किसने की?
भारतीय पक्ष का नेतृत्व डीपीआईआईटी सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने किया, जबकि रूसी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई उद्योग एवं व्यापार उपमंत्री अलेक्सी ग्रुजदेव ने की। बैठक में दोनों देशों के कुल करीब 60 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
वंदे भारत ट्रेन परियोजना में रूस की क्या भूमिका होगी?
बैठक में वंदे भारत ट्रेन परियोजना, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और आधुनिक सिग्नलिंग उपकरणों में रूसी सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों देशों ने रेलवे नेटवर्क के आधुनिकीकरण में तकनीकी साझेदारी की संभावनाओं पर सहमति जताई, हालांकि ठोस परियोजनाओं की रूपरेखा अगले सत्र में तय होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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