भारत-रूस 12वीं कार्य समूह बैठक: रेलवे, यूएवी, एसजे-100 विमान और क्रिटिकल मिनरल्स में सहयोग पर मुहर
सारांश
मुख्य बातें
भारत और रूस ने 7 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में आयोजित आधुनिकीकरण और औद्योगिक सहयोग कार्य समूह की 12वीं बैठक में रेलवे परिवहन, मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी), एसजे-100 क्षेत्रीय यात्री विमान और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) सहित कई रणनीतिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग विस्तार पर सहमति जताई। बैठक के अंत में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने 12वें सत्र के प्रोटोकॉल दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए, जो इस साझेदारी को औपचारिक स्वरूप देता है।
बैठक का स्वरूप और नेतृत्व
यह बैठक भारत-रूस अंतर-सरकारी व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग आयोग के अंतर्गत गठित कार्य समूह के तहत आयोजित की गई। भारतीय पक्ष का नेतृत्व उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने किया, जबकि रूसी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई रूस के उद्योग एवं व्यापार उपमंत्री अलेक्सी ग्रुजदेव ने की। बैठक में दोनों देशों के कुल करीब 60 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
रेलवे और एयरोस्पेस: मुख्य घटनाक्रम
रेलवे क्षेत्र में वंदे भारत ट्रेन परियोजना, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं के विकास और आधुनिक सिग्नलिंग उपकरणों पर सहयोग के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई। एयरोस्पेस के मोर्चे पर यूएवी, 3-डी प्रिंटिंग तकनीक, एयरो-इंजन क्षेत्र और रूस के एसजे-100 नैरो-बॉडी जेट विमान — जो लगभग 103 यात्रियों को ले जाने में सक्षम है — के उत्पादन में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
क्रिटिकल मिनरल्स और औद्योगिक सहयोग
दोनों देशों ने लिथियम खनन, टाइटेनियम तकनीक, एल्यूमीनियम क्षेत्र, खनन उपकरण निर्माण और दुर्लभ मृदा तत्वों (रेयर अर्थ एलीमेंट्स) की खोज में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। इसके अतिरिक्त कार्बन फाइबर तकनीक, प्रोपल्शन सिस्टम, डीएपी और एनपीके उर्वरकों की आपूर्ति तथा औद्योगिक स्वचालन (ऑटोमेशन) से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
12वें सत्र के प्रमुख फोकस क्षेत्र
आधिकारिक बयान के अनुसार, इस सत्र में आधुनिक औद्योगिकीकरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, एयरोस्पेस, रेलवे अवसंरचना, उर्वरक एवं रसायन, नवीकरणीय ऊर्जा में क्षमता निर्माण, ऊर्जा इंजीनियरिंग, औद्योगिक अवसंरचना और यूरिया उत्पादन के लिए संयुक्त उद्यम जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया। बैठक में 11वें सत्र के बाद हुई प्रगति की समीक्षा भी की गई और विभिन्न उप-समूहों के कार्यों का मूल्यांकन हुआ।
आगे की राह
प्रोटोकॉल दस्तावेज पर हस्ताक्षर के साथ भारत और रूस ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने तथा औद्योगिक एवं आर्थिक सहयोग को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देश वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधीकरण और तकनीकी स्वावलंबन की दिशा में तेज़ी से काम कर रहे हैं। अगले सत्र में इन क्षेत्रों में ठोस परियोजनाओं की रूपरेखा तय होने की उम्मीद है।