नेतन्याहू ने मोदी को कहा 'मेरे दोस्त, धन्यवाद', भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी और मजबूत करने का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 8 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'मेरे दोस्त, धन्यवाद' लिखते हुए आभार व्यक्त किया — यह प्रतिक्रिया 7 अगस्त को हुई टेलीफोन वार्ता के एक दिन बाद आई। दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल विशेष रणनीतिक साझेदारी को और प्रगाढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
वार्ता का विवरण
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, 7 अगस्त को नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल विशेष रणनीतिक साझेदारी में हो रही निरंतर प्रगति की समीक्षा की और द्विपक्षीय सहयोग को विभिन्न क्षेत्रों में और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। साथ ही दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'मुझे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का फोन आया। हमने भारत और इजरायल के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं में हुई प्रगति की समीक्षा की। यह साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और आगे बढ़ रही है। हमने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।'
नेतन्याहू की एक्स पर प्रतिक्रिया
अगले दिन नेतन्याहू ने मोदी की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर लिखा, 'धन्यवाद, मेरे दोस्त, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। हम मिलकर इजरायल और भारत के बीच संबंधों को लगातार और मजबूत बना रहे हैं।' यह संदेश दोनों देशों के बीच व्यक्तिगत कूटनीतिक संबंधों की गहराई को रेखांकित करता है।
भारत-इजरायल संबंधों की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि पिछले तीन दशकों में भारत और इजरायल ने एक ऐसा संबंध विकसित किया है जो मुख्यतः रणनीतिक भरोसे पर टिका है। रक्षा सहयोग, आतंकवाद-रोधी अभियान, खुफिया जानकारी साझाकरण और कृषि नवाचार इस परिपक्व साझेदारी के प्रमुख स्तंभ बन चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है।
हालाँकि, जहाँ राजनीतिक और सुरक्षा संबंध उल्लेखनीय रूप से प्रगाढ़ हुए हैं, वहीं आर्थिक संबंध अपनी पूर्ण क्षमता से पीछे रहे हैं। भारत-इजरायल मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर चल रही बातचीत इस अंतर को पाटने का एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।
आगे क्या होगा
दोनों नेताओं ने आपस में संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया की बदलती परिस्थितियों के मद्देनजर भारत-इजरायल कूटनीतिक संवाद आने वाले महीनों में और तेज हो सकता है। FTA वार्ता की प्रगति इस साझेदारी के आर्थिक आयाम को नई दिशा दे सकती है।