जबलपुर में खुदाई के दौरान मिला 12 किलो का जिंदा मोर्टार बम, बम स्क्वॉड और सेना मौके पर
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के जबलपुर में डुमना एयरपोर्ट के समीप स्थित गधेरी गांव में 29 मई की शाम मकान निर्माण के दौरान खुदाई में एक 12 किलो का संदिग्ध जिंदा मोर्टार बम मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। अधिकारियों के अनुसार बम अभी तक सक्रिय अवस्था में है और उसे निष्क्रिय करने की प्रक्रिया जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे सुनील यादव के प्लॉट पर मकान के पिलर के लिए गड्ढा खोद रहे मजदूरों को चार फीट की गहराई पर एक भारी लोहे जैसी वस्तु मिली। शुरू में ग्रामीण समझ नहीं पाए, लेकिन ध्यान से देखने पर उसमें विस्फोटक जैसी संरचना नजर आई। इसके बाद मजदूरों ने तत्काल काम रोककर पुलिस को सूचित किया।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम और बम निरोधक दस्ता (बम स्क्वॉड) मौके पर पहुंचा। प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई कि यह 12 किलो का मोर्टार बम हो सकता है। इसके बाद पूरे क्षेत्र को घेराबंदी में ले लिया गया और आम नागरिकों को दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई।
पुलिस की प्रतिक्रिया
थाना प्रभारी राजकुमार खटीक ने बताया कि गधेरी गांव में भवन निर्माण के लिए खुदाई के दौरान यह बम मिला, जो जीवित अवस्था में बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बम को शनिवार को डिफ्यूज किए जाने की योजना है। फिलहाल किसी को भी घटनास्थल के नजदीक जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
खटीक ने यह भी स्पष्ट किया कि शुरुआती जांच में यह सैन्य उपयोग का पुराना मोर्टार बम प्रतीत होता है, लेकिन इसकी आयु और यहां पहुंचने की परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हैं। विशेषज्ञ टीम ही अंतिम पुष्टि करेगी।
सेना और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना
पुलिस ने इस घटना की जानकारी सेना और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी है। बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने की पूरी प्रक्रिया बम स्क्वॉड और आर्मी की संयुक्त निगरानी में संपन्न की जाएगी। गौरतलब है कि जबलपुर एक प्रमुख सैन्य छावनी शहर है, जहां ऐतिहासिक रूप से सेना की गतिविधियां रही हैं — यही कारण हो सकता है कि दशकों पुराने सैन्य उपकरण जमीन में दबे मिलते हैं।
आम जनता पर असर
घटनास्थल के आसपास के निवासियों में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नजदीकी क्षेत्र को प्रतिबंधित कर दिया है। निर्माण कार्य भी तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। स्थानीय लोगों को तब तक सतर्क रहने को कहा गया है जब तक बम पूरी तरह निष्क्रिय न हो जाए।
क्या होगा आगे
अधिकारियों के अनुसार शनिवार को विशेषज्ञ टीम बम की उम्र, प्रकार और उसके यहां पहुंचने की परिस्थितियों की जांच करेगी। बम को सुरक्षित रूप से डिफ्यूज करने के बाद ही इलाके को सामान्य घोषित किया जाएगा। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या आसपास और भी कोई विस्फोटक सामग्री दबी हो सकती है।