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जगन मोहन रेड्डी 2027 में करेंगे पदयात्रा, वाईएसआरसीपी ने एपीडीएससी भर्ती में सीबीआई जांच की मांग की

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जगन मोहन रेड्डी 2027 में करेंगे पदयात्रा, वाईएसआरसीपी ने एपीडीएससी भर्ती में सीबीआई जांच की मांग की

सारांश

वाईएसआरसीपी ने दोहरा मोर्चा खोला — जगन मोहन रेड्डी की 2027 पदयात्रा की घोषणा से 2029 चुनावी तैयारी का संकेत, और एपीडीएससी स्पोर्ट्स कोटे में कथित अनियमितताओं पर सीबीआई जांच की माँग से टीडीपी गठबंधन सरकार पर सीधा दबाव।

मुख्य बातें

वाईएसआरसीपी प्रवक्ता महबूब शरीफ ने दावा किया कि जगन मोहन रेड्डी वर्ष 2027 में दोबारा पदयात्रा करेंगे।
प्रस्तावित यात्रा 8 जुलाई (वाईएसआर जयंती) के आसपास शुरू हो सकती है; तारीख अभी अनुमानित है।
2019 की पदयात्रा करीब 3,648 किलोमीटर लंबी थी, जिसने जगन की उस वर्ष की चुनावी जीत की नींव रखी।
एपीडीएससी भर्ती में स्पोर्ट्स कोटे के तहत कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच और सभी प्रमाणपत्रों के पुन: सत्यापन की माँग की गई।
कर्नूल ज़िले में टीईटी के बिना स्पोर्ट्स कोटे से नियुक्ति का आरोप; शिक्षा मंत्री नारा लोकेश पर निशाना।
वाईएसआरसीपी को उम्मीद है कि 2029 में जगन मोहन रेड्डी फिर सरकार बनाएंगे।

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी वर्ष 2027 में एक बार फिर पदयात्रा पर निकलेंगे। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता महबूब शरीफ ने 4 सितंबर को गुंटूर में यह दावा करते हुए आंध्र प्रदेश शिक्षक भर्ती आयोग (एपीडीएससी) की भर्ती प्रक्रिया — विशेषकर स्पोर्ट्स कोटे के तहत हुई नियुक्तियों — में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की माँग की।

2027 की पदयात्रा: पृष्ठभूमि और मकसद

शरीफ ने याद दिलाया कि 2019 के विधानसभा चुनाव से पूर्व जगन मोहन रेड्डी ने करीब 3,648 किलोमीटर की ऐतिहासिक पदयात्रा की थी, जिसमें उन्होंने गाँव-गाँव और घर-घर जाकर आम लोगों की समस्याएँ सुनीं। उन्होंने दावा किया कि इसी यात्रा के अनुभवों के आधार पर 2019 से 2024 के बीच जगन सरकार ने अपने चुनावी घोषणापत्र के अधिकांश वादे पूरे किए।

प्रस्तावित पदयात्रा 8 जुलाई — यानी स्वर्गीय वाईएस राजशेखर रेड्डी की जयंती — के आसपास शुरू हो सकती है। हालाँकि शरीफ ने स्पष्ट किया कि यह तारीख अभी उनका अनुमान मात्र है और अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। इस यात्रा के दौरान जगन मोहन रेड्डी युवाओं, किसानों, महिलाओं और छात्रों की समस्याओं को समझने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

टीडीपी गठबंधन सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप

वाईएसआरसीपी प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) गठबंधन सरकार पर चुनाव-पूर्व वादे पूरे न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि युवाओं, किसानों, महिलाओं और छात्राओं के लिए की गई घोषणाओं पर सत्ता में आने के बाद अपेक्षित काम नहीं हुआ और जनता अब सरकार से हिसाब माँग रही है। पार्टी को उम्मीद है कि 2029 में जगन मोहन रेड्डी फिर सत्ता में लौटेंगे।

एपीडीएससी भर्ती में कथित अनियमितताएँ

शरीफ ने एपीडीएससी भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, स्पोर्ट्स कोटे के तहत नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ हुई हैं। उन्होंने कर्नूल ज़िले का उदाहरण देते हुए दावा किया कि कुछ उम्मीदवारों को कथित तौर पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) दिए बिना स्पोर्ट्स कोटे के ज़रिये नौकरी दे दी गई।

शरीफ ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश पर भी निशाना साधा और कहा कि सरकार को इन आरोपों की जांच के लिए तैयार होना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मेरिट सूची और स्पोर्ट्स कोटे से जुड़े चयन में भी गड़बड़ी हुई है, और मीडिया का एक वर्ग इन कथित अनियमितताओं को पर्याप्त रूप से उजागर नहीं कर रहा।

सीबीआई जांच और पुन: सत्यापन की माँग

वाईएसआरसीपी ने माँग की है कि स्पोर्ट्स कोटे के तहत चयनित सभी उम्मीदवारों के प्रमाणपत्रों और पात्रता का पुन: सत्यापन कराया जाए। शरीफ ने कहा कि सीबीआई एक स्वतंत्र जांच एजेंसी है और उसकी जांच से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। जांच में यदि गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि आगे भी कथित अनियमितताओं से जुड़े अन्य मामले सार्वजनिक किए जाएंगे। यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में शिक्षा भर्ती पहले से ही राजनीतिक विवाद का केंद्र बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पदयात्रा को जनाधार पुनर्निर्माण के औज़ार के रूप में देखा जा रहा है, न कि सत्ता से उपजी विश्वसनीयता के रूप में। एपीडीएससी पर सीबीआई जांच की माँग राजनीतिक दृष्टि से समझ में आती है, लेकिन इसकी विश्वसनीयता तब बनेगी जब पार्टी ठोस दस्तावेज़ी साक्ष्य सार्वजनिक करे — केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस के आरोपों से नहीं। गौरतलब है कि भर्ती अनियमितताओं के आरोप आंध्र प्रदेश में हर सरकार के कार्यकाल में उठते रहे हैं; असली परीक्षा यह होगी कि क्या विपक्ष इस बार जाँच को न्यायालय तक ले जाता है।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगन मोहन रेड्डी की 2027 पदयात्रा क्या है और कब शुरू होगी?
वाईएसआरसीपी प्रवक्ता महबूब शरीफ के अनुसार, जगन मोहन रेड्डी 2027 में एक नई पदयात्रा शुरू करेंगे, जो संभवतः 8 जुलाई — वाईएसआर जयंती — के आसपास आरंभ हो सकती है। हालाँकि शरीफ ने स्पष्ट किया कि तारीख अभी अनुमानित है और अंतिम नहीं।
जगन मोहन रेड्डी की पिछली पदयात्रा कितनी लंबी थी?
2019 के विधानसभा चुनाव से पहले जगन मोहन रेड्डी ने करीब 3,648 किलोमीटर की पदयात्रा की थी। इस दौरान उन्होंने गाँव-गाँव जाकर लोगों की समस्याएँ सुनीं, जिसे उनकी उस वर्ष की ऐतिहासिक चुनावी जीत का एक प्रमुख कारण माना जाता है।
एपीडीएससी स्पोर्ट्स कोटा विवाद क्या है?
वाईएसआरसीपी का आरोप है कि आंध्र प्रदेश शिक्षक भर्ती आयोग (एपीडीएससी) में स्पोर्ट्स कोटे के तहत नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ हुई हैं। कर्नूल ज़िले में कुछ उम्मीदवारों को कथित तौर पर टीईटी परीक्षा दिए बिना स्पोर्ट्स कोटे से नौकरी देने का आरोप लगाया गया है।
वाईएसआरसीपी ने एपीडीएससी मामले में सीबीआई जांच की माँग क्यों की?
पार्टी प्रवक्ता महबूब शरीफ का कहना है कि सीबीआई एक स्वतंत्र जांच एजेंसी है और उसकी जांच से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने यह भी माँग की कि स्पोर्ट्स कोटे से चयनित सभी उम्मीदवारों के प्रमाणपत्रों का पुन: सत्यापन हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
वाईएसआरसीपी का 2029 चुनाव को लेकर क्या रुख है?
पार्टी को उम्मीद है कि 2029 के विधानसभा चुनाव में जगन मोहन रेड्डी फिर सत्ता में लौटेंगे। 2027 की प्रस्तावित पदयात्रा को इसी लक्ष्य की दिशा में जनाधार पुनर्निर्माण की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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