जगन मोहन रेड्डी 2027 में करेंगे पदयात्रा, वाईएसआरसीपी ने एपीडीएससी भर्ती में सीबीआई जांच की मांग की
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी वर्ष 2027 में एक बार फिर पदयात्रा पर निकलेंगे। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता महबूब शरीफ ने 4 सितंबर को गुंटूर में यह दावा करते हुए आंध्र प्रदेश शिक्षक भर्ती आयोग (एपीडीएससी) की भर्ती प्रक्रिया — विशेषकर स्पोर्ट्स कोटे के तहत हुई नियुक्तियों — में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की माँग की।
2027 की पदयात्रा: पृष्ठभूमि और मकसद
शरीफ ने याद दिलाया कि 2019 के विधानसभा चुनाव से पूर्व जगन मोहन रेड्डी ने करीब 3,648 किलोमीटर की ऐतिहासिक पदयात्रा की थी, जिसमें उन्होंने गाँव-गाँव और घर-घर जाकर आम लोगों की समस्याएँ सुनीं। उन्होंने दावा किया कि इसी यात्रा के अनुभवों के आधार पर 2019 से 2024 के बीच जगन सरकार ने अपने चुनावी घोषणापत्र के अधिकांश वादे पूरे किए।
प्रस्तावित पदयात्रा 8 जुलाई — यानी स्वर्गीय वाईएस राजशेखर रेड्डी की जयंती — के आसपास शुरू हो सकती है। हालाँकि शरीफ ने स्पष्ट किया कि यह तारीख अभी उनका अनुमान मात्र है और अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। इस यात्रा के दौरान जगन मोहन रेड्डी युवाओं, किसानों, महिलाओं और छात्रों की समस्याओं को समझने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
टीडीपी गठबंधन सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप
वाईएसआरसीपी प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) गठबंधन सरकार पर चुनाव-पूर्व वादे पूरे न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि युवाओं, किसानों, महिलाओं और छात्राओं के लिए की गई घोषणाओं पर सत्ता में आने के बाद अपेक्षित काम नहीं हुआ और जनता अब सरकार से हिसाब माँग रही है। पार्टी को उम्मीद है कि 2029 में जगन मोहन रेड्डी फिर सत्ता में लौटेंगे।
एपीडीएससी भर्ती में कथित अनियमितताएँ
शरीफ ने एपीडीएससी भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, स्पोर्ट्स कोटे के तहत नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ हुई हैं। उन्होंने कर्नूल ज़िले का उदाहरण देते हुए दावा किया कि कुछ उम्मीदवारों को कथित तौर पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) दिए बिना स्पोर्ट्स कोटे के ज़रिये नौकरी दे दी गई।
शरीफ ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश पर भी निशाना साधा और कहा कि सरकार को इन आरोपों की जांच के लिए तैयार होना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मेरिट सूची और स्पोर्ट्स कोटे से जुड़े चयन में भी गड़बड़ी हुई है, और मीडिया का एक वर्ग इन कथित अनियमितताओं को पर्याप्त रूप से उजागर नहीं कर रहा।
सीबीआई जांच और पुन: सत्यापन की माँग
वाईएसआरसीपी ने माँग की है कि स्पोर्ट्स कोटे के तहत चयनित सभी उम्मीदवारों के प्रमाणपत्रों और पात्रता का पुन: सत्यापन कराया जाए। शरीफ ने कहा कि सीबीआई एक स्वतंत्र जांच एजेंसी है और उसकी जांच से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। जांच में यदि गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि आगे भी कथित अनियमितताओं से जुड़े अन्य मामले सार्वजनिक किए जाएंगे। यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में शिक्षा भर्ती पहले से ही राजनीतिक विवाद का केंद्र बनी हुई है।