रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर पठानकोट में पथराव, भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने AAP पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने 19 सितंबर 2026 को सिद्धार्थनगर में एक कार्यक्रम के दौरान पठानकोट के निकट पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर हुए पथराव की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने इस घटना को 'घिनौना और निंदनीय कृत्य' करार देते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) पर हिंसक राजनीति का सहारा लेने का आरोप लगाया।
मुख्य घटनाक्रम
रवनीत सिंह बिट्टू बटाला के निकट घासीतपुर गाँव के बाहर एक रैली को संबोधित करने जा रहे थे, जब उनके काफिले पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई। पाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिस तरह से काफिले पर पत्थर फेंके गए, वह किसी भी दृष्टि से स्वीकार्य नहीं है।
यह घटना ऐसे समय में आई है जब पंजाब में सत्तारूढ़ AAP और भाजपा के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है। पाल का यह बयान स्थानीय कार्यक्रम से आगे बढ़कर राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गया।
बिट्टू के परिवार का योगदान और आरोप
जगदंबिका पाल ने रवनीत सिंह बिट्टू को भाजपा का वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा कि वह ऐसे परिवार से आते हैं जिसने देश की एकता और अखंडता के लिए लंबे समय तक बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि बिट्टू का परिवार दशकों से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहकर देश की सेवा करता आया है।
पाल ने यह भी दावा किया कि जनता ऐसे राजनीतिक तौर-तरीकों का उचित जवाब देगी। उन्होंने जोर दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा के लिए किसी भी परिस्थिति में कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
पंजाब में नशे की समस्या पर चिंता
सिद्धार्थनगर में अपने संबोधन के दौरान जगदंबिका पाल ने पंजाब में युवाओं पर नशे के बढ़ते प्रकोप पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जो राज्य कभी देश और दुनिया में अग्रणी पहचान रखता था, वहाँ आज की युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आ रही है। उन्होंने इस संकट से निपटने के लिए प्रभावी और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बताई।
गोशाला में गो सेवा और पशुधन संरक्षण
सिद्धार्थनगर में एक अन्य कार्यक्रम के तहत जगदंबिका पाल ने एक गोशाला में जाकर गो सेवा में भाग लिया। उन्होंने कहा कि गो सेवा को केवल पशुओं की देखभाल तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह मानवता की सेवा और जीवों की सुरक्षा से जुड़ा व्यापक विषय है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में जिलों, ब्लॉकों और गाँवों तक गोशालाएँ स्थापित की गई हैं। पाल ने पशुधन संरक्षण को ग्रामीण विकास के अहम स्तंभों में से एक बताया।
आगे की राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
पठानकोट में काफिले पर हमले की यह घटना अब केंद्र और राज्य स्तर पर राजनीतिक बयानबाजी का केंद्र बन गई है। भाजपा नेताओं द्वारा AAP सरकार को निशाने पर लिया जा रहा है, जबकि अभी तक AAP की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना है।