जयराम रमेश का मोदी पर कटाक्ष, चाबहार परियोजना को नया बताकर पेश कर रही भाजपा

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जयराम रमेश का मोदी पर कटाक्ष, चाबहार परियोजना को नया बताकर पेश कर रही भाजपा

सारांश

जयराम रमेश ने चाबहार परियोजना को लेकर मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की प्रशंसा की और आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने उनकी पहलों को अपने नाम से प्रस्तुत किया है।

Key Takeaways

  • जयराम रमेश ने चाबहार परियोजना पर मोदी सरकार पर आरोप लगाए।
  • चाबहार परियोजना का महत्व भारत की कूटनीति में है।
  • पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
  • मोदी सरकार ने पूर्व योजनाओं को अपने नाम से प्रस्तुत किया।
  • लद्दाख में वांगचुक मामले पर सरकार के यू-टर्न की आलोचना।

नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के प्रमुख नेता जयराम रमेश ने एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेशी नीति पर तंज कसा है, जबकि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सराहना की है।

जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "1990 के दशक के अंत में भारत ने भारत-अफगानिस्तान-ईरान सहयोग रणनीति के अंतर्गत ईरान के चाबहार बंदरगाह में निवेश के अवसरों की खोज शुरू की थी। इसके बाद, डॉ. मनमोहन सिंह ने इन योजनाओं को नई ऊर्जा दी और मई 2013 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चाबहार में प्रारंभिक निवेश के लिए 115 मिलियन डॉलर की स्वीकृति दी। यह महत्वपूर्ण है कि यह निर्णय तब लिया गया था, जब भारत ने अक्टूबर 2008 में हस्ताक्षरित भारत-अमेरिका परमाणु समझौते को लागू करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए थे।

कांग्रेस नेता ने आगे कहा, "इसके बाद, अक्टूबर 2014 में मोदी सरकार ने डॉ. मनमोहन सिंह की चाबहार पहल को नए ढंग से पेश किया और इसे अपने दृष्टिकोण का हिस्सा बताया। 2026-27 के बजट में चाबहार के लिए कोई आवंटन नहीं किया गया। क्या इसका मतलब यह है कि भारत ने इस परियोजना से पीछे हटने का निर्णय लिया है या इसकी निवेश संबंधी प्रतिबद्धताएं पूरी हो चुकी हैं? किसी भी स्थिति में चाबहार, जो चीन द्वारा निर्मित पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से लगभग 170 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है, अब प्राथमिकता में नहीं है। यह भारत की मध्य एशियाई कूटनीति के लिए दूसरा बड़ा झटका है।"

इसके अलावा, 14 मार्च की रात जयराम रमेश ने एक पोस्ट में लिखा है, "छह महीने पहले कांग्रेस ने सोनम वांगचुक के फैसले की निंदा की थी। अब मोदी सरकार ने वांगचुक पर एनएसए की कार्रवाई को रद्द कर पूरी तरह से यू-टर्न ले लिया है। सरकार को न केवल वांगचुक और उनके परिवार से, बल्कि लद्दाख की जनता से भी माफी मांगनी चाहिए। शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन करने वालों को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।"

Point of View

NationPress
16/03/2026

Frequently Asked Questions

जयराम रमेश ने किस परियोजना पर कटाक्ष किया?
जयराम रमेश ने चाबहार परियोजना पर कटाक्ष किया है।
मोदी सरकार ने चाबहार परियोजना को कैसे पेश किया?
मोदी सरकार ने चाबहार परियोजना को नए रूप में प्रस्तुत किया है।
डॉ. मनमोहन सिंह की भूमिका क्या थी?
डॉ. मनमोहन सिंह ने चाबहार परियोजना को नई गति दी थी।
जयराम रमेश ने वांगचुक मामले पर क्या कहा?
उन्होंने वांगचुक के मामले में मोदी सरकार के यू-टर्न की निंदा की।
क्या चाबहार परियोजना का भविष्य संदिग्ध है?
जी हां, जयराम रमेश ने चाबहार परियोजना के भविष्य को संदिग्ध बताया है।
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