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जैसलमेर में तूफान-बारिश से 1500 बिजली खंभे धराशायी, 200 गांवों में ब्लैकआउट; ₹2.5 करोड़ का नुकसान

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जैसलमेर में तूफान-बारिश से 1500 बिजली खंभे धराशायी, 200 गांवों में ब्लैकआउट; ₹2.5 करोड़ का नुकसान

सारांश

जैसलमेर में सोमवार रात आए तूफान ने 1500 से ज़्यादा बिजली के खंभे गिरा दिए और 200 गांवों को 16 घंटे से अधिक अंधेरे में डुबो दिया। जोधपुर डिस्कॉम को ₹2.5 करोड़ का नुकसान, ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य आपूर्ति बहाल होने में 48 घंटे तक लग सकते हैं।

मुख्य बातें

जैसलमेर में सोमवार रात आए तूफान-बारिश से करीब 1500 बिजली के खंभे गिर गए।
लगभग 200 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप; 16 घंटे से अधिक का ब्लैकआउट।
जोधपुर डिस्कॉम को अब तक करीब ₹2.5 करोड़ के नुकसान का अनुमान।
33 केवी और 11 केवी लाइनें तथा कई ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त; मोहनगढ़ और चांधन सबसे प्रभावित।
अधीक्षण अभियंता भैराराम चौधरी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में बहाली में 24-48 घंटे लगेंगे।
पोकरण और जैसलमेर शहर में सोमवार रात ही बिजली बहाल कर दी गई।

राजस्थान के जैसलमेर ज़िले में सोमवार रात आए भीषण तूफान और तेज बारिश ने विद्युत ढाँचे को बड़े पैमाने पर तहस-नहस कर दिया, जिससे करीब 1500 बिजली के खंभे गिर गए और लगभग 200 गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। अधिकारियों के अनुसार, जोधपुर डिस्कॉम को इस आपदा से अब तक करीब ₹2.5 करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है, और ग्रामीण इलाकों में 16 घंटे से अधिक समय से ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी हुई है।

मुख्य घटनाक्रम

तेज हवाओं और बारिश के चलते 33 केवी और 11 केवी की कई महत्वपूर्ण लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, साथ ही कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर भी टूट गए हैं। मोहनगढ़ और चांधन क्षेत्र इस तूफान से सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। खुईयाला, सियाम्बर, सांगड़, चेलक और पोलजी डेयरी सहित करीब 200 गांवों का विद्युत संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है।

अधिकारियों का बयान

जैसलमेर के अधीक्षण अभियंता भैराराम चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि सोमवार रात तूफान के दौरान 1500 से अधिक पोल गिरे और कई ट्रांसफॉर्मर तथा तार क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि नुकसान का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है क्योंकि दूरदराज के इलाकों से रिपोर्टिंग अभी जारी है। चौधरी के अनुसार, विभाग की प्राथमिकता पहले प्रमुख फीडरों और हाई वोल्टेज लाइनों को चालू करना है।

बहाली की कार्रवाई

जोधपुर डिस्कॉम की टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों और फीडरों को बहाल करने में जुट गई हैं। सोमवार रात ही पोकरण और जैसलमेर शहर में बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी गई थी। हालाँकि, अधिकारियों ने आगाह किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य आपूर्ति बहाल होने में 24 से 48 घंटे लग सकते हैं।

आम जनता पर असर

बिजली व्यवस्था ठप होने के साथ ही कई गांवों में पेयजल संकट भी गहरा गया है, क्योंकि पंपिंग व्यवस्था ठप हो गई है। ग्रामीणों को रात भर अँधेरे और गर्मी में रहना पड़ा, और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित है। डिस्कॉम अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त कर्मी और सामग्री प्रभावित क्षेत्रों में भेजी जा रही है, परंतु दूरस्थ गांवों तक पहुँचने में चुनौतियाँ बनी हुई हैं।

क्या होगा आगे

विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से अपील की है कि वे गिरे हुए बिजली के खंभों और टूटे तारों से दूरी बनाकर रखें ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। गौरतलब है कि पश्चिमी राजस्थान में पूर्व-मानसून तूफान बीते कुछ वर्षों में बार-बार बिजली ढाँचे को नुकसान पहुँचाते रहे हैं, जिससे विभाग की आपदा-तैयारी पर भी सवाल उठते रहे हैं। आने वाले 48 घंटों में बहाली कार्य की रफ़्तार ही तय करेगी कि संकट कितनी जल्दी थमता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पश्चिमी राजस्थान के बिजली ढाँचे की संरचनात्मक कमज़ोरी का खुलासा भी है। हर पूर्व-मानसून सीज़न में सैकड़ों खंभे और ट्रांसफार्मर ढहना संकेत है कि पुरानी 33/11 केवी लाइनें मौजूदा मौसमी अतिवादों के अनुरूप नहीं हैं। ₹2.5 करोड़ का तात्कालिक नुकसान आँकड़ा भले छोटा लगे, लेकिन हर साल इस तरह की क्षति का संचयी बोझ डिस्कॉम के घाटे को और गहराता है। असली सवाल यह है कि क्या बहाली के बाद ढाँचे को मज़बूत किया जाएगा, या अगले तूफान का इंतज़ार होगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जैसलमेर में तूफान से कितना नुकसान हुआ है?
सोमवार रात आए तूफान और तेज बारिश से जैसलमेर ज़िले में करीब 1500 बिजली के खंभे गिर गए और लगभग 200 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। जोधपुर डिस्कॉम को अब तक करीब ₹2.5 करोड़ के नुकसान का अनुमान है, और यह आँकड़ा बढ़ने की आशंका है।
बिजली कब तक बहाल होगी?
पोकरण और जैसलमेर शहर में सोमवार रात ही बिजली व्यवस्था सुचारू कर दी गई थी। अधीक्षण अभियंता भैराराम चौधरी के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य विद्युत आपूर्ति बहाल होने में 24 से 48 घंटे का समय लग सकता है।
सबसे अधिक प्रभावित इलाके कौन-से हैं?
मोहनगढ़ और चांधन क्षेत्र इस तूफान से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा खुईयाला, सियाम्बर, सांगड़, चेलक और पोलजी डेयरी समेत करीब 200 गांवों का विद्युत संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है।
क्या पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है?
हाँ, बिजली व्यवस्था ठप होने से पंपिंग बाधित हुई है, जिससे कई गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। डिस्कॉम बहाली में जुटा है ताकि पानी की आपूर्ति भी जल्द सामान्य हो सके।
विभाग ने आम लोगों को क्या सलाह दी है?
विद्युत विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से अपील की है कि वे गिरे हुए बिजली के खंभों और टूटे तारों से दूरी बनाकर रखें। किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचने के लिए तारों को छूने का प्रयास न करें और तत्काल विभाग को सूचित करें।
राष्ट्र प्रेस
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