27 जुलाई 2026
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जलगांव में मौलवी से 'जय श्री राम' जबरन बुलवाना गलत, वारिस पठान ने मांगी आरोपियों पर कार्रवाई

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जलगांव में मौलवी से 'जय श्री राम' जबरन बुलवाना गलत, वारिस पठान ने मांगी आरोपियों पर कार्रवाई

सारांश

AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने जलगांव में मौलवी से जबरन 'जय श्री राम' बुलवाने, वसई-विरार में भारतीय नागरिकों की गलत हिरासत और होर्मुज के पास जहाज हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत — तीनों मामलों पर एक साथ मोर्चा खोला।

मुख्य बातें

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने जलगांव में मौलवी से कथित जबरन 'जय श्री राम' बुलवाने की घटना को निंदनीय बताया।
आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज; पठान ने वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की बात कही।
वसई-विरार में घुसपैठ के संदेह में हिरासत में ली गई महिलाएँ और बच्चे भारतीय नागरिक निकले; दस्तावेज जाँच के बाद रिहा।
स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे के विरुद्ध महाराष्ट्र साइबर पुलिस की एफआईआर; जाँच जारी।
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास जहाज एमटी सेटेबेलो पर हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत; पठान ने निंदा की और युद्ध रोकने की अपील की।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने 11 जून 2026 को महाराष्ट्र में घटी तीन अलग-अलग घटनाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और एक विदेशी जहाज पर हुए हमले की भी निंदा की। उन्होंने जलगांव जिले में एक मौलवी को कथित तौर पर जबरन 'जय श्री राम' के नारे लगवाने की घटना को दुखद और निंदनीय करार दिया तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की माँग की।

जलगांव घटना: क्या हुआ और क्या कदम उठाए गए

वारिस पठान ने बताया कि जलगांव में नमाज अदा कर लौट रहे एक मौलाना को चार-पाँच लोगों ने घेरकर कथित तौर पर जबरन 'जय श्री राम' के नारे लगवाए और इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों से बात करने के बाद अब आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पठान ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध किसी धार्मिक नारे के लिए बाध्य करना कानूनी और नैतिक दोनों दृष्टियों से गलत है।

वसई-विरार में हिरासत प्रकरण

वसई-विरार में कथित घुसपैठिये होने के संदेह में महिलाओं और बच्चों को हिरासत में लिए जाने पर पठान ने कहा कि ये आरोप पूरी तरह निराधार थे। उनके अनुसार, वे सभी भारतीय नागरिक थे जिन्हें महज संदेह के आधार पर पकड़कर रात भर थाने में बैठाए रखा गया। उन्होंने बताया कि अधिकारियों से हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने दस्तावेजों की जाँच कर उन्हें रिहा कर दिया।

स्टैंड-अप कॉमेडियन और साइबर सेल मामला

सोशल मीडिया पर अश्लील और समाज-विरोधी सामग्री फैलाने के आरोप में स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे के विरुद्ध महाराष्ट्र साइबर पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर पर पठान ने कहा कि साइबर पुलिस ने मामले का संज्ञान ले लिया है और जाँच जारी है। उन्होंने केईएम अस्पताल की एक महिला डॉक्टर का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, बाद में माफी माँगी। ये सभी मामले अब साइबर सेल के पास विचाराधीन हैं।

जहाज पर हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत

ओमान के तट और होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट पलाऊ के झंडे वाले जहाज एमटी सेटेबेलो पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर पठान ने गहरी निंदा व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'मैं इस हमले की कड़ी निंदा करता हूँ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को युद्ध रोकने के लिए पहल करनी चाहिए। जिस तरह से युद्ध जारी है, उस पर सभी देशों को मिलकर सोचना चाहिए ताकि इसे जल्द से जल्द रोका जा सके।'

आगे क्या होगा

जलगांव मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब जाँच एजेंसियों पर आरोपियों को शीघ्र न्याय के कटघरे में लाने का दबाव है। वसई-विरार प्रकरण में रिहाई के बाद भी पठान ने अल्पसंख्यक नागरिकों के साथ बर्ताव पर सवाल उठाए हैं। साइबर सेल की जाँच और जहाज हमले में भारतीय नाविकों की मौत का मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर चर्चा का केंद्र बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि मुकदमा तेज़ी से चले और दोषियों को सज़ा मिले। वसई-विरार प्रकरण यह भी दर्शाता है कि 'घुसपैठिया' का संदेह कभी-कभी बिना दस्तावेज़ी आधार के भी नागरिकों पर थोपा जा रहा है — यह कानून-व्यवस्था की प्रक्रियागत खामी है जिस पर ध्यान देना ज़रूरी है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जलगांव में मौलवी से 'जय श्री राम' जबरन बुलवाने का मामला क्या है?
जलगांव जिले में नमाज के बाद लौट रहे एक मौलाना को कथित तौर पर चार-पाँच लोगों ने घेरकर 'जय श्री राम' के नारे लगवाए और वीडियो वायरल किया। AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान के हस्तक्षेप के बाद आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है।
वसई-विरार में हिरासत में लिए गए लोगों को क्यों छोड़ा गया?
वसई-विरार में घुसपैठिये होने के संदेह में हिरासत में ली गई महिलाएँ और बच्चे वास्तव में भारतीय नागरिक थे। दस्तावेजों की जाँच के बाद पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया।
एमटी सेटेबेलो जहाज हमले में कितने भारतीय नाविकों की मौत हुई?
ओमान के तट और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास पलाऊ के झंडे वाले जहाज एमटी सेटेबेलो पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। वारिस पठान ने इस हमले की निंदा करते हुए सभी देशों से युद्ध रोकने की अपील की।
स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे पर क्या आरोप हैं?
महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने प्रणित मोरे के विरुद्ध सोशल मीडिया पर अश्लील और समाज-विरोधी सामग्री फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। मामले की जाँच साइबर सेल कर रहा है।
वारिस पठान ने इन घटनाओं पर क्या माँग रखी है?
वारिस पठान ने जलगांव मामले में आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई, वसई-विरार में निर्दोष नागरिकों की हिरासत की जाँच और जहाज हमले में मारे गए भारतीय नाविकों के परिजनों को न्याय दिलाने की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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