पायधुनी यौन उत्पीड़न कांड: वारिस पठान की माँग — दरिंदे को फाँसी दो, फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता वारिस पठान ने मुंबई के पायधुनी इलाके में एक मासूम बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न की घटना पर गहरी पीड़ा जताते हुए 13 जुलाई को माँग की कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो और दोषी को अदालत फाँसी की सजा सुनाए। उन्होंने सरकार से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करने और पीड़िता को त्वरित न्याय दिलाने की अपील की।
मुख्य घटनाक्रम
पायधुनी में सात-आठ वर्षीय एक बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म की इस घटना को वारिस पठान ने 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, दर्दनाक और दिल दहला देने वाला' करार दिया। उन्होंने कहा कि इस अपराध को अंजाम देने वाला व्यक्ति नहीं, दरिंदा है। पठान ने स्पष्ट किया कि वे कानून और संविधान में पूरा विश्वास रखते हैं, किंतु ऐसी घटनाएँ इंसान को भीतर तक झकझोर देती हैं।
वारिस पठान की माँगें
पठान ने तीन सूत्री माँग रखी — पहली, मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो; दूसरी, सरकार स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करे; तीसरी, पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिले। उनका तर्क था कि ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर सजा से समाज में यह संदेश जाएगा कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
पीड़िता की स्थिति और प्रशासन का रुख
पठान ने बताया कि उनकी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों से बातचीत हुई है। बच्ची का इलाज जारी है और पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले में पूरी गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे असामाजिक तत्वों पर निरंतर निगरानी और एहतियाती कदम उठाने की भी माँग की।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद और नितेश राणे पर पलटवार
इसी प्रेस वार्ता में पठान ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों और इस मामले में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे द्वारा विपक्ष को 'औरंगजेब के वंशज' बताए जाने वाले बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि कथित गड़बड़ी में किसी मुस्लिम की भूमिका नहीं बताई जा रही, तो इस मामले को धार्मिक रंग देने का कोई औचित्य नहीं है। पठान के अनुसार, प्रारंभिक जाँच रिपोर्ट में कथित तौर पर ऐसे साक्ष्य सामने आए हैं जो चढ़ावे के धन में गड़बड़ी की ओर इशारा करते हैं, और इसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।
आगे क्या
पठान ने पीड़ित बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए उसके परिवार को इस कठिन समय में हिम्मत और धैर्य मिलने की प्रार्थना की। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में बाल यौन उत्पीड़न के मामलों में त्वरित न्याय को लेकर माँगें लगातार तेज़ हो रही हैं। अब देखना होगा कि महाराष्ट्र सरकार फास्ट ट्रैक सुनवाई की माँग पर क्या कदम उठाती है।