14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पुणे जहरीली शराब कांड: वारिस पठान की माँग — दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पुणे जहरीली शराब कांड: वारिस पठान की माँग — दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो

सारांश

पुणे में जहरीली शराब से 13 मौतों के बाद AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने सरकार और शराब माफिया पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की माँग की। उनका आरोप है कि भ्रष्ट तंत्र और नेताओं की मिलीभगत से यह अवैध धंधा पनपा और सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाने में लगी है।

मुख्य बातें

पुणे में जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्थानीय नेताओं, भ्रष्ट अधिकारियों और शराब माफिया पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की माँग की।
पठान का आरोप — बार-बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई क्योंकि 'पैसा ऊपर तक पहुँचता है' ।
नीट पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग; दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों का खर्च सरकार उठाए।
गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना — सीमा घुसपैठ की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने पुणे में जहरीली शराब से 13 लोगों की मौत पर सरकार और प्रशासन को सीधे कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने स्थानीय नेताओं, भ्रष्ट अधिकारियों और शराब माफिया के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की माँग की, यह कहते हुए कि लापरवाही और मिलीभगत से हुई मौतें सामान्य प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि आपराधिक जिम्मेदारी का मामला है।

मुख्य घटनाक्रम

पुणे में कथित तौर पर अवैध रूप से बेची जा रही जहरीली शराब के सेवन से 13 लोगों की मौत हो गई। पठान ने सवाल उठाया कि यदि लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा था, तो प्रशासन ने उसे रोका क्यों नहीं। उनका आरोप है कि 'पैसा ऊपर तक पहुँचता है' — इसीलिए बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

सरकार पर आरोप

पठान ने कहा कि सरकार केवल शोक-संवेदना के बयान देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है। उन्होंने माँग की कि बुलडोजर गरीबों के घरों पर नहीं, बल्कि उन अवैध शराब प्रतिष्ठानों पर चलाया जाए जो लोगों की जानें ले रहे हैं। उनका कहना है कि महाराष्ट्र ही नहीं, देशभर में जहाँ-जहाँ अवैध शराब का धंधा चल रहा है, वहाँ कठोर कदम उठाए जाने चाहिए।

व्यापक राजनीतिक मुद्दे

पठान ने आरोप लगाया कि सरकार जनता का ध्यान असली मुद्दों — नीट पेपर लीक, बेरोज़गारी, महँगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों — से हटाने के लिए धार्मिक विवादों को हवा दे रही है। उन्होंने कहा कि एक महीने में कई बार ईंधन की कीमतें बढ़ीं, लेकिन उस पर कोई चर्चा नहीं हो रही।

बकरीद पर उन्होंने कहा कि देशभर में करोड़ों मुसलमानों ने त्योहार शांतिपूर्वक मनाया — नमाज़, कुर्बानी और भाईचारे का संदेश दिया — फिर भी कुछ तत्व समाज में तनाव पैदा करने के लिए नए विवाद खड़े करते रहते हैं।

घुसपैठ और सीमा सुरक्षा पर निशाना

सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर पठान ने गृह मंत्री अमित शाह को घेरते हुए कहा कि यदि सीमा पर घुसपैठ हो रही है तो इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। उन्होंने कहा कि सरकार घुसपैठ का मुद्दा उठाती रहती है, लेकिन ठोस कार्रवाई नज़र नहीं आती और इस मुद्दे का इस्तेमाल मुसलमानों को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है।

नीट पेपर लीक और छात्रों की माँग

नीट पेपर लीक पर पठान ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग की। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही से लाखों छात्रों का भविष्य दाँव पर लग गया है और कई छात्र मानसिक तनाव में आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। पठान ने इसे महज़ प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि 'कोल्ड ब्लडेड मर्डर' जैसा करार दिया। उनकी माँग है कि दोबारा परीक्षा देने के लिए यात्रा करने वाले छात्रों के आने-जाने, रहने और खाने का पूरा खर्च सरकार वहन करे।

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक तनाव पहले से ही ऊँचे स्तर पर है और जहरीली शराब की यह घटना राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर नए सवाल खड़े कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार जाँच समिति बनती है, कुछ गिरफ्तारियाँ होती हैं, फिर मामला ठंडा पड़ जाता है। वारिस पठान की 'हत्या के मुकदमे' की माँग राजनीतिक है, लेकिन सवाल वाजिब है — अवैध शराब की आपूर्ति श्रृंखला बिना स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत के टिक नहीं सकती। असली जवाबदेही तब होगी जब सिर्फ माफिया नहीं, बल्कि उन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर भी कार्रवाई हो जिनकी निगरानी में यह धंधा फला-फूला।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे जहरीली शराब कांड में कितने लोगों की मौत हुई?
पुणे में जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत हुई है। यह घटना अवैध शराब के कारोबार और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
वारिस पठान ने पुणे कांड पर क्या माँग की है?
AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्थानीय नेताओं, भ्रष्ट अधिकारियों और शराब माफिया पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की माँग की है। उनका कहना है कि केवल शोक-संवेदना से काम नहीं चलेगा, जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पठान ने नीट पेपर लीक पर क्या कहा?
वारिस पठान ने नीट पेपर लीक को 'कोल्ड ब्लडेड मर्डर' जैसा करार देते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग की। उन्होंने यह भी कहा कि दोबारा परीक्षा देने वाले छात्रों के यात्रा, रहने और खाने का पूरा खर्च सरकार को वहन करना चाहिए।
वारिस पठान ने गृह मंत्री अमित शाह पर क्या आरोप लगाए?
पठान ने कहा कि यदि सीमा पर घुसपैठ हो रही है तो इसकी जिम्मेदारी सीधे केंद्र सरकार और गृह मंत्री की है। उनका आरोप है कि सरकार घुसपैठ का मुद्दा उठाती रहती है, लेकिन ठोस कार्रवाई नज़र नहीं आती।
AIMIM का महाराष्ट्र में अवैध शराब पर क्या रुख है?
AIMIM का रुख है कि महाराष्ट्र सहित पूरे देश में जहाँ-जहाँ अवैध शराब का कारोबार चल रहा है, वहाँ सरकार को कठोर कदम उठाने चाहिए। पार्टी का आरोप है कि भ्रष्ट तंत्र और नेताओं की मिलीभगत से ऐसे धंधे पनप रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले