वंदे मातरम विरोधियों को पाकिस्तान भेजो: भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर का तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
गाजियाबाद से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने 29 जुलाई को विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जो लोग 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' जैसे राष्ट्रीय नारों का सम्मान नहीं करते, उनके लिए भारत में कोई स्थान नहीं होना चाहिए और ऐसे लोगों को पाकिस्तान भेजा जाना चाहिए। उनका यह बयान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रवक्ता वारिस पठान की उस टिप्पणी के संदर्भ में आया, जिसमें पठान ने कथित तौर पर कहा था कि 'अगर हम वंदे मातरम नहीं बोलें तो क्या गोलियां मार देंगे या फांसी दे देंगे?'
वारिस पठान के बयान पर गुर्जर की प्रतिक्रिया
नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि इस प्रकार की सोच रखने वाले लोगों को देश के विभाजन का इतिहास याद रखना चाहिए। उनके अनुसार, जो व्यक्ति भारतीय संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्रीय प्रतीकों को स्वीकार नहीं करता, उसे भारत में रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने भारतीय संस्कृति और भगवान श्रीराम की परंपराओं का विरोध करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की माँग की।
राहुल गांधी पर निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया बयानों पर भी गुर्जर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि देश का कोई भी वर्ग अब राहुल गांधी की बातों को गंभीरता से नहीं लेता। गुर्जर ने यह भी कहा कि विभिन्न वर्गों के लोगों से बातचीत में उन्हें यही प्रतिक्रिया मिली कि राहुल गांधी जिस भी आंदोलन से जुड़ते हैं, उसे नुकसान होता है।
संसद में राहुल गांधी द्वारा कथित तौर पर इस्तेमाल की गई भाषा पर आपत्ति जताते हुए गुर्जर ने कहा कि यह संसदीय गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जैसे वरिष्ठ नेता को भी राहुल गांधी को टोकना पड़ा, जो स्वयं में गंभीर बात है।
छात्र आंदोलन और साजिश के आरोप
संसद सत्र के दौरान राहुल गांधी द्वारा यह कहे जाने पर कि छात्रों पर गोली चलाने की अनुमति दी गई थी, गुर्जर ने पलटवार करते हुए कहा कि पुलिस बल में किसानों, मजदूरों और गरीब परिवारों के बेटे-बेटियाँ भी सेवा कर रहे हैं और आंदोलन के दौरान उनके साथ भी दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने दावा किया कि पुलिस जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं।
गुर्जर ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान संसद और प्रधानमंत्री आवास तक पहुँचने की योजना बनाई गई थी और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। उन्होंने यह भी कहा कि छात्र आंदोलन के नाम पर कुछ लोगों ने सनातन धर्म और भारतीय परंपराओं के खिलाफ नारे लगाए, जो किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
शिक्षा नीति और आरएसएस विवाद
राहुल गांधी के इस आरोप पर कि देश के विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा वाले कुलपति नियुक्त किए गए हैं, गुर्जर ने कांग्रेस पर शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुँचाने का पलटा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया, जबकि केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से व्यापक सुधार किए। उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मेडिकल और इंजीनियरिंग शिक्षा में अवसर बढ़ाए और गरीब छात्रों की पहुँच आसान बनाई।
गृह मंत्री अमित शाह के बचाव में
गृह मंत्री अमित शाह पर राहुल गांधी की टिप्पणी का जवाब देते हुए गुर्जर ने कहा कि राहुल गांधी को ऐसे बयान देने से पहले अपने स्वयं के राजनीतिक आचरण पर विचार करना चाहिए। उनके अनुसार, अनुच्छेद 370 हटाने, नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर अमित शाह ने निर्णायक नेतृत्व दिया है। गुर्जर ने कहा कि राहुल गांधी के ऐसे बयान राजनीतिक हताशा का परिणाम हैं और जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती। यह टकराव संसद सत्र के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच गहरे होते राजनीतिक ध्रुवीकरण का संकेत है।