29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वंदे मातरम विरोधियों को पाकिस्तान भेजो: भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर का तीखा हमला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वंदे मातरम विरोधियों को पाकिस्तान भेजो: भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर का तीखा हमला

सारांश

गाजियाबाद से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने वंदे मातरम विरोधियों को पाकिस्तान भेजने की माँग की। AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान की टिप्पणी और राहुल गांधी के संसदीय बयानों को निशाना बनाते हुए गुर्जर ने विपक्ष पर राष्ट्रीय संस्कृति और संसदीय गरिमा के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने 29 जुलाई को कहा कि वंदे मातरम और भारत माता की जय का सम्मान न करने वालों को पाकिस्तान भेजा जाना चाहिए ।
AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी जिसमें कथित तौर पर वंदे मातरम न बोलने पर दंड की बात कही गई थी।
गुर्जर ने राहुल गांधी की संसद में भाषा को संसदीय गरिमा के खिलाफ बताया; कहा — रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी उन्हें टोकना पड़ा।
छात्र आंदोलन के दौरान संसद और प्रधानमंत्री आवास तक पहुँचने की साजिश का आरोप लगाया।
गृह मंत्री अमित शाह का बचाव करते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 हटाने और नक्सलवाद से लड़ाई में उनका नेतृत्व निर्णायक रहा है।

गाजियाबाद से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने 29 जुलाई को विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जो लोग 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' जैसे राष्ट्रीय नारों का सम्मान नहीं करते, उनके लिए भारत में कोई स्थान नहीं होना चाहिए और ऐसे लोगों को पाकिस्तान भेजा जाना चाहिए। उनका यह बयान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रवक्ता वारिस पठान की उस टिप्पणी के संदर्भ में आया, जिसमें पठान ने कथित तौर पर कहा था कि 'अगर हम वंदे मातरम नहीं बोलें तो क्या गोलियां मार देंगे या फांसी दे देंगे?'

वारिस पठान के बयान पर गुर्जर की प्रतिक्रिया

नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि इस प्रकार की सोच रखने वाले लोगों को देश के विभाजन का इतिहास याद रखना चाहिए। उनके अनुसार, जो व्यक्ति भारतीय संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्रीय प्रतीकों को स्वीकार नहीं करता, उसे भारत में रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने भारतीय संस्कृति और भगवान श्रीराम की परंपराओं का विरोध करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की माँग की।

राहुल गांधी पर निशाना

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया बयानों पर भी गुर्जर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि देश का कोई भी वर्ग अब राहुल गांधी की बातों को गंभीरता से नहीं लेता। गुर्जर ने यह भी कहा कि विभिन्न वर्गों के लोगों से बातचीत में उन्हें यही प्रतिक्रिया मिली कि राहुल गांधी जिस भी आंदोलन से जुड़ते हैं, उसे नुकसान होता है।

संसद में राहुल गांधी द्वारा कथित तौर पर इस्तेमाल की गई भाषा पर आपत्ति जताते हुए गुर्जर ने कहा कि यह संसदीय गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जैसे वरिष्ठ नेता को भी राहुल गांधी को टोकना पड़ा, जो स्वयं में गंभीर बात है।

छात्र आंदोलन और साजिश के आरोप

संसद सत्र के दौरान राहुल गांधी द्वारा यह कहे जाने पर कि छात्रों पर गोली चलाने की अनुमति दी गई थी, गुर्जर ने पलटवार करते हुए कहा कि पुलिस बल में किसानों, मजदूरों और गरीब परिवारों के बेटे-बेटियाँ भी सेवा कर रहे हैं और आंदोलन के दौरान उनके साथ भी दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने दावा किया कि पुलिस जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं।

गुर्जर ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान संसद और प्रधानमंत्री आवास तक पहुँचने की योजना बनाई गई थी और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। उन्होंने यह भी कहा कि छात्र आंदोलन के नाम पर कुछ लोगों ने सनातन धर्म और भारतीय परंपराओं के खिलाफ नारे लगाए, जो किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।

शिक्षा नीति और आरएसएस विवाद

राहुल गांधी के इस आरोप पर कि देश के विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा वाले कुलपति नियुक्त किए गए हैं, गुर्जर ने कांग्रेस पर शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुँचाने का पलटा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया, जबकि केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से व्यापक सुधार किए। उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मेडिकल और इंजीनियरिंग शिक्षा में अवसर बढ़ाए और गरीब छात्रों की पहुँच आसान बनाई।

गृह मंत्री अमित शाह के बचाव में

गृह मंत्री अमित शाह पर राहुल गांधी की टिप्पणी का जवाब देते हुए गुर्जर ने कहा कि राहुल गांधी को ऐसे बयान देने से पहले अपने स्वयं के राजनीतिक आचरण पर विचार करना चाहिए। उनके अनुसार, अनुच्छेद 370 हटाने, नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर अमित शाह ने निर्णायक नेतृत्व दिया है। गुर्जर ने कहा कि राहुल गांधी के ऐसे बयान राजनीतिक हताशा का परिणाम हैं और जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती। यह टकराव संसद सत्र के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच गहरे होते राजनीतिक ध्रुवीकरण का संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक परिचित राजनीतिक लिपि की तरह सुनाई देता है — जो संसद सत्र के दौरान विपक्षी दबाव को राष्ट्रवादी बहस में बदलने की कोशिश है। ध्यान देने वाली बात यह है कि ऐसे बयान अक्सर तब आते हैं जब सत्तापक्ष किसी ठोस संसदीय सवाल का जवाब देने की बजाय पाला बदलना चाहता है। वारिस पठान की टिप्पणी विवादास्पद थी, लेकिन उसके जवाब में नागरिकता पर सवाल उठाना संवैधानिक सीमाओं को परखता है। मुख्यधारा की कवरेज बयान को उद्धृत करती है, पर यह नहीं पूछती कि क्या किसी निर्वाचित प्रतिनिधि का यह कहना कि अमुक नागरिकों को देश से बाहर भेजा जाए, स्वयं संसदीय मर्यादा की कसौटी पर खरा उतरता है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने पाकिस्तान भेजने की बात किस संदर्भ में कही?
गुर्जर ने यह बयान AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान की उस टिप्पणी के जवाब में दिया जिसमें कथित तौर पर वंदे मातरम न बोलने पर दंड की बात कही गई थी। गुर्जर का कहना था कि जो लोग भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय नारों का सम्मान नहीं करते, उनके लिए भारत में कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
वारिस पठान ने वंदे मातरम पर क्या कहा था?
AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने कथित तौर पर कहा था कि 'अगर हम वंदे मातरम नहीं बोलें तो क्या गोलियां मार देंगे या फांसी दे देंगे?' — यह बयान राष्ट्रगान और राष्ट्रीय नारों को अनिवार्य बनाने की माँग के विरोध में था।
नंदकिशोर गुर्जर ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
गुर्जर ने कहा कि राहुल गांधी की संसद में इस्तेमाल की गई भाषा संसदीय गरिमा के खिलाफ है और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी उन्हें टोकना पड़ा। उन्होंने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी जिस आंदोलन से जुड़ते हैं, उसे नुकसान होता है।
छात्र आंदोलन को लेकर गुर्जर ने क्या आरोप लगाए?
गुर्जर ने दावा किया कि आंदोलन के दौरान संसद और प्रधानमंत्री आवास तक पहुँचने की साजिश रची गई थी। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं और राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
गुर्जर ने शिक्षा नीति पर क्या कहा?
राहुल गांधी के RSS-विचारधारा वाले कुलपतियों के आरोप के जवाब में गुर्जर ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया, जबकि नई शिक्षा नीति ने मेडिकल और इंजीनियरिंग में गरीब छात्रों के लिए अवसर बढ़ाए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. कल
  3. कल
  4. कल
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले