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जम्मू में नशा तस्कर नवजोत सिंह की ₹4 करोड़ की तीन संपत्तियाँ ध्वस्त, 15 FIR दर्ज थे मामले

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जम्मू में नशा तस्कर नवजोत सिंह की ₹4 करोड़ की तीन संपत्तियाँ ध्वस्त, 15 FIR दर्ज थे मामले

सारांश

जम्मू पुलिस ने नशा तस्कर नवजोत सिंह उर्फ बबलू की ₹4 करोड़ की तीन संपत्तियाँ ध्वस्त कर नशा सिंडिकेट की आर्थिक कमर तोड़ने का प्रयास किया। आरोपी पर 15 FIR दर्ज हैं। प्रशासन ने 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

जम्मू पुलिस और जिला प्रशासन ने 23 मई 2026 को मीरान साहिब में नशा तस्कर की ₹4 करोड़ मूल्य की तीन संपत्तियाँ ध्वस्त कीं।
आरोपी नवजोत सिंह उर्फ बबलू , निवासी इंदिरा नगर, मीरान साहिब, पर एनडीपीएस एक्ट सहित कुल 15 एफआईआर दर्ज हैं।
संपत्तियाँ अवैध नशा तस्करी से अर्जित धन से खरीदी गई थीं — पुलिस के अनुसार।
कार्रवाई में एसपी मुख्यालय , एसडीपीओ आरएस पुरा , एसडीएम आरएस पुरा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जम्मू पुलिस ने नशा तस्करी के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' नीति जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

जम्मू पुलिस और जिला प्रशासन ने 23 मई 2026 को मीरान साहिब क्षेत्र में नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात तस्कर नवजोत सिंह उर्फ बबलू की ₹4 करोड़ मूल्य की तीन संपत्तियाँ ध्वस्त कर दीं। पुलिस के अनुसार ये संपत्तियाँ अवैध नशा तस्करी से अर्जित धन से खरीदी गई थीं।

मुख्य घटनाक्रम

जम्मू मुख्यालय जोन पुलिस ने जिला प्रशासन के सहयोग से इंदिरा नगर, मीरान साहिब निवासी नवजोत सिंह की संपत्तियों को गिराया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में कुल 15 एफआईआर दर्ज हैं। जाँच में सामने आया कि नवजोत सिंह ने अवैध कमाई से ये संपत्तियाँ अर्जित की थीं, जिनकी पहचान के बाद प्रशासन ने विध्वंस की कार्रवाई की।

संयुक्त अभियान का स्वरूप

यह अभियान पुलिस और प्रशासन की संयुक्त निगरानी में संचालित किया गया। कार्रवाई के दौरान एसपी मुख्यालय, एसडीपीओ आरएस पुरा, थाना प्रभारी मीरान साहिब, एसडीएम आरएस पुरा तथा स्थानीय तहसीलदार मौके पर उपस्थित रहे। सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरी कार्रवाई शांतिपूर्वक संपन्न हुई और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

प्रशासन की मंशा और संदेश

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य नशा कारोबार से जुड़े नेटवर्क की आर्थिक नींव को तोड़ना और क्षेत्र में सक्रिय नशा सिंडिकेट पर प्रभावी प्रहार करना था। जम्मू पुलिस ने बयान जारी करते हुए कहा कि नशा तस्करी के विरुद्ध उसकी 'जीरो टॉलरेंस' नीति जारी रहेगी और इस कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कदम उठाए जाएंगे।

आम जनता पर असर और प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया। क्षेत्रवासियों ने कहा कि नशा तस्करी युवाओं को बर्बाद कर रही है और इस प्रकार की सख्त कार्रवाई से अपराधियों में कानून का भय पैदा होगा। लोगों ने अपेक्षा जताई कि प्रशासन आगे भी ऐसे तत्वों के विरुद्ध निरंतर अभियान चलाता रहेगा।

आगे क्या

अधिकारियों ने संकेत दिया है कि नशा तस्करी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की संपत्तियों की पहचान का काम भी जारी है। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में नशे के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान की एक कड़ी है, और पुलिस ने भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या एक आरोपी पर 15 एफआईआर दर्ज होने के बावजूद वह इतने लंबे समय तक सक्रिय कैसे रहा। नशा तस्करी नेटवर्क की 'आर्थिक कमर' तोड़ने का दावा तभी सार्थक होगा जब आपूर्ति श्रृंखला के ऊपरी सिरे तक कार्रवाई पहुँचे — केवल स्थानीय संपत्तियाँ गिराने से सिंडिकेट की जड़ें नहीं कटतीं। जम्मू-कश्मीर में नशे की समस्या की गहराई को देखते हुए, 'जीरो टॉलरेंस' नीति को दीर्घकालिक पुनर्वास और सामाजिक हस्तक्षेप के साथ जोड़ना भी उतना ही ज़रूरी है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू में किस नशा तस्कर की संपत्तियाँ ध्वस्त की गईं?
जम्मू के मीरान साहिब के इंदिरा नगर निवासी नवजोत सिंह उर्फ बबलू की तीन संपत्तियाँ ध्वस्त की गईं। पुलिस के अनुसार उस पर एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में 15 एफआईआर दर्ज हैं।
ध्वस्त संपत्तियों का कुल मूल्य कितना था?
पुलिस के अनुसार ध्वस्त की गई तीनों संपत्तियों का कुल अनुमानित मूल्य लगभग ₹4 करोड़ था। ये संपत्तियाँ कथित तौर पर अवैध नशा तस्करी से अर्जित धन से खरीदी गई थीं।
यह कार्रवाई क्यों की गई?
अधिकारियों के अनुसार इस कार्रवाई का उद्देश्य नशा तस्करी नेटवर्क की आर्थिक नींव को तोड़ना और क्षेत्र में सक्रिय नशा सिंडिकेट को कमज़ोर करना था। यह जम्मू पुलिस की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत उठाया गया कदम है।
कार्रवाई में कौन-कौन से अधिकारी शामिल थे?
विध्वंस अभियान में एसपी मुख्यालय, एसडीपीओ आरएस पुरा, थाना प्रभारी मीरान साहिब, एसडीएम आरएस पुरा और स्थानीय तहसीलदार मौके पर उपस्थित रहे। यह अभियान पुलिस और जिला प्रशासन के संयुक्त सहयोग से चलाया गया।
क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?
जम्मू पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करी में लिप्त अन्य व्यक्तियों की संपत्तियों की पहचान का काम जारी है और भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने युवाओं को नशे से बचाने के लिए हरसंभव कदम उठाने की प्रतिबद्धता जताई है।
राष्ट्र प्रेस
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