कठुआ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बिल्लावर में ड्रग तस्कर पंकज शर्मा की ₹50 लाख की संपत्ति जब्त
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 27 जून को नशा-विरोधी अभियान के तहत कठुआ जिले के बिल्लावर क्षेत्र में एक कथित ड्रग तस्कर की लगभग ₹50 लाख मूल्य की अचल संपत्ति जब्त की। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई और जब्त संपत्ति अवैध रूप से अर्जित आय से खरीदी गई बताई जा रही है।
जब्त संपत्ति का विवरण
जब्त की गई संपत्ति पल्लन गाँव, तहसील बिल्लावर निवासी पंकज शर्मा पुत्र देव राज के नाम पर दर्ज एक मंजिला आवासीय मकान है, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत करीब ₹50 लाख आँकी गई है। जाँच में प्रथम दृष्टया पाया गया कि यह संपत्ति नशीले पदार्थों और साइकोट्रोपिक पदार्थों की कथित अवैध तस्करी से अर्जित धन से बनाई गई थी।
मुख्य घटनाक्रम और कानूनी प्रक्रिया
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कठुआ मोहिता शर्मा (IPS) के निर्देश पर की गई। अभियान के दौरान SP ऑपरेशंस, SDPO बिल्लावर, थाना प्रभारी बिल्लावर और राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। पुलिस टीम ने NDPS अधिनियम, 1985 की धारा 68-A, 68-E और 68-F के तहत निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए संपत्ति को औपचारिक रूप से जब्त किया।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, पंकज शर्मा पहले भी NDPS अधिनियम से जुड़े कई मामलों में आरोपी रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 2022 में थाना राजबाग, वर्ष 2023 में थाना बिल्लावर और वर्ष 2025 में बिल्लावर थाने में नशा तस्करी से संबंधित मामले दर्ज हैं। 2025 के मामले में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराएँ भी लगाई गई थीं।
गौरतलब है कि संबंधित आरोपी को 19 जुलाई 2025 को डिविजनल कमिश्नर के आदेश के तहत PIT-NDPS (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) कानून के अंतर्गत निरुद्ध किया गया था और वह वर्तमान में उधमपुर जिला जेल में बंद है।
पुलिस की रणनीति और आगे की राह
कठुआ पुलिस का कहना है कि जिले में ड्रग तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने के लिए केवल तस्करों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में नशा तस्करी के खिलाफ प्रशासन की ओर से बहुस्तरीय अभियान तेज़ किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, संपत्ति जब्ती जैसी कार्रवाइयाँ नशा कारोबारियों की आर्थिक नींव को कमज़ोर करने में निर्णायक भूमिका निभाती हैं।