जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग: सुनील शर्मा ने सर्जियो गोर के बयान को बताया कूटनीतिक जीत
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद सत शर्मा ने 20 अगस्त को जम्मू में अमेरिकी राजनयिक सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर संबंधी बयान, 'वंदे मातरम' विवाद और राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा अनियमितता के मुद्दे पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा प्रहार किया। दोनों नेताओं ने एकस्वर में दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा।
सर्जियो गोर के बयान पर BJP की प्रतिक्रिया
सुनील शर्मा ने कहा कि अमेरिकी राजनयिक सर्जियो गोर ने अपनी जम्मू-कश्मीर यात्रा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के दौरान जिस स्पष्टता के साथ जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बताया, वह अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इससे पाकिस्तान को परेशानी होना स्वाभाविक है।
शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत का रुख केवल जम्मू-कश्मीर तक सीमित नहीं है — भारत लगातार यह भी कहता रहा है कि पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाला क्षेत्र भी भारत का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने इसे मोदी सरकार की बड़ी कूटनीतिक और रणनीतिक उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि पहले विदेशी प्रतिनिधि जम्मू-कश्मीर पर गोल-मोल बयान देते थे, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भ्रम की स्थिति बनती थी। अब वह स्थिति बदल रही है और भारत के पक्ष में स्पष्टता बढ़ रही है।
'वंदे मातरम' विवाद पर BJP का पलटवार
सुनील शर्मा ने 'वंदे मातरम' को लेकर कांग्रेस के रुख पर कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि संसद से ऊपर किसी राजनीतिक दल का प्रस्ताव नहीं हो सकता। उन्होंने कांग्रेस कार्यसमिति के वर्ष 1937 के उस निर्णय का उल्लेख किया, जिसके बारे में उनका आरोप है कि उस समय मुस्लिम लीग को संतुष्ट करने के लिए 'वंदे मातरम' को सीमित किया गया था।
शर्मा ने कहा कि 'वंदे मातरम' केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय भावना से जुड़ा विषय है। कांग्रेस का इस मुद्दे पर रवैया उन्हें देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण लगता है।
राज्यसभा सांसद सत शर्मा ने भी इसी सुर में कहा कि संसद में पारित निर्णय का सम्मान करना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिस धरती से अन्न, फल, वस्त्र और जीवन मिलता है, उसे 'माँ' के रूप में सम्मान देना भारतीय परंपरा का अभिन्न हिस्सा है।
राम मंदिर चंदा विवाद पर कांग्रेस को घेरा
राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा अनियमितता के मुद्दे पर सुनील शर्मा ने कहा कि यदि किसी मामले की जाँच विशेष जाँच दल या संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है, तो उसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और इस मुद्दे का राजनीतिकरण श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाता है।
शर्मा ने कांग्रेस पर भगवान राम के अस्तित्व को लेकर पूर्व में दिए गए हलफनामे का हवाला देते हुए कहा कि जिस पार्टी ने कभी भगवान राम को काल्पनिक बताया था, वह आज राम मंदिर के मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियाँ करने का प्रयास कर रही है।
ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान की अलगाव की स्थिति
सत शर्मा ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ा है और भारत ने दुनिया के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद विदेशों में देश का पक्ष रखने गए और राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता दी गई।
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के हिस्से का उल्लेख करते हुए सत शर्मा ने कहा कि भारत का दावा स्पष्ट है और भविष्य में वह क्षेत्र भी भारत के साथ जुड़ेगा। उन्होंने कहा कि 'अखंड भारत' की कल्पना की दिशा में देश आगे बढ़ रहा है।
पवन खेड़ा के बयान पर ऐतिहासिक तथ्य
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के हालिया बयान पर सत शर्मा ने ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ, जबकि भारतीय जनसंघ का गठन 21 अक्टूबर 1951 को और BJP का गठन 6 अप्रैल 1980 को हुआ। इसलिए BJP के गठन को सीधे तौर पर स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ना ऐतिहासिक रूप से सही नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान नेतृत्व में देश अलग-अलग चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है और नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।