सवालकोट हाइडल प्रोजेक्ट: उधमपुर में 1,856 मेगावाट बिजली और रोजगार की उम्मीद, सिंधु जल संधि निलंबन के बाद बनी सर्वोच्च प्राथमिकता

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सवालकोट हाइडल प्रोजेक्ट: उधमपुर में 1,856 मेगावाट बिजली और रोजगार की उम्मीद, सिंधु जल संधि निलंबन के बाद बनी सर्वोच्च प्राथमिकता

सारांश

सिंधु जल संधि के निलंबन के बाद सवालकोट हाइडल प्रोजेक्ट अब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गया है। ₹28,000 से ₹30,000 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना 1,856 मेगावाट बिजली देगी और उधमपुर-रियासी के स्थानीय लोगों के लिए रोजगार व पर्यटन के नए द्वार खोलेगी।

मुख्य बातें

केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने 'पथी पंगारा' मार्ग से सवालकोट हाइडल प्रोजेक्ट जोड़ने के प्रस्ताव पर पहल की।
परियोजना की अनुमानित लागत ₹28,000 से ₹30,000 करोड़ ; उत्पादन क्षमता 1,856 मेगावाट ।
सिंधु जल संधि के निलंबन के बाद यह परियोजना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में आ गई है।
प्रस्तावित डैम का एक हिस्सा रियासी जिले में और दूसरा उधमपुर जिले में होगा; पावर हाउस उधमपुर में बनेगा।
स्थानीय निवासियों को सड़क सुधार से पर्यटन और रोजगार में वृद्धि की उम्मीद।

सवालकोट हाइडल प्रोजेक्ट को लेकर उधमपुर और रियासी जिलों में उम्मीदों की नई लहर दौड़ गई है। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने उधमपुर के भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक पवन कुमार गुप्ता की माँग के बाद 'पथी पंगारा' मार्ग से इस परियोजना को जोड़ने के प्रस्ताव पर सक्रिय पहल की है। स्थानीय निवासियों ने इस कदम को क्षेत्रीय विकास और बेहतर बुनियादी ढाँचे की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत बताया है।

परियोजना की पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति

विधायक पवन कुमार गुप्ता ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि सवालकोट हाइड्रो प्रोजेक्ट जम्मू-कश्मीर सरकार का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसकी योजना बहुत पहले बनाई गई थी। उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से ₹30,000 करोड़ की यह परियोजना दशकों से आर्थिक संकट और प्राथमिकता की कमी के कारण ठंडे बस्ते में पड़ी रही — यह सवाल उठता है कि क्या बाहरी भू-राजनीतिक दबाव के बिना यह कभी आगे बढ़ती। स्थानीय लोगों की वास्तविक माँग सड़क सुधार और रोजगार की है, जो किसी भी बड़े बाँध प्रोजेक्ट के साथ स्वतः नहीं आती — इसके लिए अलग से नीतिगत प्रतिबद्धता जरूरी है। परियोजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या इस बार क्रियान्वयन ऐलान जितना तेज होगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सवालकोट हाइडल प्रोजेक्ट क्या है?
सवालकोट हाइडल प्रोजेक्ट जम्मू-कश्मीर सरकार की एक प्रमुख जलविद्युत परियोजना है, जिसकी अनुमानित लागत ₹28,000 से ₹30,000 करोड़ है और यह 1,856 मेगावाट बिजली उत्पादन करेगी। इस परियोजना के तहत प्रस्तावित डैम का एक हिस्सा रियासी जिले में और दूसरा उधमपुर जिले में होगा, जबकि पावर हाउस उधमपुर में बनाया जाएगा।
सवालकोट प्रोजेक्ट अब तक क्यों नहीं बन पाया?
विधायक पवन कुमार गुप्ता के अनुसार, आर्थिक संकट और सरकारी प्राथमिकता में न होने के कारण यह परियोजना लंबे समय से रुकी हुई थी। सिंधु जल संधि के निलंबन के बाद अब इसे सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल किया गया है।
सिंधु जल संधि के निलंबन का इस परियोजना पर क्या असर पड़ा?
सिंधु जल संधि के निलंबन के बाद भारत के लिए सिंधु नदी के जल का अधिकतम उपयोग करना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है। इसी के चलते सवालकोट जैसी लंबित जलविद्युत परियोजनाओं को नई गति मिली है और इन्हें सरकार की प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर रखा गया है।
स्थानीय लोगों को इस परियोजना से क्या फायदा होगा?
स्थानीय निवासियों को 1,856 मेगावाट स्वच्छ बिजली के अलावा सड़क सुधार, पर्यटन में वृद्धि और रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद है। 'पथी पंगारा' मार्ग से परियोजना को जोड़ने के प्रस्ताव से पंचारी जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुँच भी बेहतर होगी।
'पथी पंगारा' मार्ग का इस परियोजना में क्या महत्व है?
'पथी पंगारा' मार्ग से सवालकोट हाइडल प्रोजेक्ट को जोड़ने का प्रस्ताव केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने BJP विधायक पवन कुमार गुप्ता की माँग पर लिया है। यह मार्ग स्थानीय क्षेत्र के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करेगा और परियोजना स्थल तक पहुँच को सुगम बनाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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