जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर ₹846 करोड़ की एटी-03 टनल तैयार, अमरनाथ यात्रा 2026 से पहले खुलेगी
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर रामबन जिले में निर्मित 3.5 किलोमीटर लंबी एटी-03 साउथ बाउंड टनल ट्रैफिक के लिए लगभग तैयार हो चुकी है। ₹846 करोड़ की लागत से बनी यह टनल पंथ्याल को डिगडूल से जोड़ती है और अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू होने से पहले खोले जाने की उम्मीद है। इसके खुलने से दशकों से खतरनाक माने जाने वाले 'खूनी नाला' और पंथ्याल मार्ग को दरकिनार कर यात्री सुरक्षित और हर मौसम में उपयोगी वैकल्पिक मार्ग से आवाजाही कर सकेंगे।
परियोजना का विवरण और लागत
सरला प्रोजेक्ट वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित इस टनल की कुल लागत ₹846 करोड़ है। टनल की लंबाई 3.5 किलोमीटर है और यह जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे के सबसे महत्त्वपूर्ण बुनियादी ढाँचा प्रोजेक्टों में गिनी जाती है। सरला लिमिटेड के टेक्निकल मैनेजर हरीश कुंजा ने बताया, "मुख्य काम पूरा हो चुका है और फिनिशिंग व सपोर्ट का काम अभी चल रहा है, लेकिन यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से ट्रैफिक मूवमेंट के लिए लगभग तैयार है।"
'खूनी नाला' और पंथ्याल: दशकों पुरानी चुनौती
कई दशकों से 'खूनी नाला' और पंथ्याल वाले हाईवे खंड सबसे जोखिम भरे माने जाते रहे हैं। मानसून के मौसम में यहाँ भूस्खलन, पत्थर गिरने, अचानक बाढ़ और लंबे ट्रैफिक जाम की समस्याएँ आम रही हैं। स्थानीय निवासी नरेश सिंह ने कहा, "खूनी नाला में आज भी पत्थर गिर रहा है, ऐसे में इस टनल के खुलने से उस हादसे वाले रास्ते से होकर गुजरना नहीं पड़ेगा।" यह टनल उन्हीं खतरनाक खंडों को पूरी तरह बाईपास कर देती है।
अमरनाथ यात्रा 2026 पर असर
अधिकारियों के अनुसार एटी-03 टनल अमरनाथ यात्रा 2026 के दौरान निर्णायक भूमिका निभाएगी। जम्मू से श्रीनगर के बीच आवाजाही करने वाले हज़ारों तीर्थयात्रियों को इस टनल से सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद मार्ग मिलेगा। साथ ही हाईवे पर भीड़भाड़ में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
स्थानीय प्रतिक्रिया और व्यापक लाभ
स्थानीय निवासियों, ट्रांसपोर्टरों और पर्यटकों ने इस परियोजना को 'गेम-चेंजर' बताया है। उनका कहना है कि इससे सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, व्यापार सुगम होगा और पूरे क्षेत्र में साल भर निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। यह टनल जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढाँचे के आधुनिकीकरण और कनेक्टिविटी सुधार की दिशा में सरकार के चल रहे प्रयासों की एक और कड़ी है।
आगे क्या
फिनिशिंग और सपोर्ट कार्य पूरा होते ही टनल को आधिकारिक रूप से खोला जाएगा। अगले कुछ दिनों में उद्घाटन की उम्मीद है। यह परियोजना जम्मू-श्रीनगर हाईवे के समग्र आधुनिकीकरण अभियान की दिशा में एक मील का पत्थर मानी जा रही है, और आने वाले समय में इस कॉरिडोर पर यात्रा की प्रकृति बदलने में अहम भूमिका निभाएगी।